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PPF vs SCSS vs SSY: आपके लिए कौन-सी सरकारी स्कीम है सबसे बेहतर? जानें फर्क​

महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश के लिए सरकारी बचत योजनाएं लोगों के लिए अहम विकल्प बनी हुई हैं. 2026 में पीपीएफ पर 7.1%, जबकि एससीएसएस और सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है. हालांकि सिर्फ ब्याज दर देखकर निवेश का फैसला करना सही नहीं होगा, क्योंकि तीनों योजनाओं का […]

महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश के लिए सरकारी बचत योजनाएं लोगों के लिए अहम विकल्प बनी हुई हैं. 2026 में पीपीएफ पर 7.1%, जबकि एससीएसएस और सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है. हालांकि सिर्फ ब्याज दर देखकर निवेश का फैसला करना सही नहीं होगा, क्योंकि तीनों योजनाओं का उद्देश्य अलग है. पीपीएफ लंबे समय में पैसा बनाने और रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए है, एससीएसएस वरिष्ठ नागरिकों को नियमित आय देने के लिए और एसएसवाई बेटी के भविष्य के लिए बचत करने की योजना है. चलिए समझते हैं कि आपके लिए कौनसी स्कीम सही रहेगी.

पीपीएफ: लंबी अवधि में पैसा बनाने का विकल्प

पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ लंबे समय तक नियमित बचत और रकम जुटाने के लिए बनाई गई सरकारी योजना है. इसमें 15 साल की अवधि होती है, जिसे 55 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ाया जा सकता है. 8 अगस्त 2026 के अनुसार इस पर 7.1% सालाना ब्याज मिल रहा है और ब्याज सालाना चक्रवृद्धि आधार पर जुड़ता है. इसमें न्यूनतम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये सालाना जमा किए जा सकते हैं. यह उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो लंबी अवधि में बचत करना और रिटायरमेंट के लिए बड़ा फंड तैयार करना चाहते हैं.

एससीएसएस: रिटायरमेंट के बाद नियमित आय

सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम यानी एससीएसएस खास तौर पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए है. इसमें 60 साल या उससे अधिक उम्र के लोग लागू नियमों के तहत निवेश कर सकते हैं. 8 अगस्त 2026 को इसकी ब्याज दर 8.2% सालाना है और ब्याज का भुगतान तिमाही आधार पर किया जाता है. इसकी शुरुआती अवधि 5 साल है, जिसे 3 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है. इसमें अधिकतम 30 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है. इसलिए यह योजना रिटायरमेंट के बाद नियमित और अनुमानित आय चाहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए ज्यादा सही है.

सुकन्या समृद्धि: बेटी के भविष्य के लिए बचत

सुकन्या समृद्धि योजना यानी एसएसवाई खास तौर पर बेटी के भविष्य के लिए बनाई गई है. इसमें 10 साल से कम उम्र की बच्ची के नाम पर मातापिता या अभिभावक खाता खोल सकते हैं. 8 अगस्त 2026 के अनुसार इस योजना पर 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है और ब्याज चक्रवृद्धि आधार पर जुड़ता है. इसमें हर साल कम से कम 250 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं. खाते की अवधि 21 साल है और नियमों के तहत उच्च शिक्षा के लिए आंशिक निकासी की सुविधा भी उपलब्ध है.

तीनों योजनाओं में सबसे बड़ा अंतर

पीपीएफ, एससीएसएस और एसएसवाई तीनों सरकारी समर्थित और बहुत कम जोखिम वाली बचत योजनाएं हैं, लेकिन इनके लक्ष्य अलग हैं. पीपीएफ लंबी अवधि की बचत और संपत्ति बनाने के लिए बेहतर विकल्प है, जबकि एससीएसएस रिटायरमेंट के बाद नियमित आय पर ज्यादा ध्यान देती है. वहीं एसएसवाई बेटी की शिक्षा और भविष्य के लिए रकम तैयार करने पर केंद्रित है. पीपीएफ और एसएसवाई में ब्याज सालाना चक्रवृद्धि आधार पर जुड़ता है, जबकि एससीएसएस में ब्याज तिमाही भुगतान के रूप में मिलता है.

PPF vs SCSS vs SSY: मुख्य अंतर एक नजर में

फीचर PPF SCSS SSY
योजना का प्रकार लंबी अवधि की सरकारी बचत और निवेश योजना सरकारी समर्थित रिटायरमेंट आय योजना
सरकारी समर्थित बेटी के लिए बचत योजना
मुख्य उद्देश्य लंबे समय में फंड बनाना और रिटायरमेंट प्लानिंग रिटायरमेंट के बाद नियमित आय
बेटी के भविष्य के लिए फंड तैयार करना
पात्रता भारतीय निवासी व्यक्ति 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक
10 साल से कम उम्र की बेटी के लिए मातापिता/अभिभावक
ब्याज दर 7.1% सालाना 8.2% सालाना 8.2% सालाना
अवधि 15 साल, फिर 55 साल बढ़ा सकते हैं 5 साल, फिर 3 साल बढ़ा सकते हैं
खाता खुलने से 21 साल
न्यूनतम निवेश ₹500 सालाना ₹1,000 ₹250 सालाना
अधिकतम निवेश ₹1.5 लाख सालाना ₹30 लाख ₹1.5 लाख सालाना
ब्याज भुगतान सालाना चक्रवृद्धि तिमाही भुगतान सालाना चक्रवृद्धि
टैक्स लाभ योगदान, ब्याज और मैच्योरिटी पर लागू नियमों के अनुसार टैक्स लाभ धारा 80C के तहत सीमा के अनुसार लाभ, ब्याज पर लागू नियमों के अनुसार टैक्स
योगदान, ब्याज और मैच्योरिटी पर लागू नियमों के अनुसार टैक्स लाभ
जोखिम बहुत कम, सरकार समर्थित बहुत कम, सरकार समर्थित
बहुत कम, सरकार समर्थित
मार्केट से जुड़ाव शेयर बाजार से जुड़ा नहीं बाजार से जुड़ा नहीं बाजार से जुड़ा नहीं
निकासी सुविधा नियमों के तहत लोन और आंशिक निकासी शर्तों के तहत समय से पहले बंद कर सकते हैं
उच्च शिक्षा के लिए नियमों के तहत आंशिक निकासी
अवधि बढ़ाने की सुविधा मैच्योरिटी के बाद उपलब्ध मैच्योरिटी के बाद एक बार उपलब्ध उपलब्ध नहीं
किसके लिए बेहतर लंबी अवधि की बचत और रिटायरमेंट फंड बनाने वालों के लिए रिटायरमेंट के बाद नियमित आय चाहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए
बेटी के भविष्य की योजना बनाने वाले परिवारों के लिए
मुख्य कमी लंबी लॉकइन अवधि और बचत के दौरान नियमित आय नहीं सीमित पात्रता और ब्याज आय पर टैक्स
लंबी लॉकइन अवधि और निश्चित उद्देश्य

किसके लिए कौन सी योजना?

अगर आपका लक्ष्य लंबे समय में पैसा जमा करना और रिटायरमेंट के लिए फंड बनाना है, तो पीपीएफ आपके उद्देश्य के अनुरूप हो सकता है. वरिष्ठ नागरिकों के लिए नियमित पोस्टरिटायरमेंट आय की जरूरत होने पर एससीएसएस अलग तरह का विकल्प है. वहीं बेटी के भविष्य, शिक्षा और उससे जुड़ी आर्थिक जरूरतों के लिए एसएसवाई बनाई गई है. तीनों योजनाओं में निवेश से पहले अपनी उम्र, जरूरत, रकम की उपलब्धता और निवेश की अवधि को ध्यान में रखना जरूरी है. ब्याज दर, पात्रता, टैक्स नियम और अन्य शर्तें सरकारी नियमों के अनुसार बदल सकती हैं.

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संपादकीय टीम

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