पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को तीसरे वनडे मैच में 4 विकेट से मात दी। इसके साथ ही पाक टीम ने इस सीरीज को 2-1 से अपने नाम किया। इस सीरीज के सभी मुकाबले लो स्कोरिंग रहे। स्लो पिच होने की वजह से दोनों टीमों के बल्लेबाज रन बनाने के लिए बनाने संघर्ष करते हुए दिखे। बल्लेबाजों का हाल ऐसा रहा है कि तीन मैचों में दोनों टीमों के बल्लेबाज मिलकर एक भी शतक नहीं लगा पाए। ऐसे में सीरीज खत्म होने के बाद रिपोर्टर्स ने पाक टीम के कप्तान शाहीन अफरीदी से पिच को लेकर सवाल पूछा। उन्होंने इसका जवाब देते हुए क्या कहा, आइए आपको बताते हैं।
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शाहीन अफरीदी ने धीमी पिच को लेकर क्या कहा?
प्रेस कॉन्फ्रेंस में शाहीन अफरीदी ने कहा कि वर्ल्ड कप में अभी 15 महीने का समय बचा है। हर देश की टीम मैच जीतने के लिए अपनी पसंद और ताकत के हिसाब से पिच तैयार कराती है। वर्ल्ड कप से पहले हमारी टीम वेस्टइंडीज और इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज खेलेगी। हमारे कई खिलाड़ी इन मैचों में खेलेंगे, जिससे उन्हें वर्ल्ड कप की तैयारी करने का अच्छा मौका मिलेगा। जब हम मोहम्मद रिजवान की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया खेलने गए थे, तब हमें वहां हरी घास और तेज उछाल वाली पिचें मिली थीं, फिर भी हमने वह सीरीज जीती। इसलिए, जब ऑस्ट्रेलिया की टीम हमारे यहां खेलने आती है, तो हम उन्हें हरी पिचें नहीं दे सकते, क्योंकि हमारा मकसद भी अपने घरेलू मैदान पर मैच जीतना है।
सीरीज में अपने प्रमुख प्लेयर्स के बिना खेली ऑस्ट्रेलिया की टीम
पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली गई तीन मैचों की वनडे सीरीज में पिच को लेकर काफी बातें हुईं। पाकिस्तान टीम मैनेजमेंट ने जानबूझकर रावलपिंडी और लाहौर में ऐसी पिचें तैयार करवाई जो स्पिनर्स को मदद करे। इसका मकसद मेहमान टीम की कमजोरी का फायदा उठाना था, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया की टीम अपने प्रमुख खिलाड़ियों के बिना वैसे ही कमजोर लग रही थी।
स्लो पिच को लेकर पाकिस्तान में हो रही है बहस
लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में गुरुवार को खेले गए एक लो स्कोरिंग मैच में पाकिस्तान ने जीत दर्ज करने के साथ ही 2-1 से सीरीज अपने नाम कर ली। हालांकि, इस जीत को लेकर अब देश में बहस छिड़ गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या ऐसी धीमी पिचों पर मिली जीत से पाकिस्तान को अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी में कोई मदद मिलेगी? ऐसा इसलिए है क्योंकि वह वर्ल्ड कप दक्षिण अफ्रीका में होना है और वहां की पिचें तेज गेंदबाजों के लिए मददगार होती हैं।
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