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OMG! वाह रे इंसान! भालू बनकर तोड़ डाली अपनी ही गाड़ी, फिर हुआ इंश्योरेंस स्कैम का खुलासा

पहली नजर में यह घटना किसी फिल्म की स्क्रिप्ट जैसी लग सकती है, लेकिन हकीकत इससे भी ज्यादा हैरान करने वाली है. मामला अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य का है, जहां लग्जरी कारों को नुकसान पहुंचाने के लिए एक अनोखी चाल चली गई. इसमें भालू का सहारा लिया गया, लेकिन असल में वह कोई जंगली जानवर नहीं बल्कि एक इंसान था, जिसने भालू की ड्रेस पहन रखी थी. इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब कार मालिकों ने बीमा कंपनियों के सामने दावा किया कि उनकी गाड़ियों पर जंगली भालू ने हमला किया है. उनका कहना था कि भालू कार के अंदर घुस गया और सीटों को बुरी तरह फाड़ डाला, जिससे भारी नुकसान हुआ. इस दावे को मजबूत बनाने के लिए उन्होंने घटना का वीडियो भी जमा कराया. शुरुआत में यह सब कुछ असली प्रतीत हुआ, इसलिए मामला गंभीरता से लिया गया.

OMG! वाह रे इंसान! भालू बनकर तोड़ डाली अपनी ही गाड़ी, फिर हुआ इंश्योरेंस स्कैम का खुलासा
OMG! वाह रे इंसान! भालू बनकर तोड़ डाली अपनी ही गाड़ी, फिर हुआ इंश्योरेंस स्कैम का खुलासा

हालांकि, जांच एजेंसियों को जल्द ही इस कहानी में कुछ गड़बड़ नजर आई. शक होने पर कैलिफोर्निया इंश्योरेंस डिपार्टमेंट ने इस मामले की गहराई से जांच शुरू की और इसे ऑपरेशन बेयर क्लॉ नाम दिया गया. जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, वीडियो की बारीकी से जांच और विशेषज्ञों की मदद ली गई. इन सबके आधार पर सच्चाई धीरे-धीरे सामने आई, जिसने सभी को चौंका दिया. जांच में पता चला कि कथित भालू वास्तव में एक व्यक्ति था, जिसने भालू का कॉस्ट्यूम पहनकर इस पूरी साजिश को अंजाम दिया. घटना 8 जनवरी 2024 की है, जब कैलिफोर्निया के लेक एरोहेड इलाके में आरोपियों ने एक व्यक्ति को भालू के रूप में तैयार करके तीन लग्जरी कारों एक रोल्स-रॉयस घोस्ट और दो मर्सिडीज के अंदर भेजा. उस व्यक्ति ने कारों के अंदरूनी हिस्सों को नुकसान पहुंचाया ताकि यह लगे कि किसी जंगली जानवर ने हमला किया है.

1.2 करोड़ रुपये का फर्जी क्लेम

इतना ही नहीं, आरोपियों ने इस धोखाधड़ी को और विश्वसनीय बनाने के लिए मांस काटने वाले चाकुओं का इस्तेमाल किया. इन चाकुओं से कारों की सीटों और इंटीरियर को जानबूझकर इस तरह काटा गया कि वह किसी जानवर के हमले जैसा दिखाई दे. इसके बाद तीनों आरोपियों ने अलग-अलग बीमा कंपनियों को करीब 1.42 लाख डॉलर, यानी लगभग 1.2 करोड़ रुपये का फर्जी क्लेम भेजा. शुरुआत में यह मामला नॉर्मल बीमा दावे जैसा लग रहा था, लेकिन जांच के दौरान जैसे-जैसे सबूत सामने आए, पूरी कहानी बदल गई. 2024 में ही अधिकारियों को इस पर संदेह हो गया था, जिसके बाद जांच तेज कर दी गई. आखिरकार नवंबर 2024 में चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया.

इस मामले में अल्फिया जकरमैन, रूबेन टैमरज़ियन और वाहे मुरादखान्यान को दोषी पाया गया. इन तीनों ने गंभीर बीमा धोखाधड़ी के आरोपों को स्वीकार करते हुए नो कॉन्टेस्ट की दलील दी. अप्रैल 2026 में अदालत ने इन्हें सजा सुनाई. कोर्ट ने तीनों को 180 दिनों की जेल की सजा दी, जिसे वीकेंड जेल प्रोग्राम के तहत पूरा किया जाएगा. इसके अलावा उन्हें दो साल की प्रोबेशन पर भी रखा गया है और नुकसान की भरपाई करने का आदेश दिया गया है. बताया गया कि इनमें से दो आरोपियों को 50,000 डॉलर से अधिक की राशि वापस करनी होगी. वहीं चौथे आरोपी, अरारात चिरकिनियन के खिलाफ मामला अभी भी अदालत में विचाराधीन है और उस पर फैसला आना बाकी है.

इस पूरे मामले पर कैलिफोर्निया के इंश्योरेंस कमिश्नर ने भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यह मामला जितना अजीब लग रहा था, वास्तव में उतना ही असामान्य था. लेकिन जांच एजेंसियों की सतर्कता और मेहनत के कारण सच्चाई सामने आ सकी और दोषियों को सजा मिल पाई. यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि चाहे योजना कितनी भी चतुराई से बनाई गई हो, कानून से बच पाना आसान नहीं है.

यहां देखिए वीडियो

khabarmonkey@gmail.com

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