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रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को चाय-बिस्किट खिलाकर लूटने वाले ‘थीफ कपल’ की कहानी, अब वाराणसी से अरेस्ट​

Varanasi thief couple arrested: वाराणसी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को नशीली दवा खिलाकर लूटपाट करने वाले एक शातिर कपल को आरपीएफ और क्राइम इंटेलिजेंस ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार किया है. आरोपी पिछले कई सालों से इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे थे. पुलिस के मुताबिक, दोनों पिछले चार साल से लिवइन रिलेशनशिप […]

Varanasi thief couple arrested: वाराणसी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को नशीली दवा खिलाकर लूटपाट करने वाले एक शातिर कपल को आरपीएफ और क्राइम इंटेलिजेंस ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार किया है. आरोपी पिछले कई सालों से इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे थे. पुलिस के मुताबिक, दोनों पिछले चार साल से लिवइन रिलेशनशिप में रह रहे हैं और कई बार जेल जाने के बावजूद अपराध की दुनिया नहीं छोड़ रहे हैं.

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राम दयाल मिश्रा और ज्योति यादव के रूप में हुई है. जांच में सामने आया कि दोनों वाराणसी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को निशाना बनाते थे. वे पहले अकेले या असहाय यात्रियों से दोस्ती करते, उनका विश्वास जीतते और फिर चाय, बिस्किट या अन्य खानेपीने की चीजों में नशीला पदार्थ मिलाकर उन्हें बेहोश कर देते थे. इसके बाद नकदी, मोबाइल, जेवर और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो जाते थे.

कैसे पुलिस आरोपियों तक पहुंची?

आरपीएफ के अनुसार, दोनों आरोपियों की तलाश 13 जून को हुई एक जहरखुरानी और लूट की घटना में की जा रही थी. इस मामले में झारखंड निवासी शोभा देवी वाराणसी रेलवे स्टेशन पहुंची थीं. आरोप है कि राम दयाल और ज्योति ने उनसे बातचीत कर विश्वास कायम किया और फिर चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया. महिला के बेहोश होते ही आरोपी उसके जेवर और लाखों रुपये मूल्य का सामान लेकर फरार हो गए.

घटना के बाद आरपीएफ और सीआईबी ने मामले की जांच शुरू की. रेलवे स्टेशन और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई. साथ ही सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की पहचान की गई. काफी दिनों तक निगरानी के बाद संयुक्त टीम ने दोनों को वाराणसी रेलवे स्टेशन के बाहर से गिरफ्तार कर लिया.

पूछताछ में पुलिस को पता चला कि दोनों शातिर अपराधी हैं और उनके खिलाफ जहरखुरानी, चोरी और लूटपाट से जुड़े आधा दर्जन से अधिक मामले पहले से दर्ज हैं. दोनों कई बार जेल भी जा चुके हैं, लेकिन जेल से छूटने के बाद फिर इसी अपराध में सक्रिय हो जाते थे.

क्या बोले पुलिस अधिकारी?

आरपीएफ प्रभारी राजोल नागर ने बताया कि आरोपियों का तरीका बेहद सुनियोजित था. वे पहले यात्रियों से बातचीत कर उन्हें अपने विश्वास में लेते थे. इसके बाद चाय, बिस्किट या अन्य खाद्य पदार्थों में नशीला पदार्थ मिलाकर खिलाते थे. जब पीड़ित बेहोश हो जाता था, तब उसका सामान, नकदी और आभूषण लेकर मौके से फरार हो जाते थे.

आरपीएफ ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान किसी भी अंजान व्यक्ति से खानेपीने की वस्तु स्वीकार न करें और संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत रेलवे पुलिस या आरपीएफ को सूचना दें. थोड़ी सी सावधानी ऐसी घटनाओं से बचा सकती है.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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