Uttar Pradesh ATS Arrests Mohammad Sheikh: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव और पंचायत चुनावों की तैयारियां जोरों पर हैं। ठीक इसी माहौल में उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने एक ऐसा खुलासा किया है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चेतावनी है।

आजमगढ़ जिले के निजामाबाद थाना क्षेत्र के खुदादादपुर गांव का निवासी मोहम्मद शेख को एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि वह पाकिस्तान स्थित कुख्यात गैंगस्टर-टर्न्ड-टेरर ऑपरेटिव शहजाद भट्टी के ISI-समर्थित आतंकी नेटवर्क का हिस्सा था और यूपी की एक प्रमुख महिला राजनीतिक नेत्री की हत्या की साजिश रच रहा था।
इस गिरफ्तारी ने सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने वाले बड़े नेटवर्क को उजागर किया है। ATS के मुताबिक, शेख को ‘ट्रायल मिशन’ के रूप में यह हत्या का टास्क सौंपा गया था। अगर सफल होता, तो उसे बड़े आतंकी ऑपरेशन में शामिल किया जाता।
Who Is Mohammad Sheikh: मोहम्मद शेख कौन है?
मोहम्मद शेख आजमगढ़ का स्थानीय युवक है। जांच एजेंसियों के अनुसार वह पहले से ही धार्मिक कट्टरता की ओर झुका हुआ था। पाकिस्तान और दुबई से संचालित शहजाद भट्टी (Shehjad Bhatti) के नेटवर्क ने उसे सोशल मीडिया के जरिए संपर्क किया। व्हाट्सएप, अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और एन्क्रिप्टेड चैट्स के माध्यम से उसका रेडिकलाइजेशन हुआ।
ATS के अनुसार, शेख शहजाद भट्टी की विचारधारा से पूरी तरह प्रभावित था। वह लगातार ‘जिहाद’ संबंधी बातें करता और अपने आसपास के युवाओं को भी इस नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश कर रहा था। उसके पास से 9 mm पिस्टल, चार जिंदा कारतूस और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है, जिसकी फॉरेंसिक जांच चल रही है।
Who Is Shehjad Bhatti: कौन है शहजाद भट्टी? पाकिस्तान का गैंगस्टर-टर्न्ड-ISI प्रॉक्सी
शहजाद भट्टी पाकिस्तान (लाहौर क्षेत्र) का कुख्यात गैंगस्टर है, जो अब भारतीय एजेंसियों के लिए सबसे वांछित नामों में शामिल हो चुका है। भारतीय खुफिया एजेंसियों का दावा है कि वह ISI का ‘कॉस्ट-इफेक्टिव प्रॉक्सी’ बन चुका है। वह खुद को बिजनेसमैन और रिलीजियस वॉइस के रूप में पेश करता है, लेकिन असल में भारत में युवाओं को रेडिकलाइज करने, स्लीपर सेल बनाने और टारगेट किलिंग-ग्रेनेड अटैक्स की साजिश रचने का काम करता है।
भट्टी का नेटवर्क दुबई, पाकिस्तान और भारत के कई राज्यों (UP, दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, MP आदि) तक फैला हुआ है। उससे जुड़े हैंडलर्स में अजमल गुजर, रजा पाकिस्तानी, अबिद जट्ट जैसे नाम सामने आए हैं। वह ‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH)’ जैसे संगठनों के प्रचार और ऑपरेशन्स का मास्टरमाइंड भी बताया जाता है।
पिछले कुछ महीनों में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल, महाराष्ट्र ATS, UP ATS-STF और NIA की कई कार्रवाइयों में भट्टी का नाम बार-बार आया है। उसके नेटवर्क पर युवाओं को पैसे का लालच, धार्मिक भावनाएं भड़काकर और सोशल मीडिया प्रोपगैंडा के जरिए प्रभावित करने का आरोप है।
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कौन महिला नेता टारगेट पर? साजिश का खुलासा
ATS जांच के मुताबिक, शेख को शहजाद भट्टी के नेटवर्क ने पहला बड़ा मिशन सौंपा था। यूपी की एक प्रमुख महिला राजनीतिक नेत्री की हत्या। शेख ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी थी। पिस्टल और कारतूस की व्यवस्था कर ली गई थी। अगर, यह मिशन सफल होता, तो उसे बड़े आतंकी ऑपरेशन (सुरक्षा एजेंसियों, राजनीतिक दलों के दफ्तरों या सैन्य ठिकानों पर हमला) में शामिल किया जाता।
यह खुलासा इसलिए बेहद गंभीर है, क्योंकि इससे साफ होता है कि पाकिस्तान समर्थित नेटवर्क अब राजनीतिक हस्तियों को भी सीधे निशाना बनाने की रणनीति अपना चुके हैं। 2027 चुनावों से पहले यह साजिश UP की राजनीतिक स्थिरता को भंग करने की कोशिश हो सकती है।
मॉडस ऑपरेंडी: सोशल मीडिया से स्लीपर सेल तक
भट्टी का नेटवर्क मुख्य रूप से सोशल मीडिया का इस्तेमाल करता है। बेरोजगार या प्रभावित युवाओं को पहचानकर उन्हें संपर्क किया जाता है। पहले हल्की-फुल्की बातें, फिर धार्मिक कट्टरता, जिहाद की अपील और आखिर में पैसे का लालच।
शेख भी इसी तरीके से शामिल हुआ। वह खुद अन्य युवाओं को रिक्रूट करने की कोशिश कर रहा था। ATS को इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और ह्यूमन इंटेलिजेंस से इन गतिविधियों की जानकारी मिली। पूरे नेटवर्क पर नजर रखी गई और शेख को गिरफ्तार कर लिया गया।
नेटवर्क के टारगेट्स में शामिल थे:
राजनीतिक नेताओं की हत्या
सुरक्षा एजेंसियों और उनके दफ्तरों पर हमला
राजनीतिक दलों के कार्यालयों में बम ब्लास्ट
संवेदनशील स्थानों की रेकी
कानूनी कार्रवाई क्या हुई? किन धाराओं में FIR?
ATS ने मोहम्मद शेख के खिलाफ BNS की धाराएं 148, 152, 61(2), Arms Act की 3/25 और UAPA की धारा 18 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। एजेंसी पुलिस कस्टडी रिमांड लेने की तैयारी में है।
मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच से विदेशी हैंडलर्स, चैट रिकॉर्ड्स और अन्य सहयोगियों का पता लगाया जा रहा है। ATS का फोकस इस बात पर है कि शेख के संपर्क में कितने युवा थे और नेटवर्क UP के अलावा अन्य राज्यों तक कितना फैला है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबक
यह गिरफ्तारी UP ATS की बड़ी सफलता है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। पाकिस्तान-ISI अब पारंपरिक घुसपैठ के बजाय सस्ता और असरदार तरीका अपना रहा है। सोशल मीडिया के जरिए युवा दिमागों को बर्बाद करना।
शहजाद भट्टी जैसे ऑपरेटिव्स को ISI ‘डिनायेबल प्रॉक्सी’ के रूप में इस्तेमाल कर रही है। Lawrence Bishnoi गैंग से लेकर TTH तक, क्राइम और टेरर का गठजोड़ बढ़ता जा रहा है। ATS की यह कार्रवाई समय पर हुई है। पूछताछ से अगर और बड़े नाम सामने आए तो UP और देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का मौका मिलेगा। मोहम्मद शेख की रिमांड याचिका पर सुनवाई जारी। ATS पूछताछ में अन्य सहयोगियों के नाम उगलवाने की कोशिश कर रही है। शहजाद भट्टी के नेटवर्क पर देशभर की एजेंसियां सतर्क हैं।











