एलपीजी का यूज करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. सरकार ने लोगों को राहत देते हुए कहा है कि देश में ईंधन सप्लाई की कोई कमी नहीं है. पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और नेचुरल गैस का पर्याप्त भंडार देश में मौजूद है और किसी भी पेट्रोल पंप या गैस एजेंसी पर सप्लाई संकट जैसी स्थिति नहीं है. इसी के साथ ऑयल कंपनियों ने भी एक बड़ी जानकारी एलपीजी बुकिंग पर दी है, जिसे आपको जरूर चेक कर लेना चाहिए.
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देशभर में फ्यूल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से आम लोगों की चिंता बढ़ गई है. अब एलपीजी और सीएनजी की कीमतों को लेकर भी उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि रेट में बढ़ोतरी हो सकती है. दिल्ली में एक ही हफ्ते में सीएनजी की कीमतों में दो बार इजाफा हो चुका है. ऐसे में यह आशंका है कि घरेलू गैस (एलपीजी) और पाइपलाइन वाली प्राकृतिक गैस (PNG) की कीमतें भी जल्द बढ़ सकती हैं. दूसरी ओर, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी हाल ही में फिर बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम आदमी की जेब पर दोहरा बोझ पड़ रहा है. ट्रांसपोर्ट, रसोई और रोजमर्रा की जरूरतों की लागत बढ़ने से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है.
ऑयल डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों ने हाल ही में पेट्रोल और डीजल के दाम में करीब 90 पैसे प्रति लीटर का इजाफा किया है. एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी बार है जब ईंधन महंगा हुआ है.नई बढ़ी हुई कीमतों के बाद दिल्ली में पेट्रोल 98.64 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91.58 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. वहीं, मुंबई में पेट्रोल की कीमत 107.59 रुपये और डीजल 94.08 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है. चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 104.49 रुपये और डीजल 96.11 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है.
इससे पहले पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी की वजह बताते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहा संकट ढाई महीने से ज्यादा समय से जारी है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति अभी भी सामान्य नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और एलपीजी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है, जिसका सीधा असर भारत के क्रूड ऑयल, एलपीजी और गैस आयात पर भी पड़ रहा है.
ऑयल डिस्ट्रिबुशन कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है. अधिकारियों के अनुसार तेलंगाना में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य रूप से जारी है और लोगों को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है. उन्होंने यह भी बताया कि मौजूदा मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त रिजर्व मौजूद हैं, जिससे सप्लाई पर किसी तरह का असर नहीं पड़ेगा.
रिपोर्ट के अनुसार, तेल कंपनियों ने आश्वासन दिया है कि वे ईंधन की आपूर्ति की स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं और जरूरतमंद इलाकों में तेजी से सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए विशेष कदम उठा रही हैं. कंपनियों ने बताया कि मई के पहले हफ्ते में ही पेट्रोल की आपूर्ति सामान्य स्तर से 14.2 प्रतिशत और डीजल की आपूर्ति 15.7 प्रतिशत बढ़ गई है, जिससे बाजार में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहेगा.
अधिकारियों ने बताया कि गर्मी बढ़ने के कारण घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग में मामूली कमी दर्ज की गई है. उच्च तापमान के चलते लोगों ने अग्रिम बुकिंग कम कर दी है। जानकारी के अनुसार, इस महीने की शुरुआत से अब तक तेलंगाना में कुल 20.06 लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति की जा चुकी है. अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आपूर्ति मौसमी मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है.
तेल कंपनियां ईंधन आपूर्ति में ट्रांसपरेंसी बढ़ाने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) प्रोसेस को लगातार बढ़ावा दे रही हैं. अधिकारियों के अनुसार यह OTP आधारित व्यवस्था यह सुनिश्चित करती है कि गैस सिलेंडर सही और वास्तविक उपभोक्ताओं तक ही पहुंचे. उन्होंने बताया कि वर्तमान में तेलंगाना में 95 प्रतिशत से अधिक एलपीजी डिलीवरी इसी DAC प्रोसेस के माध्यम से की जा रही.
वहीं दूसरी ओर, ऑयल डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों ने लोगों से ईंधन की कमी से जुड़ी अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि उपभोक्ता केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें, क्योंकि राज्य में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह नियंत्रण में है. हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों और कच्चे तेल की कीमतों में हो रहे बदलावों के चलते आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.





