उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में बीते दिन पुलिस एनकाउंटर में मारे गए कमलेश चौधरी का शव आज पोस्टमार्टम के बाद उसके परिवार को सौंप दिया गया. शव का अंतिम संस्कार करने से पहले परिजन गांव ले गए थे. उसके बाद पुलिस अंतिम संस्कार के लिए शव वाली गाड़ी को जल्दी-जल्दी बढ़ना चाहती थी, लेकिन इसी दौरान गांव की महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा. महिलाओं ने पहले महिला पुलिस के साथ हाथापाई की और उसके बाद पथराव कर दिया, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

महिलाओं और ग्रामीणों के द्वारा ईट और पत्थर फेंके जाने के दौरान पुलिसकर्मील खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे. महिलाओं ने कई पुलिसकर्मियों को पकड़कर पीट दिया. इस दौरान क्षेत्राधिकारी सदर शेखर सेंगर के सिर पर भी एक ईंट लगा और उनके सिर से खून बहने लगा. इसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें किसी तरह से भीड़ से निकाल कर किनारे किया.
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पुलिस कर रही थी जल्दी
इस दौरान पुलिसकर्मी, जो करीब 100 मीटर आगे अपनी-अपनी गाड़ी खड़ी किए थे, हंगामा होते ही सभी पुलिसकर्मी की गाड़ी अचानक से गायब हो गई. कई पुलिसकर्मियों ने आसपास के घरों में छिपकर अपनी जान बचाई. इस दौरान महिलाएं और गुस्साए लोगों ने कई घरों को बाहर से घेर लिया.
गुस्साए परिजनों ने कर दिया पथराव
दरअसल, 29 मई की रात सदर कोतवाली के गौसाबाद स्थित बिंदु होटल के मालिक के बेटे विनीत राय की अपराधियों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. जिसमें शंकर पांडे, कमलेश चौधरी सहित चार लोगों को नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था. हत्याकांड के बाद से सभी नामजद आरोपी फरार चल रहे थे.
एनकाउंटर में मारा गया था आरोपी
आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की कई टीमें बिहार और पूर्वांचल के अलग-अलग जनपदों में छापेमारी कर रही थीं. इस दौरान हत्याकांड में शामिल कई अपराधियों को चिंहित कर हिरासत में लेने का काम किया, लेकिन मुख्य आरोपी शंकर पांडे, जो अभी तक पुलिस की आंखों से कोसों दूर नजर आ रहा था वो बुधवार की शाम करीब 7 बजे पुलिस ने शंकर का एनकाउंटर कर दिया.












