कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने वित्त वर्ष 202526 के लिए 8.25% ब्याज की प्रोसेसिंग शुरू कर दी है. उम्मीद है कि 15 जुलाई तक यह ब्याज कर्मचारियों की EPF पासबुक में दिखाई देने लगेगा. हालांकि, कई नौकरीपेशा लोगों के मन में सवाल रहता है कि जब ब्याज की गणना हर महीने होती है, तो वह हर महीने खाते में क्यों नहीं दिखता? आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं.

हर महीने नहीं, साल में एक बार खाते में जुड़ता है ब्याज
अक्सर लोगों को लगता है कि अगर EPF पर 8.25% सालाना ब्याज मिलता है, तो हर महीने करीब 0.69% ब्याज सीधे खाते में जमा हो जाता होगा. लेकिन यह धारणा सही नहीं है.असल में EPFO हर महीने आपके PF खाते में मौजूद बैलेंस पर ब्याज की गणना जरूर करता है, लेकिन उसे हर महीने आपके खाते में जमा नहीं करता. पूरे वित्त वर्ष में जितना ब्याज बनता है, उसे साल खत्म होने के बाद एक साथ खाते में क्रेडिट किया जाता है. इसलिए बीच साल में पासबुक देखने पर ब्याज नहीं दिखता, जबकि आपकी रकम पर लगातार ब्याज जुड़ता रहता है.
उदाहरण से समझिए कैसे होता है कैलकुलेशन
मान लीजिए कि 1 अप्रैल को आपके PF खाते में 5 लाख रुपये हैं. आप और आपका नियोक्ता मिलकर हर महीने 10,000 रुपये जमा करते हैं. ऐसे में अप्रैल महीने का ब्याज 5 लाख रुपये पर निकलेगा. मई में नया योगदान जुड़ने के बाद बैलेंस बढ़ जाएगा और अब ब्याज पहले से ज्यादा राशि पर निकलेगा.
यही प्रक्रिया पूरे साल चलती रहती है. हर महीने नया योगदान जुड़ने से मूल राशि बढ़ती जाती है और अगले महीने उसी बढ़ी हुई रकम पर ब्याज की गणना होती है. यही वजह है कि आपका PF फंड धीरेधीरे तेजी से बढ़ता है.
कंपाउंडिंग का मिलता है बड़ा फायदा
अगर पूरे साल में आप और आपका नियोक्ता मिलकर 1.2 लाख रुपये जमा करते हैं, तो ब्याज सिर्फ शुरुआती बैलेंस पर नहीं, बल्कि हर महीने बढ़ते बैलेंस के हिसाब से अलगअलग निकाला जाता है. यही चक्रवृद्धि का असर है.
TeamLease Services के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बालासुब्रमण्यम ए के अनुसार, हर नया योगदान जिस महीने जमा होता है, उसी महीने से उस पर ब्याज की गणना शुरू हो जाती है. हालांकि यह ब्याज साल में एक बार खाते में दिखाई देता है, इसलिए कई लोगों को लगता है कि बीच में उनके PF पर कोई रिटर्न नहीं मिल रहा.
EPF अब भी सबसे बेहतर रिटायरमेंट स्कीम
विशेषज्ञों का कहना है कि EPF आज भी भारत में सबसे भरोसेमंद रिटायरमेंट सेविंग विकल्पों में से एक है. 8.25% का सालाना रिटर्न कई पारंपरिक फिक्स्ड इनकम निवेश विकल्पों से बेहतर माना जाता है. इसके अलावा इसमें टैक्स लाभ और नियोक्ता का योगदान भी मिलता है, जिससे आपकी बचत और तेजी से बढ़ती है.अगर कोई कर्मचारी 25 से 30 साल तक नियमित रूप से PF में योगदान करता है, तो रिटायरमेंट तक उसके पास बड़ा कॉर्पस तैयार हो सकता है.
इन बातों का रखें ध्यान
कर्मचारियों को समयसमय पर अपनी EPF पासबुक चेक करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नियोक्ता हर महीने समय पर PF जमा कर रहा है. अगर कंपनी PF जमा करने में देरी करती है, तो उस योगदान पर ब्याज मिलने का समय भी प्रभावित हो सकता है.
क्या है सबसे जरूरी बात?
EPF का ब्याज हर महीने आपके खाते में दिखाई नहीं देता, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आपकी बचत नहीं बढ़ रही. EPFO हर महीने बढ़ते बैलेंस पर ब्याज की गणना करता है और पूरे साल का ब्याज एक साथ आपके खाते में जमा करता है. नियमित योगदान, लंबी अवधि तक निवेश और कंपाउंडिंग की ताकत ही EPF को रिटायरमेंट के लिए सबसे मजबूत बचत योजनाओं में से एक बनाती है.