Delhi SIR Protest: गांधी जयंती के मौके पर शुक्रवार, 2 अक्टूबर को दिल्ली का जंतरमंतर Special Intensive Revision और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन का केंद्र बना हुआ है।

दिल्ली पुलिस की ओर से प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के बावजूद प्रदर्शनकारी और विपक्षी नेता जंतरमंतर पहुंच रहे हैं। इसी दौरान RJD सांसद मनोज झा ने पुलिस की अनुमति पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर प्रदर्शन करने के लिए अनुमति की जरूरत क्यों होनी चाहिए। वहीं, जंतरमंतर पहुंचे AAP नेता सौरभ भारद्वाज को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
जंतरमंतर पर मनोज झा ने क्या कहा?
जंतरमंतर पर RJD सांसद मनोज झा ने प्रदर्शन के लिए अनुमति के सवाल पर कहा, “उन्हें शर्म आनी चाहिए… क्या प्रदर्शन करने के लिए अनुमति की जरूरत होती है? आखिर यह गांधी का देश है। आज गांधी जयंती है।”
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह खुद प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे हैं, तो मनोज झा ने कहा, “बिल्कुल!” इसके बाद उन्होंने कहा कि देश को पुलिस स्टेट में बदल देने के बावजूद ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह अपने गलत कामों को छिपा नहीं पाएंगे।
मनोज झा के ये बयान ऐसे समय आए हैं जब जंतरमंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस ने अनुमति नहीं दी है। प्रदर्शन का आह्वान SIR और चुनाव आयोग के कामकाज से जुड़े मुद्दों को लेकर किया गया है।
जंतरमंतर पहुंचे सौरभ भारद्वाज, पुलिस ने लिया हिरासत में
AAP की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज भी प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जंतरमंतर पहुंचे। यहां पुलिस ने उन्हें और पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई जब नई दिल्ली जिले में प्रदर्शन और भीड़ को लेकर प्रतिबंध लागू हैं।
प्रदर्शन से पहले AAP नेताओं और अन्य संगठनों की ओर से लोगों से जंतरमंतर पहुंचने की अपील की गई थी। AAP नेता आतिशी और संजय सिंह ने भी 2 अक्टूबर को जंतरमंतर पहुंचने का आह्वान किया था।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति क्यों नहीं दी?
दिल्ली पुलिस ने जंतरमंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए अनुमति देने से इनकार किया है। पुलिस के मुताबिक बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की आशंका को देखते हुए नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। रिपोर्टों के अनुसार करीब 3,000 से 4,000 लोगों के पहुंचने का अनुमान लगाया गया था।
प्रदर्शन के मद्देनजर जंतरमंतर और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग की गई है। नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू किए गए हैं। पुलिस और सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती के साथ संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है।
11 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्रीएग्जिट बंद
प्रदर्शन के कारण दिल्ली मेट्रो ने शुक्रवार को 11 स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट अस्थायी रूप से बंद किए हैं। इनमें जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक और नई दिल्ली समेत कई प्रमुख स्टेशन शामिल हैं। कुछ स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा जारी रखी गई है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी लोगों को जंतरमंतर और आसपास के मार्गों से बचने तथा वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मध्य दिल्ली में कई जगहों पर यातायात प्रतिबंध लगाए गए हैं।
SIR को लेकर क्यों हो रहा प्रदर्शन?
Special Intensive Revision यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और नागरिक समूहों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर जवाबदेही और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग शामिल है।
प्रदर्शनकारियों की ओर से SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग इन आरोपों को स्वीकार नहीं करता है। इसलिए इन आरोपों को संबंधित पक्षों के दावों के तौर पर देखा जाना चाहिए।
मुंबई में भी प्रदर्शन का ऐलान
दिल्ली के अलावा मुंबई में भी 2 अक्टूबर को चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का कार्यक्रम रखा गया है। Cockroach Janta Party ने मुंबई के शिवाजी पार्क से प्रदर्शन और ‘जेल भरो आंदोलन’ का ऐलान किया है। रिपोर्टों के अनुसार वहां भी प्रदर्शन को लेकर पुलिस की अनुमति का मुद्दा सामने आया है।
इस तरह गांधी जयंती के दिन SIR और चुनाव आयोग को लेकर दिल्ली से मुंबई तक विरोध प्रदर्शन का माहौल है। दिल्ली में मनोज झा के बयान और सौरभ भारद्वाज की हिरासत के बाद जंतरमंतर का प्रदर्शन राजनीतिक रूप से चर्चा में है। हालांकि प्रदर्शन और उससे जुड़े आरोपों पर सरकार, चुनाव आयोग और प्रदर्शनकारियों के पक्ष अलगअलग हैं।