आजकल कई लोग क्रेडिट कार्ड के जरिए घर का किराया भी भरने लगे हैं. कई मोबाइल ऐप और पेमेंट प्लेटफॉर्म यह सुविधा देते हैं. इससे आपको पेमेंट करने के लिए कुछ दिनों की मोहलत मिल जाती है. कुछ मामलों में रिवॉर्ड पॉइंट्स या कैशबैक भी मिलता है. लेकिन क्या यह हर बार फायदे का सौदा होता है? इसका जवाब है, नहीं. अगर आप भी क्रेडिट कार्ड से किराया देने की सोच रहे हैं, तो पहले इसके फायदे और नुकसान अच्छी तरह समझ लेना जरूरी है.

क्रेडिट कार्ड से किराया देने पर लगती है फीस
जब आप क्रेडिट कार्ड से किराया चुकाते हैं, तो ज्यादातर मामलों में भुगतान किसी थर्ड पार्टी ऐप या प्लेटफॉर्म के जरिए होता है. ये प्लेटफॉर्म 0.5% से 2% या उससे भी ज्यादा कन्वेंस फीस वसूल सकते हैं. इसके अलावा कई बैंक अब किराया भुगतान पर रिवॉर्ड पॉइंट्स या कैशबैक भी नहीं देते. ऐसे में आपको मिलने वाला फायदा पहले जितना आकर्षक नहीं रह गया है.
कब फायदेमंद हो सकता है?
मान लीजिए कि आपका किराया हर महीने की 1 तारीख को देना होता है, लेकिन आपकी सैलरी 5 या 6 तारीख को आती है. ऐसे में क्रेडिट कार्ड से किराया भरना एक अच्छा विकल्प हो सकता है. इससे आपको दोस्तों या रिश्तेदारों से उधार लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी और न ही आपको अपनी इमरजेंसी सेविंग्स तोड़नी पड़ेगी. अगर आप ड्यू डेट से पहले पूरा क्रेडिट कार्ड बिल चुका देते हैं, तो आपको ब्याज भी नहीं देना पड़ेगा.
क्रेडिट कार्ड को लोन नहीं, पेमेंट टूल समझें
एक्सपर्ट्स का कहना है कि क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल भुगतान का माध्यम मानकर करें, न कि उधार लेने का तरीका. अगर आप हर महीने पूरा बिल समय पर चुका देते हैं, तो कैश फ्लो बेहतर रहता है और कुछ मामलों में रिवॉर्ड का फायदा भी मिल सकता है.
बिल पूरा नहीं चुकाया तो बढ़ जाएगा खर्च
अगर आप हर महीने सिर्फ मिनिमम ड्यू भरते हैं और बाकी रकम अगले महीने के लिए छोड़ देते हैं, तो समस्या शुरू हो जाती है. क्रेडिट कार्ड पर लगने वाला ब्याज बाजार में मिलने वाले सबसे महंगे कर्जों में से एक होता है. ऊपर से आपने किराया भरते समय जो कन्वेंस फीस दी थी, वह भी जुड़ जाती है. ऐसे में आपका किराया वास्तविक रकम से कहीं ज्यादा महंगा पड़ सकता है.
हर बैंक के नियम अलग होते हैं
किराया भुगतान से पहले अपने बैंक और क्रेडिट कार्ड के नियम जरूर पढ़ें. कुछ बैंक किराया भुगतान पर रिवॉर्ड पॉइंट्स देते हैं, जबकि कुछ बिल्कुल नहीं देते. कुछ बैंक तो ऐसे ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त शुल्क भी वसूलते हैं. इसलिए भुगतान करने से पहले यह जरूर देखें कि आपको मिलने वाला फायदा, फीस से ज्यादा है या नहीं.