: अयोध्या से चित्रकूट को जोड़ने वाले श्रीराम वन गमन मार्ग के पैकेजदो में निर्माण संबंधी खामियां सामने आने के बाद शासन ने कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नाराजगी के बाद शनिवार को अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय मार्ग प्रयागराज रवींद्र पाल सिंह को निलंबित कर दिया गया।

वहीं अधीक्षण अभियंता राष्ट्रीय मार्ग प्रयागराज ओंकार भारतीय के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की गई है। यह मामला Uttar Pradesh PWD की निगरानी में चल रही सड़क परियोजना से जुड़ा है।
निरीक्षण में सड़क और फ्लाईओवर में गड़बड़ी
राष्ट्रीय मार्ग संख्या731ए के श्रीराम वन गमन मार्ग पैकेजदो का हाल ही में निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण टीम को ग्रीनफील्ड हाईवे के हिस्से में फ्लाईओवर के एप्रोच और गैप में गड़बड़ी मिली।
इसके अलावा करीब 1.5 किलोमीटर तक सड़क किनारे की पटरी में दरारें पाई गईं। लगभग 500 मीटर लंबाई में किए गए सुरक्षात्मक कार्य के क्षतिग्रस्त होने की भी पुष्टि हुई। इन खामियों को Road Construction Defects के तौर पर दर्ज किया गया।
अधिकारियों की निगरानी पर उठे सवाल
निरीक्षण टीम के अनुसार एसई और एक्सईएन ने परियोजना के निर्माण कार्य में अपने पर्यवेक्षण संबंधी दायित्वों का उचित तरीके से पालन नहीं किया। मामले की जांच मुख्य अभियंता वाराणसी वृत्त को सौंपी गई है। निलंबित एक्सईएन रवींद्र पाल सिंह को लखनऊ मुख्यालय स्थित विभागाध्यक्ष कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
सचिव पीडब्ल्यूडी दिव्य प्रकाश गिरि ने निरीक्षण में सामने आई कमियों के आधार पर कार्रवाई के आदेश जारी किए। श्रीराम वन गमन मार्ग की गुणवत्ता को लेकर अब विभागीय जांच होगी।
ठेकेदार कंपनी पर भी एक महीने की रोक
निर्माण में खामियां मिलने के बाद मुख्य अभियंता राष्ट्रीय मार्ग एके जैन ने प्रयागराज के एसई और एक्सईएन पर कार्रवाई की संस्तुति की थी। इससे संबंधित पत्रावली आठ सितंबर को शासन को भेजी गई थी।
साथ ही दिल्ली की ठेकेदार फर्म एसएंडपी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स और स्वतंत्र अभियंता एलएन मालवीय इंफ्रा प्रोजेक्ट के खिलाफ कार्रवाई के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को पत्र भेजा गया था।
मोर्थ ने जारी किया अस्थायी निलंबन आदेश
शनिवार को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधीक्षण अभियंता नार्थदो तनवीर एच. पानीवाला ने एसएंडपी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स के अस्थायी निलंबन का आदेश जारी किया। फर्म को एक महीने तक मोर्थ, एनएचएआई और केंद्र सरकार की ओर से प्रायोजित सड़क परियोजनाओं की बिडिंग में हिस्सा लेने से रोक दिया गया है।
श्रीराम वन गमन मार्ग के निर्माण में सामने आई खामियों के बाद यह कार्रवाई परियोजना की गुणवत्ता और निगरानी को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।