Chitrakoot News: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में 19 वर्षीय देवा द्विवेदी की मौत के बाद मामला गंभीर सवालों के घेरे में है. मृतक के परिजनों ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है. परिवार का आरोप है कि करीब दो महीने पहले देवा के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था. इसके बाद से वह मानसिक दबाव और प्रताड़ना से गुजर रहा था. परिजन इस मुकदमे को गलत बताते हुए कुछ लोगों पर देवा को परेशान करने का आरोप लगा रहे हैं.

पुलिस के अनुसार, 27 सितंबर को देवा की मौत की सूचना मिली थी. सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की बात पुलिस की ओर से कही जा रही है.
परिजनों ने दर्ज कराया मुकदमा
मामले में मृतक के परिजनों की तहरीर के आधार पर मानिकपुर थाने में एक नया मुकदमा भी दर्ज किया गया है. पुलिस के मुताबिक, संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है. पुलिस अब परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों और घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है. परिवार का कहना है कि देवा के खिलाफ दर्ज मुकदमे और उसके बाद कथित तौर पर बने दबाव की भी जांच होनी चाहिए. परिजनों ने मांग की है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि युवक की मौत से पहले की परिस्थितियां क्या थीं और क्या किसी तरह का दबाव या प्रताड़ना इसके पीछे थी.
इस मामले में पुलिस ने फिलहाल किसी भी आरोप को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना है. अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, जांच में सामने आने वाले साक्ष्य और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस कर रही मामले की जांच
चित्रकूट के अपर पुलिस अधीक्षक पीयूष कांत राय ने बताया कि मृतक के परिवार की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है. उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की तस्वीर साफ होगी तथा उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. मामले में अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि देवा की मौत से पहले दर्ज एससी/एसटी एक्ट के मुकदमे, उसके बाद कथित मानसिक दबाव और मौत के बीच कोई संबंध था या नहीं. साथ ही, परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच में सामने आने वाले तथ्यों से ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.