उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में हुए ट्रिपल मर्डर केस का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा. पुलिस ने मृतका बबिता के शव का पोस्टमार्टम तो करा दिया, लेकिन अब उसके ससुराल वालों ने शव लेने से इनकार कर दिया है. ससुराल वालों ने बबिता को बदचलन बताते हुए इस वारदात की सारी जिम्मेदारी उसके ऊपर थोपने की कोशिश की है. हालांकि बबिता की मां ने ससुरालियों के आरोपों का खंडन किया है. फिलहाल मौके पर गहमागहमी की स्थिति बनी हुई है.

पुलिस के मुताबिक ट्रिपल मर्डर के आरोपी मृतक अरविंद के एनकाउंटर के बाद दोनों परिवारों में मतभेद हो गया है. अरविंद के परिवार वालों ने उसकी पत्नी बबिता का शव लेने से साफ मना कर दिया है. इस बात पर बबिता की मां ने सुसराल वालों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. बबीता की मां का आरोप है कि अरविंद के ऊपर उसके भाई की आत्मा आती थी. वह भूत उनके दामाद को परेशान कर रहा था. इस भूत को भगाने के लिए ही बबिता ने घर में अनुष्ठान का आयोजन किया था.
जांच में खुल रही वारदात की परतें
आजमगढ़ के शंभूपुर गहजी गांव में हुइ इस वारदात की परतें अब धीरे धीरे खुल रही हैं. इस वारदात का कनेक्शन सात साल पुराने मर्डर केस और एक रेप केस से भी जुड़ता नजर आ रहा है. दरअसल एनकाउंटर में मारे गए अरविंद सिंह के भाई सुनील सिंह की साल 2019 में हत्या हुई थी. इस मामले में उसके चचेरे भाइयों मनीष और अविनाश के नाम सामने आए थे. इस वारदात से अरविंद की पत्नी बबीता का भी कनेक्शन मिला था. आरोप है कि बबीता का मनीष से अफेयर था. सुनील ने मनीष के खिलाफ चोरी और छेड़खानी की शिकायत भी दर्ज कराई थी.
अरविंद भी पत्नी को मानता था दोषी
भाई की हत्या के लिए अरविंद भी पत्नी बबिता को ही दोषी मानता था. इसी बात को लेकर आए दिन पतिपत्नी में झगड़े भी होते थे. दूसरी ओर, बबीता को लगता था कि सुनील की आत्मा घर में भटक रही है. इसलिए ही उसने घर में पांच दिवसीय महामृत्युंजय पाठ का अनुष्ठान किया था. इसी अनुष्ठान के अंतिम दिन मंगलवार को यह वारदात हुई है. इस वारदात के आरोपी बच्चों को लेकर कमरे में बंद हो गया. बाद में पुलिस ने एनकाउंटर में उसे अरेस्ट किया है.