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Benching Trend in Dating: GEN-Z की डेटिंग की दुनिया में पॉपुलर ‘बेंचिंग’, क्या है ये नया ट्रेंड?​

आज की जनरेशन के बीच रिलेशनशिप के मायने भी काफी बदल चुके हैं. इसी के चलते नएनए ट्रेंड भी पॉपुलर होते रहते हैं, जैसे सिचुएशनशिप, घोस्टिंग, हार्डबॉलिंग, फ्रेंड क्रश, ऑर्बिटिंग, सॉफ्ट लॉन्चिंग. इसी तरह से एक और नया ट्रेंड पॉपुलर हुए है जिसका नाम है ‘बेंचिंग’? दरअसल ये बहुत पहले से ही लोगों के बीच […]

आज की जनरेशन के बीच रिलेशनशिप के मायने भी काफी बदल चुके हैं. इसी के चलते नएनए ट्रेंड भी पॉपुलर होते रहते हैं, जैसे सिचुएशनशिप, घोस्टिंग, हार्डबॉलिंग, फ्रेंड क्रश, ऑर्बिटिंग, सॉफ्ट लॉन्चिंग. इसी तरह से एक और नया ट्रेंड पॉपुलर हुए है जिसका नाम है ‘बेंचिंग’? दरअसल ये बहुत पहले से ही लोगों के बीच चला आ रहा है, जिसे अब जेनजी ने एक नाम दे दिया गया है. दरअसल बेंचिंग में किसी इंसान को बैकअप ऑप्शन के तौर पर रखा जाता है.

‘बेंचिंग’ की सिचुएशन में जो व्यक्ति फंसा हो कई बार बुरी तरह हर्ट हो सकता है. ऐसे में ये समझना जरूरी है कि कहीं आप भी तो किसी के बैकअप ऑप्शन तो नहीं बन रहे हैं. चलिए जान लेते हैं डिटेल में कि क्या होती है बेंचिंग और आप किन संकेतों से पहचानें कि आप बेंचिंग का शिकार हो रहे हैं.

डेटिंग की दुनिया में ‘बेंचिंग’?

जब कोई इंसान किसी को डेट करने या रिश्ते के लिए सेकंड ऑप्शन पर रखता है या बैकअप बनाकर चलता है. ये एक ऐसा तरीका होता है, जिसमें सामने वाले को महसूस होता है कि वो खास है, लेकिन असल में सच्चाई इससे कहीं अलग होती है. ये ऐसा है कि अगर किसी संग रिश्ते में बात नहीं बनी तो फिर सेकंड या बैकअप ऑप्शन को देखा जाएगा. ऐसे कई एग्जांपल आज के टाइम में देखने को मिलते हैं.

सीधे शब्दों में बेंचिंग

बेंचिंग का सीधा मतलब होता है कि जब कोई व्यक्ति किसी इंसान को अपने संभावित रोमांटिक पार्टनर के तौर पर विकल्प बनाकर रखना चाहता है यानी वो इंसान इंताजर की सिचुएशन में रहता है और उसे खुद को ये बात नहीं पता होती है. इसमें सामने वाला न तो आपको छोड़ता है और न ही आपके साथ कमिट रहता है. बस वो आपको स्टैंडबाय पर होल्ड करके रखता है. इसमें आप ऐसे पहचाने सकते हैं कि वो जरूरत पड़ने पर आपको तुरंत याद करते हैं और बाकी टाइम दूरी बनाकर रखते हैं और दूसरों के साथ हैंगआउट करते हैं.

Pexels

आप तो नहीं हो रहे बेंचिंग का शिकार?

ये कैसे पहचाना जा सकता है कि आप बेंचिंग का शिकार हो रहे हैं. इसमें की संकेत होते हैं जैसे मान लीजिए वो अचानक आपसे बात करते हैं और फिर कई दिनों तक कोई बातचीत नहीं होती है. आपको सामने वाला व्यक्ति अचानक महसूस कराता है कि वो आपको लेकर सीरियस हो रहा है या फील करता है, लेकिन फिर वही दूरी वापस आ जाती है. हालांकि जरूरी नहीं है कि देर से मैसेज का रिप्लाई करना या कई दिनों तक दूरी बनाना बेंचिंग ही हो.

व्यवहार के पैटर्न को समझना जरूरी

बस आप इस पैटर्न को समझें. अगर अक्सर ऐसा हो रहा है कि कोई बारबार इंटरेस्ट दिखा रहा है और फिर गायब हो रहा है. कई बार आपकी कोई प्यार भरी स्टोरी या स्टेटस भी लाइक करता है. मिलने का प्लान बनाता है और लास्ट मोमेंट कैंसल कर देता है. बहुत सारी बातें करता है, लेकिन जैसे ही रिलेशनशिप की बात आती है तो बचने लगता है. ऐसे में हो सकता है कि आप किसी का बैकअप ऑप्शन हो. ऐसा फील होने पर आप उलझन में न आएं, बल्कि सामने वाले से सीधे बात करें.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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