एंग्जायटी को हल्के में लेने की गलती नहीं करना चाहिए. कुछ लोग तो समझ ही नहीं पाते हैं कि उन्हें एंग्जायटी की दिक्कत हुई है. बेचैनी या घबराहट के होने पर रात में नींद तक नहीं आती है. यहां हम एंग्जायटी और हार्ट अटैक के लक्षणों में फर्क की बात करने जा रहे हैं. इन दोनों हेल्थ प्रॉब्लम के लक्षण काफी मिलते जुलते हैं. लेकिन अगर ठीक से अंतर को पहचाना न जाए तो स्थिति जानलेवा भी बन सकती है.

एंग्जायटी और हार्ट अटैक दोनों में घबराहट बहुत तेज होती है. इस पर डॉक्टर एस के अग्रवाल से बातचीत की. जानें क्या कहते हैं डॉक्टर….
एक्सपर्ट ने क्या कहा?
डॉक्टर का कहना है कि सीने में दर्द या बेचैनी, सांस फूलना, तेज धड़कन, चक्कर, पसीना और मितली जैसे लक्षण एंग्जायटी या पैनिक अटैक में भी दिखाई दे सकते हैं और हार्ट अटैक में भी. यही वजह है कि केवल लक्षणों के आधार पर दोनों के बीच निश्चित अंतर करना हमेशा संभव नहीं होता.
ऐसे करें फर्क
डॉक्टर अग्रवाल कहते हैं कि एंग्जायटी या पैनिक अटैक के दौरान अचानक तेज घबराहट, डर, दिल की धड़कन बढ़ना, तेज सांस लेना, कंपकंपी, चक्कर या झनझनाहट जैसे लक्षण हो सकते हैं. वहीं, हार्ट अटैक में सीने के बीच में दबाव, जकड़न, भारीपन या असहजता महसूस हो सकती है.
यह परेशानी कुछ मिनटों से अधिक रह सकती है या कम होकर दोबारा लौट सकती है. दर्द या असहजता हाथ, कंधे, पीठ, गर्दन या जबड़े तक भी फैल सकती है. सांस फूलना, ठंडा पसीना, मितली और असामान्य कमजोरी भी चेतावनी संकेत हो सकते हैं.
न करें ये गलतियां
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नए, अचानक या असामान्य सीने के दर्द को केवल एंजाइटी समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. यदि ऐसे लक्षण दिखाई दें, विशेषकर सीने में दबाव या दर्द के साथ सांस फूलना, पसीना, चक्कर या शरीर के ऊपरी हिस्से में दर्द हो, तो तुरंत डॉक्टरी हेल्प लेना जरूरी है. टाइम पर जांच से सही कारण की पहचान की जा सकती है और जरूरत पड़ने पर तत्काल उपचार शुरू किया जा सकता है.