Ankita Bhandari Murder Case: उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखा है।

15 अक्टूबर 2026 को लिखे पत्र में राहुल गांधी ने दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर आपत्ति जताई है।
उन्होंने राष्ट्रपति से केंद्र सरकार को इस नियुक्ति पर पुनर्विचार करने की सलाह देने और सीबीआई जांच पूरी होने तक गौतम को पदभार ग्रहण नहीं करने देने की अपील की है।
राहुल गांधी ने उठाए CBI जांच पर सवाल
राहुल गांधी ने अपने पत्र में अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच की गति पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि सितंबर 2022 में हुई हत्या के चार साल बाद भी कथित वीआईपी की पहचान को लेकर सवाल बने हुए हैं।
राहुल गांधी के मुताबिक, इस मामले में सीबीआई जांच जारी है, लेकिन इसकी रफ्तार धीमी है।
राष्ट्रपति महोदया,
19 साल की अंकिता भंडारी ने एक VIP के लिए अपनी गरिमा से समझौता करने से इनकार किया, जिसके कारण उसकी हत्या कर दी गई। चार साल बाद भी CBI की धीमी जांच के चलते यह सवाल बना हुआ है कि वो VIP कौन था।
अंकिता के परिवार समेत कई लोग मानते हैं कि दुष्यंत गौतम इस मामले से… pic.twitter.com/Rk52Pa4iRz
— Rahul Gandhi October 15, 2026
अंकिता के परिवार सहित अन्य ने उठाया मुद्दा
उन्होंने पत्र में कहा कि अंकिता के परिवार सहित कई लोग दुष्यंत गौतम की कथित भूमिका को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
राहुल गांधी ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच पूरी होने तक राज्यपाल पद पर उनकी नियुक्ति को लेकर पुनर्विचार की मांग की है।
हालांकि, दुष्यंत गौतम पर लगाए गए आरोप अभी सिद्ध नहीं हुए हैं और इन आरोपों को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
राज्यपाल की संवैधानिक सुरक्षा का किया जिक्र
राहुल गांधी ने पत्र में राज्यपाल पद के संवैधानिक प्रावधानों का भी उल्लेख किया है।
उन्होंने आशंका जताई कि राज्यपाल पद पर रहते हुए मिलने वाली संवैधानिक सुरक्षा से संभावित आपराधिक कार्यवाही प्रभावित हो सकती है।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 361 के तहत राज्यपाल के कार्यकाल के दौरान उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू या जारी नहीं की जा सकती।
हालांकि, यह व्यक्तिगत संवैधानिक संरक्षण जांच के हर पहलू या अन्य व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई पर स्वतः रोक नहीं लगाता।
प्रधानमंत्री मोदी पर भी साधा निशाना
राहुल गांधी ने दुष्यंत गौतम की नियुक्ति की सलाह देने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस फैसले से महिलाओं की सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर सवाल उठते हैं।
राहुल गांधी ने संविधान के अनुच्छेद 74 का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति से मंत्रिपरिषद को अपनी सलाह पर पुनर्विचार करने के लिए कहने का आग्रह किया।
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?
उत्तराखंड के ऋषिकेश के पास स्थित वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की सितंबर 2022 में हत्या कर दी गई थी।
मामले में रिसॉर्ट संचालक पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगियों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
इस मामले में कथित वीआईपी की पहचान और उसकी भूमिका को लेकर परिवार लगातार सवाल उठाता रहा है।
अब दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक विवाद फिर तेज हो गया है।