Lucknow News: लखनऊ की अमीनाबाद दवा मंडी में नकली दवाओं और फर्जी बिलिंग के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की जांच में कई प्रतिष्ठानों में गड़बड़ियां सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है. कुल 44 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई हुई है, जबकि पांच फर्मों के मामलों में अभी निर्णय नहीं लिया गया है. लाइसेंस रद्द होने वाले प्रतिष्ठानों में हेल्थ प्लस, एम.के. फार्मा, राम फार्मा, भारत फार्मा और विद्या फार्मा जैसी फर्में शामिल हैं.

14 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द
एफएसडीए ने जांच के आधार पर 14 प्रतिष्ठानों के औषधि लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं. इनमें हेल्थ प्लस, एम.के. फार्मा, राम फार्मा, श्री बांके बिहारी फार्मा, न्यू बाबा फार्मा, छोटा फार्मा, भारत फार्मा, विद्या फार्मा, श्री अशोक फार्मास्युटिक्स, एम.डी.एच. फार्मा, श्री राज राजेश्वर एंटरप्राइजेज और सुपरविजन ट्रेडर्स शामिल हैं.
इसके अलावा मिश्रा एसोसिएट्स के मुख्य प्रतिष्ठान और उसके गोदाम का लाइसेंस भी रद्द किया गया है. जांच सूची के अनुसार, मिश्रा एसोसिएट्स का एक गोदाम बिना लाइसेंस के चल रहा था. विभाग की जांच में कुछ प्रतिष्ठानों के खिलाफ क्रॉसबिलिंग और नकली दवाओं के कारोबार से जुड़े मामले सामने आए थे.
29 फर्मों के लाइसेंस निलंबित
लाइसेंस रद्द करने के अलावा एफएसडीए ने 29 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए हैं. इनमें एस.एस. मेडिको, महालक्ष्मी ट्रेडर्स, ट्रेडमेड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के दो ठिकाने, मेडट्रास मल्टीवर्स, फार्मा सेल्स, सुखमनी फार्मा, बापू मेडिकल हॉल, अनंत एंटरप्राइजेज, संस्कृति फार्मा, ओम साई राम मेडिकोज का गोदाम, रुद्राक्ष फार्मा और दुर्गा डिस्ट्रीब्यूटर्स शामिल हैं.
इसके अलावा भगवती एंटरप्राइजेज, जय श्री महाकाल फार्मास्युटिकल्स, मैक फार्मा, श्री तिरुपति बालाजी एजेंसी, आर.जी. फार्मा, अनंतासिया फार्मा प्राइवेट लिमिटेड, सोनल फार्मा, गायत्री फार्मा एंड सर्जिकल्स, एस.के.जी. मेडिकल्स, मां अम्बे फार्मा, श्री अष्टविनायक फार्मास्युटिकल्स, ए.एस. मेडिकल स्टोर, एस.पी. फार्मा, दूर्वा इंटरनेशनल और आर.एन. फार्मा के लाइसेंस भी निलंबित किए गए हैं. निलंबन की अवधि में ये प्रतिष्ठान दवाओं की खरीदबिक्री नहीं कर सकेंगे. विभाग की जांच में मिली कमियों के आधार पर इनके खिलाफ कार्रवाई की गई है.
5 फर्मों पर अभी फैसला नहीं
एफएसडीए ने पांच अन्य फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था. इनमें विनोद फार्मास्युटिकल्स डिस्ट्रीब्यूटर्स, श्री कृष्णा फार्मास्युटिकल्स डिस्ट्रीब्यूटर्स, राज एंड ब्रदर्स फार्मा, गुरुजी फार्मास्युटिकल्स और सन लाइट फार्मा शामिल हैं. इन सभी के ठिकाने अमीनाबाद में हैं. फिलहाल इनके मामलों में अंतिम निर्णय लंबित है.
अगस्त में दर्ज हुई थीं 9 FIR
नकली दवाओं और फर्जी बिलिंग के मामले में एफएसडीए की जांच अगस्त में भी चर्चा में रही थी. जांच में सामने आया था कि कुछ फर्में कागजों पर दवाओं की खरीदबिक्री दिखाकर नकली दवाओं को बाजार में पहुंचा रही थीं. इस मामले में हेल्थ प्लस, एम.के. फार्मा, राम फार्मा और सहारनपुर की पैशन्ट केयर सर्जिकल हाउस समेत अन्य फर्मों के खिलाफ 12 अगस्त को अमीनाबाद थाने में BNS की विभिन्न धाराओं के तहत कुल 9 FIR दर्ज की गई थीं.
इससे पहले जुलाई में आलमबाग, बक्शी का तालाब और अमीनाबाद के एक अवैध गोदाम से नकली दवाएं जब्त की गई थीं. अमीनाबाद की आठ फर्मों और एक सॉफ्टवेयर विक्रेता पर फर्जी बिलिंग और सॉफ्टवेयर में हेरफेर के आरोप में FIR दर्ज हुई थी. वहीं, केसरबाग में बिना वास्तविक सप्लाई के बिलिंग किए जाने वाले नेटवर्क का भी खुलासा हुआ था.
41.58 लाख रुपए की दवाएं जब्त
विभाग के अनुसार, लखनऊ में अब तक करीब 41.58 लाख रुपए की अवैध दवाएं जब्त की जा चुकी हैं. इस मामले में 32 लोगों के खिलाफ 9 प्राथमिकी दर्ज हैं और दो गिरफ्तारियां हुई हैं. अमीनाबाद की दवा मंडी में एक साथ इतने प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई से दवा कारोबारियों में हड़कंप है. एफएसडीए ने संकेत दिए हैं कि नकली दवाओं और फर्जी बिलिंग के नेटवर्क को खत्म करने के लिए जांच और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.