: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर बेरोजगारी को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव का बयान सामने आया है।

पत्रकारों ने जब उनसे 17 सितंबर को ‘बेरोजगार दिवस’ के रूप में मनाए जाने से जुड़े सवाल पूछे तो उन्होंने तंज करते हुए कहा कि वे भी बेरोजगार दिवस मना रहे हैं। अखिलेश यादव का यह बेरोजगारी बयान रोजगार के मुद्दे पर राजनीतिक बहस के बीच आया है।
‘काम होता तो क्यों बैठे होते’
अखिलेश यादव ने कहा, “हम सब भी बैठकर बेरोजगार दिवस मना रहे हैं। काम होता तो क्यों बैठे होते, हम लोग भी तो बेरोजगार हैं।” उन्होंने आगे कहा कि अगर सरकार में होते तो काम करते।
अखिलेश यादव का बेरोजगारी बयान रोजगार की स्थिति को लेकर उनकी राजनीतिक टिप्पणी के तौर पर सामने आया है। उनके इस बयान में रोजगार को लेकर सरकार पर सवाल उठाए गए।
जुलाई से सितंबर तक नौकरी पर दावा
अखिलेश यादव ने नौकरी के आंकड़ों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “जुलाई में जीरो नौकरी, अगस्त में जीरो नौकरी और सितंबर में भी अब देख लेना जीरो नौकरी।”
समाजवादी पार्टी की ओर से भी सोशल मीडिया पर उनके इस बयान को साझा किया गया है। हालांकि, यह बयान अखिलेश यादव का राजनीतिक दावा है, न कि स्वतंत्र रूप से सत्यापित रोजगार आंकड़ा।
समाजवादी सरकार बनने पर रोजगार का दावा
अखिलेश यादव ने कहा कि आने वाले समय में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर रोजगार का रास्ता खोलने का काम किया जाएगा। अखिलेश यादव का बेरोजगारी बयान इसी संदर्भ में रोजगार और नौकरी के मुद्दे पर केंद्रित रहा। उन्होंने सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठाते हुए भविष्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने की बात कही।
PM मोदी को दी जन्मदिन की शुभकामना
इस राजनीतिक टिप्पणी के साथ अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दीं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने प्रधानमंत्री के स्वस्थ, सक्रिय और सार्थक जीवन की कामना की।
वहीं, बेरोजगारी का मुद्दा विपक्ष की ओर से सरकार पर सवाल उठाने के प्रमुख विषयों में शामिल रहा है। ऐसे में अखिलेश यादव का बेरोजगारी बयान 17 सितंबर की राजनीतिक चर्चाओं में सामने आया है।