भारत के स्मार्ट मीटर सेक्टर में बड़ा सौदा होने जा रहा है. IntelliSmart Infrastructure की बिक्री प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, जहां Adani Group और GMR के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है. करीब 3,800 करोड़ रुपये की वैल्यू वाले इस सौदे के लिए कई बड़े निवेशक मैदान में हैं. स्मार्ट मीटरिंग कारोबार में तेजी से बढ़ती मांग और सरकारी योजनाओं के चलते इस डील को पावर सेक्टर का बड़ा सौदा माना जा रहा है.

ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, स्मार्ट मीटर प्लेटफॉर्म IntelliSmart Infrastructure को खरीदने की दौड़ में अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस और जीएमआर स्मार्ट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन आमने-सामने आ गए हैं. कंपनी की बिक्री प्रक्रिया अब अंतिम दौर में पहुंच चुकी है और जून के मध्य तक बाध्यकारी बोलियां जमा होने की उम्मीद है. इस रेस में Adani और GMR के अलावा GIC समर्थित Genus Power Infrastructures और स्विस निवेशक पार्टनर्स ग्रुप भी शामिल हैं. इस प्रस्तावित सौदे में IntelliSmart की इक्विटी वैल्यू करीब 400 मिलियन डॉलर यानी लगभग 3,800 करोड़ रुपये आंकी जा रही है.
क्या है IntelliSmart?
IntelliSmart का स्वामित्व NIIF और एनर्जी एफिशियंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) के पास है. कंपनी में NIIF की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि EESL के पास 49 प्रतिशत हिस्सेदारी मौजूद है. बताया जा रहा है कि चुने गए बोलीदाताओं ने ड्यू डिलिजेंस यानी कंपनी की वित्तीय और कारोबारी जांच भी शुरू कर दी है.
साल 2019 में स्थापित IntelliSmart देश के कई राज्यों में स्मार्ट मीटर लगाने का बड़ा काम कर रही है. कंपनी को अब तक करीब 22 मिलियन स्मार्ट मीटर लगाने के ऑर्डर मिल चुके हैं. इनमें असम में लगभग 6 लाख और उत्तर प्रदेश में करीब 5 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं.
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अडानी ग्रुप का विस्तार
अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस पहले से ही स्मार्ट मीटरिंग कारोबार में आक्रामक विस्तार कर रही है. कंपनी ने हाल ही में बताया कि वह अब तक 11.36 मिलियन स्मार्ट मीटर इंस्टॉल कर चुकी है. इसके अलावा उसके पास 24.6 मिलियन स्मार्ट मीटर लगाने की बड़ी पाइपलाइन मौजूद है, जिससे 29,500 करोड़ रुपये से ज्यादा का संभावित रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है. वहीं, GMR भी इस सेक्टर में तेजी से अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है. कंपनी को उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने के लिए 7,593 करोड़ रुपये के बड़े ऑर्डर मिले हैं. इसके तहत करीब 7.6 मिलियन पुराने मीटर बदले जाएंगे.
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