घर में शिवलिंग की स्थापना करना बेहद शुभ माना जाता है और शिवलिंग की पूजा से जीवन में सुखसमृद्धि बनी रहती है। घर में शिवलिंग की स्थापना करने से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और कोई बुरी ऊर्जा घर में नहीं रहती है। वास्तु शास्त्र के मुताबिक घर में दैवीय आशीर्वाद और सुखशांति बनाए रखने के लिए शिवलिंग को कुछ विशेष नियमों के पालन के साथ घर में स्थापित करना चाहिए। जिस तरह से वास्तु शास्त्र में शिवलिंग की सही दिशा को लेकर कुछ नियमों के बारे में बताया गया है। उसी तरह से शिवलिंग की जलहरी भी सही दिशा में रखना चाहिए। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको वास्तु के उन नियमों के बारे में बताने जा रहे हैं।

घर में इस दिशा में रखना चाहिए शिवलिंग
वास्तु के मुताबिक घर में शिवलिंग रखने की सबसे अच्छी दिशा पूर्व, उत्तर या ईशान कोण मानी जाती है। शिवलिंग को हमेशा इसी दिशा में रखना चाहिए और जलहरी को उत्तर दिशा में रखना चाहिए।
माना जाता है इस दिशा में शिवलिंग स्थापित कर अभिषेक करने से जलहरी का जल उत्तर दिशा की ओर प्रवाहित होना चाहिए। शिवलिंग को इस तरह से रखना चाहिए कि पूजा करने के दौरान आपका मुख पूर्व दिशा की ओर हो। वहीं शिवलिंग को हमेशा स्वच्छ और पवित्र स्थान पर रखना चाहिए।
घर में शिवलिंग रखने के मिलते हैं ये फायदे
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक घर में शिवलिंग की स्थापना करने और रोजाना नियमित रूप से पूजाअर्चना करने से घर में सकारात्मकता बनी रहती है। साथ ही घरपरिवार के लोगों के बीच में प्रेम और स्नेह बना रहता है।
नियमित रूप से शिवलिंग की पूजा करने से घर के वातावरण से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर का वातावरण शुद्ध होता है। शिव पूजन से घरपरिवार में आर्थिक उन्नति और समृद्धि बनी रहती है।
अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से शिवलिंग पर जल चढ़ाता है और पूजा करता है, तो घर में सुखशांति और सौहार्द बना रहता है।
जानें कैसे करें घर पर शिवलिंग की पूजा
अगर आपने भी अपने घर में शिवलिंग को स्थापित किया है, तो आपको नियमित श्रद्धापूर्वक शिवलिंग की पूजाअर्चना करनी चाहिए।
नियमित शिवलिंग को स्नान कराएं और चंदन लगाएं। इसके बाद घी का दीपक जलाकर भगवान भोलेनाथ की आराधना करें।
शिवलिंग के सामने बैठकर कम से कम 11 बार ‘ऊँ नम: शिवाय’ मंत्र का जाप करना चाहिए।
वास्तु के मुताबिक घर के मंदिर में बहुत बड़े आकार का शिवलिंग नहीं रखना चाहिए।
अगर आप भी घर में शिवलिंग की स्थापना कर रहे हैं, तो वास्तु नियमों का पालन जरूर करें।