Noida News: लगातार हो रही बारिश के चलते लाल कुआं से लेकर सिकंदराबाद की ओर जाने वाले प्रमुख मार्ग NH91 जीटी रोड पर हुए गड्डों ने बदहाली की पोल खोलकर रख दी है. बारिश का पानी इन गड्ढों में भर जाने के बाद सड़क की हालत और भी खतरनाक हो गई है. वाहन चालकों को यह तक पता नहीं चल पा रहा की सड़क कहां खत्म हो रही है और गड्ढे कहां से शुरू हो रहे हैं?

हालत ऐसे हैं कि पानी में समाई सड़क अब हादसों और मौत का रास्ता बनती जा रही है. लाल कुआं से लेकर छपरौला बादलपुर के आसपास जीटी रोड की करीब 4 से 5 किलोमीटर की यह सड़क अब गहरे गड्ढों और जल भराव का सबब बन चुकी है. इस रास्ते से हर दिन लाखों वाहन गुजरते हैं. यहां बारिश के बाद सड़क पर पानी जमा होने और गड्ढों के कारण वाहनों की रफ्तार थम गई है.
लग रहा कई किमी लंबा जाम, हुए 6 हादसे
हर रोज यहां पर कई किलोमीटर लंबा जाम भी लग रहा है, जिससे वाहन चालकों को घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है. सबसे चिंता की बात यह है कि सड़क की बदहाली अब जानलेवा साबित होने लगी है. पानी भरे गहरे गड्ढे में बाइक गिरने से एक 35 वर्षीय व्यक्ति की बीती 5 तारीख को मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल हुआ. इसके अलावा करीब 1 माह के भीतर 6 हादसों में कई लोग घायल हो चुके हैं.
लगातार हो रहे हादसों की वजह से स्थानीय पुलिस ने जेसीबी की मदद से गड्ढों को भरने का प्रयास किया. वाहन चालकों को सावधानी से निकलने के लिए लगातार जागरूक भी किया जा रहा है, लेकिन सवाल यह है कि आखिर हाईवे की जिम्मेदारी संभालने वाले विभाग की ओर से स्थाई समाधान कब किया जाएगा?
टोल लिया जाता है, लेकिन सड़क की मरम्मत नहीं
वाहन चालकों का कहना है कि जीटी रोड के इस मुख्य रास्ते से गुजरने के लिए हर दिन टोल लिया जाता है, लेकिन इसके बावजूद सड़क की मरम्मत अभी तक नहीं कराई गई है. लाल कुआं से लेकर दादरी और सिकंदराबाद मार्ग के बीच लुहारली टोल के जरिए फास्ट टैग से छोटे चार पहिया वाहनों से करीब 150 रुपये और बड़े वाहनों से करीब 250 रुपये तक का शुल्क लिया जाता है. इसके बावजूद हाईवे पर ना तो गड्ढों की समय पर मरम्मत हुई और ना ही बारिश के पानी की निकासी की पर्याप्त व्यवस्था की गई.
लगभग 35 किलोमीटर लंबे इस प्रमुख मार्ग पर करीब 15 किलोमीटर की सड़क ठीक है. बाकी 20 किलोमीटर में करीब 4 से 5 किलोमीटर की सड़क पूरी तरह खराब हो चुकी है. वहीं 15 किलोमीटर की सड़क कई जगह से खराब है. बारिश के दौरान जलभराव और गड्ढों की समस्या ने यातायात व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित किया है. सड़क पर पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता है, जिससे सड़क और ज्यादा टूट रही है.
स्थानीय लोगों की है ये मांग
अब स्थानीय लोगों की मांग है कि नेशनल हाईवे ऑथिरिटी ऑफ इंडिया और संबंधित टोल प्रबंधन तत्काल मौके का निरीक्षण कर गहरे गड्ढों और सड़क को बनवाए. जल निकासी की स्थाई व्यवस्था करे और हाईवे की पूरी तरह से मरम्मत करवाए. लोगों का कहना है कि इन हादसों के बाद जिम्मेदार विभाग को जागना चाहिए. किसी बड़े हादसे का इंतजार करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण होगा.
अब देखने वाली बात होगी कि आखिर टूटी सड़कें और हादसों के बाद एनएचएआई के अधिकारी कब जागेंगे. इस पूरे मामले में एसडीएम अभिनेंद्र सिंह से बताया कि एनएचएआई को कांवड़ यात्रा के दौरान सड़क दुरुस्त कराने के निर्देश दे दिए गए थे, लेकिन बारिश के चलते काम शुरू नहीं किया जा सका है. एक बार फिर एनएचएआई को सड़क की मरम्मत करने के लिए निर्देश दिए जाएंगे.