Supaul Crime News: बिहार के सुपौल जिला मुख्यालय स्थित गौरवगढ़ के सानवी पब्लिक स्कूल के हॉस्टल में आठ वर्षीय मासूम छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है. मृतक छात्र की पहचान मरौना थाना क्षेत्र के खिरखिरयारही गांव निवासी शिव शंकर यादव के पुत्र प्रियांशु कुमार के रूप में हुई है. इस दुखद घटना ने निजी स्कूलों और उनके हॉस्टलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है.

जहां एक तरफ परिजनों ने लॉकेट छीनने के दौरान गला दबाकर हत्या किए जाने का सनसनीखेज आरोप लगाया है, वहीं दूसरी तरफ स्कूल प्रशासन की भूमिका और सूचना देने की प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में आ गई है. मृतक के पिता शिव शंकर यादव और परिजनों का कहना है कि उन्हें दोपहर करीब 3 बजे स्कूल प्रबंधन की ओर से फोन पर घटना की जानकारी दी गई. जब वे बदहवास हालत में स्कूल पहुंचे, तो पता चला कि बच्चे को एक निजी क्लीनिक ले जाया गया है. क्लीनिक पहुंचने पर उन्होंने प्रियांशु को मृत पाया.
पिता का सीधा आरोप है कि प्रियांशु के गले में सोने की चकती वाला एक लॉकेट था. उसे छीनने के दौरान ही मासूम का गला दबाकर हत्या कर दी गई. परिजनों का दावा है कि बच्चे के गले पर स्पष्ट निशान भी मौजूद हैं.
स्कूल प्रबंधन की सफाई
दूसरी ओर, स्कूल के डायरेक्टर संतोष कुमार ने हत्या के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि दोपहर करीब 1 बजे खाना खाने के दौरान कुछ बच्चों ने एक छात्र के अचानक बेहोश होने की सूचना दी थी. इसके बाद वे तुरंत मौके पर पहुंचे और छात्र को इलाज के लिए पास के एक निजी क्लीनिक ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
अर्धनिर्मित भवन में चल रहा था हॉस्टल, जांच में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी और सदर थानाध्यक्ष रामसेवक रावत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की गहन जांच शुरू कर दी. शुरुआती जांच में सामने आया है कि जिस एक मंजिला अर्धनिर्मित मकान की छत पर नया हॉस्टल संचालित किया जा रहा था, वहीं यह घटना घटी. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि एक अर्धनिर्मित भवन में बच्चों को रखने की अनुमति किसने दी? घटना के समय हॉस्टल में कोई जिम्मेदार केयरटेकर या सुरक्षाकर्मी क्यों मौजूद नहीं था?
1 बजे की घटना की सूचना परिजनों को 3 बजे क्यों दी गई?
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा. पुलिस हादसे, आत्महत्या और हत्या सभी कोणों से मामले की पड़ताल कर रही है.