Dehradun News: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के पॉश इलाके डालनवाला की एमडीडीए कॉलोनी में हुई 72 वर्षीय बुजुर्ग महिला रेखा बंसल की खौफनाक हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है. देहरादून पुलिस ने हत्या की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया है. पूछताछ में सामने आया कि यह हत्याकांड किसी पेशेवर अपराधी ने नहीं, बल्कि दुकान पर काम करने वाले कर्मचारी ने एक महीने के बकाया वेतन को लेकर हुए विवाद और अपनी आर्थिक तंगी के चलते अंजाम दिया था.

SSP प्रमेंद्र सिंह डोबाल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, उत्तरकाशी जिले की बड़कोट तहसील के मंजयाली गांव का रहने वाला 33 वर्षीय विनीत कुमार देहरादून में किराये पर रहकर परिवार चलाता था. वह दिन में रेखा बंसल के पति दिनेश बंसल की डिस्पेंसरी रोड स्थित ‘अनुज प्रकाशन’ नाम की किताबों की दुकान पर काम करता था और रात में एक गेस्टहाउस में सिक्योरिटी गार्ड की ड्यूटी देता था.
विनीत का 15 हजार रुपये का एक महीने का वेतन अटका हुआ था. बच्चों की स्कूल की फीस और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के त्योहार की खरीदारी को लेकर उस पर भारी मानसिक दबाव था. बुधवार को जब वह बकाया वेतन मांगने दिनेश बंसल के घर पहुंचा, तो रेखा बंसल ने उसे नकद पैसे देने के बजाय अपनी पुरानी साड़ियां थमाते हुए कहा कि वो इन्हें बेचकर अपने पैसे जुटा ले. मेहनत की मजदूरी के बदले नकदी न मिलने पर विनीत आपा खो बैठा.
कड़े से वार, फिर मुंहनाक दबाकर ली जान
गुस्से में आकर विनीत ने अपने हाथ में पहने कड़े से रेखा के चेहरे पर वार कर दिया. जब रेखा दर्द से चिल्लाने लगीं, तो पकड़े जाने के डर से विनीत ने उनका मुंह और नाक कसकर दबा दिया, जिससे दम घुटने से उनकी मौत हो गई. महिला की मौत सुनिश्चित करने के बाद आरोपी विनीत ने उनके हाथ से सोने का कड़ा निकाला और घर के पिछले दरवाजे से फरार हो गया. देर शाम जब पति दिनेश बंसल घर लौटे, तो पत्नी को बिस्तर पर मृत पाकर पुलिस को सूचना दी.
CCTV फुटेज और सर्विलांस से हत्थे चढ़ा आरोपी
सूचना मिलते ही देहरादून पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की. सीसीटीवी फुटेज , सर्विलांस और स्थानीय पूछताछ के आधार पर पुलिस की टीम आरोपी विनीत कुमार तक जा पहुंची.
पुलिस ने विनीत को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से मृतका का लूटा गया सोने का कड़ा भी बरामद कर लिया है. रोजगार की तलाश में पहाड़ से दून आए विनीत के जेल जाने के बाद अब उसकी पत्नी, बच्चों और बुजुर्ग मां के सामने भविष्य का संकट खड़ा हो गया है.