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Premanand Maharaj: प्रेमानंद महाराज की भक्तों को सलाह, कहा- भगवान का नाम या तस्वीर का टैटू बनवाने से बचें​

Premanand Maharaj View: देवीदेवीताओं के नाम और तस्वीरों के टैटू बनवाने के ट्रैंड को लेकर प्रेमानंद महाराज ने एक सत्संग में भक्तों को जरूरी सलाह दी है। सत्संग में एक व्यक्ति ने प्रेमानंद महाराज से सवाल किया कि उसके दाहिने हाथ पर राधा रानी के नाम का टैटू बना हुआ है। उसने पूछा कि क्या […]

Premanand Maharaj View: देवीदेवीताओं के नाम और तस्वीरों के टैटू बनवाने के ट्रैंड को लेकर प्रेमानंद महाराज ने एक सत्संग में भक्तों को जरूरी सलाह दी है।

सत्संग में एक व्यक्ति ने प्रेमानंद महाराज से सवाल किया कि उसके दाहिने हाथ पर राधा रानी के नाम का टैटू बना हुआ है। उसने पूछा कि क्या ऐसा करवाने से उससे कोई धार्मिक अपराध हुआ है। 

जवाब में प्रेमानंद महाराज ने भगवान के नाम की पवित्रता और महिमा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भगवान के नाम का श्रद्धापूर्वक जाप और स्मरण भक्ति का महत्वपूर्ण माध्यम है। 

उनके अनुसार भगवान के नाम या स्वरूप को शरीर पर स्थायी रूप से अंकित करवाते समय धार्मिक मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने समझाया कि इंसान का शरीर हमेशा एक जैसी पवित्र अवस्था में नहीं रहता और रोजमर्रा की विभिन्न परिस्थितियों से गुजरता है। 

ऐसे में शरीर के किसी हिस्से पर भगवान का नाम, मंत्र या तस्वीर बनवाना उचित नहीं माना जाना चाहिए।

मेहंदी में भी देवीदेवताओं के नाम से बचने की सलाह

प्रेमानंद महाराज ने यह भी कहा कि हाथ या शरीर पर देवीदेवताओं के नाम और चित्र बनाने से बचना चाहिए। उनकी सीख के मुताबिक, भगवान का नाम शरीर पर लिखवाने की बजाय उसे मन और वाणी से याद करना अधिक उचित है।

नाम जप, पूजा, स्मरण और सद्कर्म भक्ति का बेहतर माध्यम

प्रेमानंद महाराज की बातों का सार यह है कि आस्था का प्रदर्शन शरीर पर भगवान का नाम या तस्वीर अंकित करके करने के बजाय नाम जाप, पूजा, स्मरण और सद्कर्मों के जरिए किया जाना चाहिए।

उनके अनुसार भगवान के प्रति सच्ची श्रद्धा केवल बाहरी प्रतीकों तक सीमित नहीं होती, बल्कि व्यक्ति के विचारों, व्यवहार और कर्मों में भी दिखाई देनी चाहिए।

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संपादकीय टीम

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