गुरुवार, 3 सितंबर 2026 ब्रेकिंग
बुरी खबरः ATM से पैसा निकालना हो जाएगा महंगा, जानिए नए चार्ज​ | Janmashtami Traffic Alert: नोएडा में 500 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात, ISKCON मंदिर के आसपास रूट डायवर्जन और नो एंट्री​ | Maternity Leave: 6 महीने की छुट्टी में मिलेगी पूरी सैलरी?, जानें महिलाओं के लिए क्या हैं कानूनी नियम​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Viral

तेंदुए पकड़ने के पिंजरे बने सेल्फी पॉइंट! बच्चे खेल रहे, युवा बना रहे रील्स; चारे के मुर्गे-बकरे भी चोरी​

Bijnor News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में पिछले पांच वर्षों से तेंदुओं का आतंक लोगों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान तेंदुओं ने 200 से ज्यादा लोगों पर जानलेवा हमला किया, जिसमें 75 लोगों की मौत हो गई. तेंदुओं के बढ़ते हमलों को देखते हुए वन विभाग […]

Bijnor News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में पिछले पांच वर्षों से तेंदुओं का आतंक लोगों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान तेंदुओं ने 200 से ज्यादा लोगों पर जानलेवा हमला किया, जिसमें 75 लोगों की मौत हो गई. तेंदुओं के बढ़ते हमलों को देखते हुए वन विभाग ने जिले के संवेदनशील इलाकों में करीब 120 पिंजरे लगाए हैं. इन पिंजरों की मदद से अब तक करीब 112 तेंदुओं को रेस्क्यू कर जंगलों और चिड़ियाघरों में भेजा जा चुका है, लेकिन अब इन्हीं पिंजरों को लेकर बिजनौर के गांवों में एक अजीब तस्वीर सामने आ रही है. जिन पिंजरों को तेंदुओं को पकड़ने के लिए लगाया गया है, वे बच्चों और युवाओं के लिए मनोरंजन का साधन बन गए हैं.

पिंजरे में मुर्गाबकरा, बाहर लोगों की भीड़

तेंदुए को पिंजरे में फंसाने के लिए वन विभाग की ओर से कई जगहों पर मुर्गे और बकरे बांधे जाते हैं. इनका इस्तेमाल तेंदुए को पिंजरे तक आकर्षित करने के लिए किया जाता है, लेकिन ग्रामीणों पर आरोप है कि वे पिंजरों से इन मुर्गों और बकरों को चोरी कर ले जाते हैं. बताया जा रहा है कि अब तक करीब 30 मुर्गे और 10 बकरे चोरी हो चुके हैं. यानी तेंदुए को पकड़ने के लिए रखा गया चारा कुछ लोगों के लिए ही पार्टी का इंतजाम बन गया.

पिंजरा लगा नहीं कि जुट जाती है भीड़

वन विभाग जैसे ही किसी गांव में गन्ने के खेत या आबादी के पास तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाता है, उसके आसपास लोगों की भीड़ जमा हो जाती है. बच्चे पिंजरे के पास खेलते दिखाई देते हैं और कई बार उसके अंदर छिपने का नाटक भी करते हैं. वहीं, युवा पिंजरे के साथ सेल्फी और वीडियो बनाते हैं. कुछ लोग तो पिंजरे के अंदर घुसकर तस्वीरें खिंचवाने से भी पीछे नहीं हटते. सोशल मीडिया पर वीडियो और रील बनाने के चक्कर में लोग यह भूल रहे हैं कि यह पिंजरा किसी मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि खतरनाक जंगली जानवर को पकड़ने के लिए लगाया गया है.

लापरवाही से तेंदुआ भी हो सकता है खतरनाक

वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक, पिंजरे के आसपास लगातार इंसानों की मौजूदगी तेंदुए को वहां आने से रोक सकती है. भीड़, शोर और इंसानों की गंध के कारण तेंदुआ उस जगह से दूर रह सकता है. ऐसे में उसे पकड़ने का वन विभाग का पूरा अभियान प्रभावित हो सकता है. सबसे बड़ा खतरा उस समय हो सकता है, जब पिंजरे के आसपास भीड़ मौजूद हो और अचानक तेंदुआ वहां पहुंच जाए. ऐसी स्थिति में भगदड़ मच सकती है और लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है.

DFO ने ग्रामीणों को दी चेतावनी

बिजनौर के DFO जय सिंह कुशवाहा ने पिंजरों के आसपास लोगों की बढ़ती भीड़ और लापरवाही पर चिंता जताई है. उन्होंने ग्रामीणों से पिंजरों से उचित दूरी बनाए रखने की अपील की है. वन विभाग का कहना है कि पिंजरा कोई खिलौना या पिकनिक स्पॉट नहीं है. इसे संवेदनशील इलाकों में तेंदुओं को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए लगाया जाता है. अगर कोई व्यक्ति पिंजरे के साथ छेड़छाड़ करता है या रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा डालता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY