किर्गिस्तान में एससीओ समिट चल रही है. कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष वहां पहुंचे हुए हैं. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस समिट में हिस्सा लेने को किर्गिस्तान पहुंच चुके हैं. वहां किसी भी वैश्विक लीडर के जहाज से उतरने में एक समानता दिखाई दे रही है. यह यूं भी दिखाई देती है. जब भी किसी देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या अन्य शीर्ष राजनेता विदेश यात्रा पर जाते हैं, तो उनके विमान से उतरने का दृश्य आमतौर पर लगभग एक जैसा होता है. वैश्विक लीडर कभी सामान्य एयरोब्रिज या पैसेंजर बोर्डिंग ब्रिज से नहीं निकलते. उनके लिए हमेशा एक विशेष सीढ़ी लगाई जाती है, जिस पर लाल कालीन बिछा होता है.

ऐसा केवल दिखाने के लिए नहीं होता. इसके पीछे कूटनीति, सुरक्षा, सदियों पुराने प्रोटोकॉल और संचार की सुनियोजित रणनीति काम करती है. आइए, एससीओ समिट के बहाने इस मसले के सभी पहलुओं को समझते हैं.
सुरक्षा होती है टॉप प्रायोरिटी
वर्ल्ड लीडर्स के लिए सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता होती है. हवाई अड्डे का सामान्य पैसेंजर बोर्डिंग ब्रिज पूरी तरह बंद होता है. यदि आपातकालीन स्थिति उत्पन्न होती है, तो बंद ब्रिज से वीवीआईपी को तुरंत बाहर निकालना कठिन हो सकता है. विशेष सीढ़ी खुली जगह में लगाई जाती है. इसके आसपास सुरक्षाकर्मियों को 360 डिग्री का दृश्य दिखाई देता है. किसी भी खतरे की स्थिति में कमांडो तुरंत हरकत में आ सकते हैं. विमान के ठीक नीचे बुलेटप्रूफ गाड़ियां तैयार खड़ी रहती हैं. सीढ़ियों से उतरते ही नेता तुरंत अपने सुरक्षित वाहन में बैठ सकते हैं.
पीएम मोदी.
प्रोटोकॉल और राजकीय सम्मान
डिप्लोमैटिक प्रोटोकॉल अंतरराष्ट्रीय संबंधों की रीढ़ हैं. जब कोई राष्ट्राध्यक्ष किसी दूसरे देश की धरती पर कदम रखता है, तो मेजबान देश उनका औपचारिक स्वागत करता है. सामान्य एयरोब्रिज के अंदर स्वागत समारोह आयोजित नहीं किया जा सकता. खुली सीढ़ी के नीचे गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है. दोनों देशों के राष्ट्रगान बजाए जाते हैं. मेजबान देश के प्रमुख, राजदूत और वरिष्ठ अधिकारी वहां मौजूद रहते हैं. यह दृश्य दोनों देशों के बीच सम्मान और मजबूत संबंधों का प्रतीक माना जाता है.
मीडिया कवरेज
विश्व नेताओं की यात्रा केवल द्विपक्षीय बातचीत तक सीमित नहीं होती. इसका एक बड़ा उद्देश्य जनसंपर्क और सकारात्मक संदेश देना भी होता है. विमान के दरवाजे पर खड़े होकर हाथ हिलाना एक ऐतिहासिक परंपरा बन चुकी है. इसे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अराइवल शॉट कहा जाता है. खुली सीढ़ी पर उतरते हुए नेता की तस्वीर दुनिया भर के मीडिया घराने इस्तेमाल करते हैं. यह तस्वीर नेता के आत्मविश्वास, शक्ति और यात्रा के महत्व को दर्शाती है.
ट्रंप के एयर फोर्स वन के साथ चलने वाली कुछ मोबाइल सीढ़ियों में विशेष सुरक्षा कवच लगा होता है.
सामान्य यात्री सीढ़ियों से कैसे अलग हैं ये विशेष सीढ़ियां?
पहली नज़र में यह केवल एक सीढ़ी लग सकती है, लेकिन तकनीकी और संरचनात्मक रूप से यह सामान्य यात्री सीढ़ियों से काफी अलग होती है.
1 बुलेटप्रूफ और आर्मर्ड तकनीक
कई शक्तिशाली देशों के नेताओं के लिए इस्तेमाल होने वाली सीढ़ियां बुलेटप्रूफ पैनल से लैस होती हैं. उदाहरण के तौर पर, अमेरिकी राष्ट्रपति के एयर फोर्स वन के साथ चलने वाली कुछ मोबाइल सीढ़ियों में विशेष सुरक्षा कवच लगा होता है. सीढ़ी की रेलिंग और निचला ढांचा इस तरह तैयार किया जाता है कि वह गोलीबारी या छोटे विस्फोट के प्रभाव को कम कर सके.
2 रेड कार्पेट और बेहतर ग्रिप
इन सीढ़ियों पर हमेशा प्रीमियम क्वालिटी का रेड कार्पेट बिछाया जाता है. यह कार्पेट केवल सुंदरता के लिए नहीं होता. इसमें एंटीस्किड तकनीक होती है, जिससे बारिश या बर्फबारी के दौरान फिसलने का खतरा न रहे. सामान्य विमानों की सीढ़ियां अक्सर खड़ी और संकरी होती हैं. इसके विपरीत, वीवीआईपी सीढ़ियों के पायदान अधिक चौड़े, मजबूत और आरामदायक कोण पर बनाए जाते हैं, ताकि सूट, जूते या पारंपरिक परिधान में उतरना आसान रहे.
3 इनबिल्ट लाइटिंग और संचार उपकरण
रात के समय उतरने के लिए इन सीढ़ियों में विशेष प्रकार की रोशनी की व्यवस्था होती है. यह रोशनी ऐसी होती है जिससे कैमरों में साफ दृश्य आए और नेता की आंखों पर तेज चमक न पड़े. कुछ उन्नत सीढ़ी वाहनों में बैकअप पावर जनरेटर और सुरक्षा बलों के लिए वायरलेस संचार मॉड्यूल भी इनबिल्ट होते हैं.
पुतिन का विमान.
4 विमान में इनबिल्ट सीढ़ियों का विकल्प
कुछ विशेष वीवीआईपी विमानों में सीढ़ियां पहले से ही जुड़ी होती हैं, जिन्हें एयरस्टेयर्स कहा जाता है. यदि किसी आपात स्थिति में विमान को किसी ऐसे छोटे या अनजान हवाई अड्डे पर उतरना पड़े जहां वीवीआईपी सीढ़ी उपलब्ध न हो, तो विमान की अपनी आंतरिक सीढ़ी बाहर निकल आती है. अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक विमान या अन्य प्रमुख देशों के सरकारी विमान इस सुविधा से लैस होते हैं. यह विमान को बाहरी ग्राउंड सपोर्ट के बिना भी स्वतंत्र रूप से संचालित करने की क्षमता देता है.
प्रोटोकॉल से जुड़े कुछ रोचक नियम भी
वीवीआईपी के विमान से उतरने और चढ़ने के लिए नियम तय होते हैं जिनका पालन पूरी दुनिया में किया जाता है. विमान का दरवाजा खुलते ही सबसे पहले प्रोटोकॉल अधिकारी सुरक्षा स्थिति की जांच करते हैं. इसके बाद मुख्य नेता दरवाजे पर आते हैं, मुस्कुराते हैं और हाथ हिलाते हैं. यह संकेत होता है कि यात्रा सुरक्षित रही और वे मेजबान देश में पहुंचने के लिए उत्सुक हैं.
यदि विमान में कोई प्रतिनिधिमंडल, मंत्री या सुरक्षा दल साथ जा रहा है, तो वे मुख्य नेता के साथ मुख्य सीढ़ी से नहीं उतरते. अधिकतर मामलों में प्रतिनिधिमंडल या तो पिछले दरवाजे की सीढ़ी से पहले ही उतर जाता है या मुख्य नेता के नीचे पहुंचकर स्वागत स्वीकार करने के बाद बाहर आता है. मुख्य सीढ़ी केवल देश के शीर्ष नेता और उनके जीवनसाथी के लिए आरक्षित रहती है.
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल एक आईजी स्तर के अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हवाई जहाज की विशेष सीढ़ी महज चढ़नेउतरने का माध्यम नहीं है. यह सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, परंपरा और मीडिया प्रभाव का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है. लाल कालीन से सजी यह सीढ़ी किसी भी विदेशी दौरे की शुरुआत और अंत का सबसे प्रभावशाली दृश्य बनाती है.