Kaushambi News: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के मोहम्मदपुर गांव में पटाखा गोदाम में हुए विस्फोट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है. हादसे में कई लोग घायल हुए हैं, जिनका प्रयागराज के SRN अस्पताल समेत अलगअलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है. पुलिस ने गोदाम मालिक आदिल समेत छह लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है. प्रशासन ने आरोपी के दूसरे गोदामों और कारखानों की भी जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों के मुताबिक, नियमों का उल्लंघन मिलने पर इन पर बुलडोजर की कार्रवाई की जाएगी.

मनौरी बाजार के मोहम्मदपुर गांव में पटाखा बनाने और स्टॉक करने के दौरान हुए विस्फोट ने पूरे इलाके को हिला दिया. हादसे के बाद राहत और बचाव का काम शुरू किया गया. पुलिस और प्रशासन की टीमें मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटीं. एसपी सत्यनारायण प्रजापत ने 11 लोगों की मौत की पुष्टि की है. मृतकों में कई बच्चे भी शामिल हैं. हादसे में प्रियांजलि, प्रवीण सिंह, जाह्नवी, आदित्य, रवि, ज्ञान सिंह, अंजू, विक्रम सरोज, अंश और नन्हा समेत 11 लोगों की मौत हुई है. मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं. पुलिस मृतकों के परिजनों की जानकारी जुटाने और उन्हें शव सौंपने की प्रक्रिया में जुटी है.
आसपास के आधा दर्जन से ज्यादा मकान जमींदोज
पटाखा गोदाम में विस्फोट इतना तेज था कि आसपास के कई मकान भी इसकी चपेट में आ गए. धमाके से आधा दर्जन से ज्यादा मकान पूरी तरह या बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. विस्फोट के बाद इलाके में मलबा फैल गया. कई परिवारों के घर और सामान को भारी नुकसान पहुंचा है. हादसे के बाद आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है. प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए घटनास्थल के आसपास पुलिसकर्मियों की तैनाती की है. NDRF समेत राहत और बचाव की टीमें भी मौके पर मौजूद रहीं.
आदिल समेत 6 लोगों पर नामजद मुकदमा
पुलिस ने पटाखा गोदाम के मालिक आदिल समेत छह लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है. अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि पटाखों का निर्माण और भंडारण किन नियमों के तहत किया जा रहा था. बताया जा रहा है कि आदिल के मनौरी बाजार में कई कारखाने और गोदाम चल रहे थे. एक जगह पटाखे बनाए जाते थे, जबकि दूसरे स्थानों पर तैयार पटाखों को स्टॉक करके रखा जाता था. दिवाली का त्योहार नजदीक होने के कारण बड़ी मात्रा में पटाखों का स्टॉक किए जाने की बात सामने आई है. हालांकि, गोदाम में विस्फोट किस वजह से हुआ, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
कई गोदामों पर प्रशासन की नजर
हादसे के बाद जिला प्रशासन ने आदिल से जुड़े दूसरे कारखानों और गोदामों की भी जांच शुरू कर दी है. अलगअलग जगहों पर छापेमारी की जा रही है. बताया जा रहा है कि कुछ गोदामों में बाहर से ताला लगा हुआ है, जबकि अंदर पटाखा बनाने की सामग्री और बारूद रखा होने की जानकारी मिली है. प्रशासन अब इन स्थानों की जांच कर रहा है. अधिकारियों के मुताबिक, नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित गोदामों और कारखानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. आरोपी के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाने की भी तैयारी है.
एक ही परिवार के चार लोगों की मौत
हादसे में एक परिवार के चार सदस्यों की मौत की जानकारी भी सामने आई है. बताया गया कि बैंक ऑफ बड़ौदा में काम करने वाला एक कर्मचारी अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहता था. हादसे में पतिपत्नी और उनके दो बच्चों की मौत हो गई. चारों के शव अस्पताल भेजे गए थे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इसके बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया. वहीं, साहू परिवार के पांच सदस्यों के भी हादसे में मारे जाने की जानकारी सामने आई है. इनमें गया प्रसाद, उनकी पत्नी अनीता और उनके बच्चे जाह्नवी, आदित्य और रवि शामिल बताए जा रहे हैं.
एसआरएन अस्पताल में घायलों का इलाज
हादसे में घायल लोगों को प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल समेत अलगअलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी घायलों का हाल जानने के लिए एसआरएन अस्पताल पहुंचे. उन्होंने मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को घायलों का बेहतर इलाज करने के निर्देश दिए. डिप्टी सीएम ने कहा कि घायलों के इलाज में सरकार किसी तरह की कमी नहीं होने देगी. फिलहाल सरकार की प्राथमिकता घायलों का इलाज है. मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर डॉ. अजय कुमार वर्मा के मुताबिक, कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है. दो घायलों को आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया है. वहीं, एक महिला करीब 50 फीसदी तक झुलसी है, जिसे बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया है.
मृतकों के परिवारों को 2 लाख, घायलों को 50 हजार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कौशांबी हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री की ओर से मृतकों के परिवारों को 22 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने की घोषणा की गई है. वहीं, हादसे में घायल लोगों को 5050 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी. सीएम योगी ने अधिकारियों को घायलों का समुचित इलाज कराने और राहतबचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं.
दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उन्होंने कौशांबी के डीएम से फोन पर बात कर जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि हादसे के लिए जो भी लोग जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीमें हादसे की वजह, पटाखों के निर्माण और भंडारण की व्यवस्था के साथ लाइसेंस और सुरक्षा मानकों की जांच कर रही हैं. साथ ही आदिल से जुड़े अन्य गोदामों और कारखानों पर भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.