IAS Divya Mittal Resign: यूपी कैडर की चर्चित आईएएस अफसर दिव्या मित्तल ने 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद इस्तीफा दे दिया है। आपको बता दें चार साल पहले मिर्जापुर की जिलाधिकारी बनी थीं। उस दौरान इन्होंने क्षेत्र में कई मुद्दों पर काम किया।

हालांकि इस दौरान वे यहां एक साल तक ही रहीं। अब चूंकि 13 साल बाद उन्होंने पद से इस्तीफा दिया है और 2027 यहां चुनाव हैं। जिसके चलते वे चर्चा में हैं। हालांकि इसे लेकर अभी किसी भी तरह की कोई पुष्टि नहीं हुई की गई है।
13 साल की सेवा के बाद IAS से इस्तीफा
उत्तर प्रदेश कैडर की चर्चित IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने करीब 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद अब उनके अगले कदम को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
सबसे ज्यादा सवाल इस बात को लेकर उठ रहे हैं कि क्या वह राजनीति में प्रवेश कर सकती हैं और क्या 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मिर्जापुर से चुनाव लड़ सकती हैं। हालांकि, अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है। दिव्या मित्तल ने खुद भी राजनीति में जाने की अटकलों को फिलहाल खारिज किया है। ऐसे में चुनाव लड़ने की चर्चा को अभी केवल राजनीतिक कयास ही माना जा रहा है। उनके इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर उनके पुराने कार्यकाल और मिर्जापुर से जुड़े अनुभवों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
इस्तीफे की पोस्ट से बढ़ा सस्पेंस
आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।
साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिनरात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर ‘सब कुछ’ पा लेने पर भी कुछ… pic.twitter.com/4VRXpK8nu8
— Divya Mittal August 30, 2026
दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए IAS सेवा छोड़ने की जानकारी दी। अपनी पोस्ट में उन्होंने प्रशासनिक सेवा के 13 साल के सफर को याद किया और देवरिया तथा मिर्जापुर का खास तौर पर जिक्र किया। मिर्जापुर के बारे में उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वहां उन्हें यह समझ आया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं बल्कि सिर्फ एक राय है। उन्होंने मां विंध्यवासिनी का भी उल्लेख किया। इसके अलावा उन्होंने लहुरियादह गांव की एक बुजुर्ग महिला को याद किया, जिसने गांव में पहली बार नल का पानी पहुंचने पर उन्हें आशीर्वाद दिया था। उनकी पोस्ट की एक लाइन ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा, जिसमें उन्होंने IAS की नौकरी को अपने जीवन का सिर्फ एक अध्याय बताया। इसी वजह से उनके अगले कदम को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं।
2022 में बनी थीं मिर्जापुर की DM
दिव्या मित्तल का मिर्जापुर से जुड़ाव उनके प्रशासनिक कार्यकाल की वजह से काफी मजबूत माना जाता है। वह 17 सितंबर 2022 को मिर्जापुर की जिलाधिकारी बनी थीं और करीब एक साल तक इस पद पर रहीं। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण इलाकों से जुड़े कई मुद्दों पर काम किया। इनमें लहुरियादह गांव में पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने की योजना भी शामिल थी।
करीब 125 घरों वाले इस पहाड़ी गांव में लंबे समय से पानी की समस्या थी। पाइपलाइन के जरिए नल से पानी पहुंचने के बाद ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली। इस काम की वजह से दिव्या मित्तल की पहचान जमीन पर काम करने वाली अधिकारी के तौर पर बनी। उनके तबादले के समय स्थानीय लोगों ने उन्हें भावुक होकर विदाई दी थी। कई लोग उन्हें ‘DM बेटी’ के नाम से भी बुलाते थे।
मिर्जापुर से जुड़ाव बना चर्चा की बड़ी वजह
दिव्या मित्तल के मिर्जापुर कार्यकाल की यादें अब उनके इस्तीफे के बाद फिर चर्चा में हैं। ग्रामीणों से उनका सीधा जुड़ाव और प्रशासनिक कामों को लेकर उनकी सक्रियता की वजह से स्थानीय स्तर पर उनकी अलग पहचान बनी थी। इसी पुराने जुड़ाव को देखते हुए सोशल मीडिया पर यह चर्चा चल रही है कि वह भविष्य में मिर्जापुर की राजनीति में सक्रिय हो सकती हैं।
हाल के कुछ दौरों और गतिविधियों को भी इन अटकलों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, इन चर्चाओं के बीच यह स्पष्ट करना जरूरी है कि दिव्या मित्तल ने अभी राजनीति में आने या चुनाव लड़ने की कोई घोषणा नहीं की है। इसलिए यूपी विधानसभा चुनाव 2027 में उनके उम्मीदवार बनने की बात फिलहाल तय नहीं मानी जा सकती। अंतिम फैसला उनके भविष्य के कदम और किसी राजनीतिक दल के रुख के बाद ही स्पष्ट होगा।
राजनीति में जाएंगी या शुरू होगा कोई नया अध्याय?
दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद के बाद उनके अगले कदम पर सभी की नजर है। प्रशासनिक सेवा में 13 साल बिताने के बाद उनका इस्तीफा निश्चित रूप से चर्चा का विषय बना है। खासकर मिर्जापुर से उनके पुराने संबंधों ने राजनीतिक अटकलों को और हवा दी है। लेकिन अभी तक उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उन्होंने राजनीति में जाने की पुष्टि नहीं की है। इसलिए 2027 के विधानसभा चुनाव में मिर्जापुर से उनकी उम्मीदवारी को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। इतना जरूर है कि उनके इस्तीफे के बाद उनके समर्थकों और स्थानीय लोगों के बीच उनके अगले कदम को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। आने वाले दिनों में अगर वह कोई नई भूमिका या राजनीतिक फैसला घोषित करती हैं, तो तस्वीर साफ हो सकती है। फिलहाल उनकी सोशल मीडिया पोस्ट में जिस ‘नए अध्याय’ की बात कही गई है, वह राजनीति होगा या कोई दूसरा रास्ता, यह अभी सामने नहीं आया है।