अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि अमेरिका अपने स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व को भरने के लिए वेनेजुएला के तेल का इस्तेमाल करेगा. उन्होंने दावा किया कि पिछली जो बाइडन सरकार के समय यह रिजर्व “लगभग खाली” हो गया था. ट्रंप ने एक पोस्ट में कहा कि वेनेजुएला के तेल से मैं जो काम करने जा रहा हूं, उनमें से एक है स्ट्रैटेजिक नेशनल रिजर्व को भरना. उन्होंने कहा कि रिजर्व को फिर से भरने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी और इस तेल को “वेनेजुएला की ओर से अमेरिकी लोगों के लिए एक तोहफा” बताया.

स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिज़र्व दुनिया का सबसे बड़ा इमरजेंसी कच्चा तेल भंडार है. इसे अमेरिकी सरकार तेल की सप्लाई में बड़ी रुकावटों के दौरान इकोनॉमी को बचाने के लिए बनाए रखती है. ट्रंप ने बारबार रिजर्व से तेल निकालने की आलोचना की है और कच्चे तेल के भंडार को फिर से भरने का वादा किया है.
ट्रंप की ये ताजा टिप्पणियां वेनेजुएला के प्रति वॉशिंगटन के बदलते रुख के बीच आई हैं. वेनेजुएला में दुनिया के सबसे बड़े प्रमाणित कच्चे तेल के भंडार मौजूद हैं. काराकास के प्रति अमेरिकी पॉलिसी कभी पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार पर प्रतिबंध लगाने तो कभी कुछ तेल लेनदेन की इजाजत देने के लिए प्रतिबंधों में थोड़ी ढील देने के बीच बदलती रही है.
दुनिया के इतिहास की सबसे बड़ी तेल डील
ट्रंप ने पहले एक पोस्ट में लिखा था कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने वेनेजुएला देश के साथ दुनिया के इतिहास की सबसे बड़ी तेल डील का समझौता किया है! अमेरिकी प्रशासन ने वेनेजुएला के साथ एक बड़ा समझौता किया है. अगर यह समझौता लागू होता है, तो अमेरिका को दक्षिण अमेरिकी देश के अब तक इस्तेमाल न किए गए तेल भंडारों तक पहुंच मिल सकती है.
वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज की सरकार ने एक बयान में कहा कि इस डील में 17 तेल क्षेत्रों का विकास शामिल है, जिनमें 65 अरब बैरल तेल होने की संभावना है. इसमें यह भी कहा गया है कि इस समझौते से वेनेजुएला के तेल उद्योग में 100 अरब डॉलर का निवेश आ सकता है और काराकास को 209 अरब डॉलर से ज्यादा का टैक्स मिल सकता है. टेलीग्राम पर एक पोस्ट शेयर करते हुए उन्होंने अनुमान लगाया कि इस डील का हमारे देश के पुनरुद्धार पर बड़ा असर पड़ेगा.
अमेरिकावेनेजुएला डील की शर्तें क्या हैं?
AP के अनुसार, अमेरिकी सरकार और वेनेजुएला में एक अज्ञात प्राइवेट ऑपरेटर ने एक नई कंपनी बनाई, जिसे 100 साल के लिए बिना इस्तेमाल किए गए तेल क्षेत्रों के अधिकार दिए गए. ट्रंप ने कहा कि इस समझौते पर सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और रोड्रिगेज के बीच बातचीत हुई थी. इस तेल समझौते से अमेरिका को नई कंपनी के कुल उत्पादन का 55 फीसदी हिस्सा मिलेगा, जिसमें मालिकाना हक और कॉस्ट वैल्यू पर तेल खरीदने का अधिकार भी शामिल है. AP की रिपोर्ट के अनुसार, एक अधिकारी ने बताया कि सऊदी अरामको के बाद यह कंपनी प्रमाणित तेल भंडार की मालिक दूसरी सबसे बड़ी कॉर्पोरेट कंपनी होगी.