शनिवार, 29 अगस्त 2026 ब्रेकिंग
गंभीर ने Team India के जज़्बे को सराहा, Sonal Dinusha की पारी की भी तारीफ​ | Budget 2027 की तैयारी शुरू, 12 अक्टूबर से होंगी बड़ी बैठकें, सरकार ने मांगा हिसाब-किताब​ | Ather का नया Konarc इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च, 200km रेंज के साथ मिलेंगे कई स्मार्ट फीचर्स​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Business

₹22,000 करोड़ की लोन माफी पर सुभाष चंद्रा का आया बयान, बोले- मेरी छवि को बिगाड़ रहे कुछ लोग!​

₹22,000 करोड़ के लोन माफी के मामले में उठ रहे सवालों पर एस्सेल ग्रुप के फाउंडर सुभाष चंद्रा ने सफाई दी है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग मेरी छवि को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं. ग्रुप ने करीब 45,000 करोड़ रुपये के कुल कर्ज में से 43,000 करोड़ रुपये चुका दिए हैं. साथ ही […]

₹22,000 करोड़ के लोन माफी के मामले में उठ रहे सवालों पर एस्सेल ग्रुप के फाउंडर सुभाष चंद्रा ने सफाई दी है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग मेरी छवि को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं. ग्रुप ने करीब 45,000 करोड़ रुपये के कुल कर्ज में से 43,000 करोड़ रुपये चुका दिए हैं. साथ ही उन्होंने पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए स्वतंत्र ऑडिट कराने की मांग की है.

सुभाष चंद्रा ने कहा कि बैंकिंग सिस्टम और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक स्वतंत्र ऑडिटर नियुक्त करना चाहिए, जो यह जांच करे कि ग्रुप ने कितना कर्ज लिया, कितना चुकाया और कहां डिफॉल्ट हुआ.

निजी संपत्तियां बेचकर चुकाया कर्ज

चंद्रा के मुताबिक, ग्रुप की मुश्किलें 24 जनवरी 2019 के आसपास सामने आनी शुरू हुई थीं. इसकी बड़ी वजह संपत्तियों और देनदारियों के बीच असंतुलन था. उन्होंने कहा कि उस समय उन्होंने बैंकिंग सिस्टम को खुला पत्र लिखकर अपनी गलती स्वीकार की थी और कर्ज चुकाने का भरोसा दिया था. उन्होंने बताया कि कर्ज चुकाने के लिए परिवार और निजी संपत्तियां तक बेचनी पड़ीं. यहां तक कि Zee को बेचने की कोशिश हुई और उनका घर भी गिरवी रखा गया.

सुभाष चंद्रा के मुताबिक, करीब 2,000 करोड़ रुपये का कर्ज अभी अटका हुआ है. खासकर इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मामलों में राज्य सरकारों से भुगतान नहीं मिलने के कारण परेशानी बनी हुई है. कुछ संपत्तियां बेचकर भी रकम जुटाई जाएगी.

NCLT मामले पर क्या कहा?

सुभाष चंद्रा ने कहा कि NCLT की कार्रवाई उनके निजी कर्ज को लेकर नहीं, बल्कि कुछ बैंकों को दी गई व्यक्तिगत गारंटी से जुड़ी है. उन्होंने यह भी कहा कि करीब 620 करोड़ रुपये के दावे पहले ही चुकाए जा चुके हैं. हालांकि, NCLT ने हाल ही में करीब 22,006.57 करोड़ रुपये के स्वीकार किए गए दावों के मुकाबले लगभग 6.5 करोड़ रुपये के भुगतान प्लान को मंजूरी दी है. HDFC Bank ने इस फैसले के खिलाफ अपील करने की बात कही है.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY