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रात में सोने से एक घंटे पहले फोन बंद करना? ऐसा करने से शरीर में क्या होता है?​

खराब नींद, दिनभर थकान, आंखों में दर्द या चुभन और ऐसी कई समस्याएं लोगों को लगातार बनी हुई है. दिमाग और आंखों पर इस बुरे असर की एक बड़ी वजह मोबाइल भी है. लोग घंटों स्क्रीन देखते हैं जिसमें रील्स को देखना सबसे कॉमन है. दिक्कत और तब बढ़ती है जब रात में सोने से […]

खराब नींद, दिनभर थकान, आंखों में दर्द या चुभन और ऐसी कई समस्याएं लोगों को लगातार बनी हुई है. दिमाग और आंखों पर इस बुरे असर की एक बड़ी वजह मोबाइल भी है. लोग घंटों स्क्रीन देखते हैं जिसमें रील्स को देखना सबसे कॉमन है. दिक्कत और तब बढ़ती है जब रात में सोने से पहले लोग लगातार देर तक फोन देखते हैं. अंधेरे में फोन की ब्लू लाइट कई तरीकों से हमें नुकसान पहुंचाती है.

वैसे अब लोग ये समझने लगे हैं कि फोन की लत कैसे हमारे लिए खतरा बनती जा रही है. इसमें सोने से एक घंटे पहले फोन को न छूने की सलाह दी जाती है. पर क्या आपने सोचा है कि आखिर सोने से एक घंटे पहले फोन यूज न करने से शरीर में क्या होता है?

एक्सपर्ट ने क्या कहा?

डॉक्टर अमित कुमार मंडल सोने से कम से कम एक घंटे पहले फोन को दूर रखने या बंद करने से शरीर और दिमाग को नींद के लिए स्वाभाविक रूप से तैयार होने का समय मिलता है. हमारी नींद और जागने की प्रक्रिया शरीर की सर्केडियन रिदम से नियंत्रित होती है.

रात में मोबाइल फोन और अन्य स्क्रीन से निकलने वाली रोशनी, विशेषकर नीली रोशनी, मेलाटोनिन हार्मोन के स्राव को प्रभावित कर सकती है. मेलाटोनिन शरीर को संकेत देता है कि अब आराम और नींद का समय है. इसलिए सोने से पहले स्क्रीन से दूरी बनाने से नींद आने की प्रक्रिया आसान हो सकती है.

नींद के पैटर्न पर बुरा असर

इसका फायदा केवल स्क्रीन की रोशनी कम होने तक सीमित नहीं है. मोबाइल पर सोशल मीडिया, वीडियो, समाचार, काम से जुड़े संदेश या लगातार नोटिफिकेशन देखना दिमाग को सक्रिय बनाए रख सकता है. कई बार व्यक्ति कुछ मिनट के लिए फोन देखने के इरादे से शुरू करता है, लेकिन स्क्रीन पर अधिक समय बिताने के कारण सोने का समय आगे बढ़ जाता है. इससे नींद की कुल अवधि भी कम हो सकती है.

फोन नहीं किताब पढ़ें

सोने से एक घंटा पहले फोन अलग रखने की आदत दिमाग को शांत होने और शरीर को नींद के लिए तैयार होने का अवसर देती है. इस दौरान किताब पढ़ना, हल्की स्ट्रेचिंग, ध्यान या परिवार के साथ शांत बातचीत जैसे विकल्प अपनाए जा सकते हैं. हालांकि, यह समझना जरूरी है कि केवल फोन बंद करना हर तरह की नींद की समस्या का समाधान नहीं है.

पर्याप्त नींद, नियमित सोनेजागने का समय और स्वस्थ दिनचर्या भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं. इसे नियमित आदत बनाना नींद की गुणवत्ता और अगले दिन की ऊर्जा के लिए अधिक लाभकारी हो सकता है.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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