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सुप्रीम कोर्ट में बड़ा मोड़: अभिषेक बनर्जी के सहयोगी सुमित रॉय से हिरासत में पूछताछ चाहती है बंगाल सरकार​

नई दिल्ली।  पश्चिम बंगाल के सालबोनी जमीन मामले में तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित रॉय को लेकर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। राज्य सरकार ने कोर्ट से रॉय को हिरासत में लेकर पूछताछ की अनुमति देने की मांग की। सरकार का आरोप है कि रॉय जांच में सहयोग […]

नई दिल्ली।  पश्चिम बंगाल के सालबोनी जमीन मामले में तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित रॉय को लेकर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। राज्य सरकार ने कोर्ट से रॉय को हिरासत में लेकर पूछताछ की अनुमति देने की मांग की। सरकार का आरोप है कि रॉय जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और सवालों से बच रहे हैं।

सरकार ने कोर्ट में क्या कहा

राज्य की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि जांच एजेंसी को रॉय से हिरासत में पूछताछ की जरूरत है। सरकार ने पुलिस की ओर से अब तक जुटाई गई सामग्री को सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट के सामने रखा।

रॉय के वकील ने क्या दलील दी

रॉय की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि उनके मुवक्किल कोर्ट के निर्देश के मुताबिक जांच एजेंसी के सामने पेश हो रहे हैं। उन्होंने यह भी दलील दी कि उन्हें चुप रहने का संवैधानिक अधिकार है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या किया

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने फिलहाल रॉय को मिली गिरफ्तारी से सुरक्षा वापस नहीं ली। कोर्ट ने 6 अगस्त के आदेश को आगे बढ़ाते हुए कहा कि सीलबंद सामग्री देखने के बाद मामले पर आगे सुनवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि 6 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने रॉय की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए उन्हें जांच में पूरी तरह सहयोग करने और पूछताछ के लिए उपलब्ध रहने का निर्देश दिया था।

मामला क्या है
सालबोनी, पश्चिम मेदिनीपुर में कथित सरकारी जमीन हड़पने और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े मामले में पुलिस जांच चल रही है। मामले में धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और आपराधिक साजिश जैसी धाराएं लगाई गई हैं।

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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