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प्यार में वफादारी का प्रतीक है दुनिया में सबसे लम्बा उड़ने वाला यह पक्षी​

उत्‍तर प्रदेश का राजकीय पक्षी… दुनिया में कई पक्ष‍ियों के नाम रिकॉर्ड दर्ज है. जैसे बी हमिंगबर्ड दुनिया की सबसे छोटी चिड़िया है, उसी तरह दुनिया का सबसे लम्‍बा उड़ने वाला पक्षी सारस क्रेन है. 1.8 मीटर लम्‍बा सारस क्रेन पतले पैर और लंबी गर्दन के कारण कद लंबा होता है. यह उत्‍तर प्रदेश का […]

उत्‍तर प्रदेश का राजकीय पक्षी… दुनिया में कई पक्ष‍ियों के नाम रिकॉर्ड दर्ज है. जैसे बी हमिंगबर्ड दुनिया की सबसे छोटी चिड़िया है, उसी तरह दुनिया का सबसे लम्‍बा उड़ने वाला पक्षी सारस क्रेन है. 1.8 मीटर लम्‍बा सारस क्रेन पतले पैर और लंबी गर्दन के कारण कद लंबा होता है. यह उत्‍तर प्रदेश का राजकीय पक्षी है.

कितना खास… यह देखने में बेहद आकर्षक होता है. लंबे गुलाबी रंग के पैर, सिर और गर्दन पर लाल धब्बा और हल्के गुलाबी रंग की चोंच इसे आकर्षक बनाती है. नर मादा से लंबे होते हैं. इसे साल 2013 में उत्तर प्रदेश के राजकीय पक्षी का दर्जा दिया गया था. उत्तर प्रदेश में आर्द्रभूमि में सारस की बड़ी आबादी पाई जाती है.

कितने देशों में पाया जाता है… सारस भारत, नेपाल, दक्षिणपूर्व एशिया और उत्तरी ऑस्ट्रेलिया में खुले आर्द्रभूमि, जलमग्न खेतों और घास के मैदानों में पाए जाते हैं. सारस की प्रजात‍ियां लंबी दूरी तक प्रवास नहीं करते और आमतौर पर पूरे सालभर अपने मूल क्षेत्र के आसपास ही रहते हैं. आर्द्रभूमि आवास में कमी होने के कारण इन्‍हें संकटग्रस्त श्रेणी में रखा गया है.

वफादार जीवनसाथी… सारस के बारे में दिलचस्‍प बात है कि एक बार जोड़ा बनने के बाद ये जीवनभर साथ रहते है. अगर साथी की मौत हो जाए तो भी दूसरा लम्‍बे समय तक या तो अकेला रहता है या शोक में डूबा रहता है. यही वजह है कि भारतीय लोककथाओं में इसे प्रेम और वफादारी का प्रतीक माना जाता है.

भारत में कहां संख्‍या ज्‍यादा… ये दुनिया के कई देशों में पाए जाते हैं, लेकिन भारत में इनकी सबसे ज्‍यादा संख्‍या उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और गुजरात के दलदली इलाकों में है. पिछले कुछ सालों में इनकी संख्‍या घटी है, हालांकि इन्‍हें बचाने के लिए सरकार और एनजीओ ने प्रयास भी किए हैं.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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