सोमवार, 24 अगस्त 2026 ब्रेकिंग
UPI के 10 साल पूरे… डिजिटल पेमेंट में भारत ने ऐसे कायम की दुनिया में बादशाहत!​ | किडनी में पथरी या यूरिन इन्फेक्शन…दोनों दिक्कतों में फर्क कैसे करें, एक्सपर्ट से जानें​ | गेहूं निर्यात पर बड़ा फैसला: केंद्र ने हटाई पाबंदियां​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Viral

अमेरिकी Gen-Z में बढ़ी आक्रामक सोच​

अमेरिका। अमेरिका में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर नई बहस छिड़ गई है। एक हालिया राष्ट्रीय स्तर के अध्ययन में सामने आया है कि अमेरिकी GenZ, अन्य उम्र समूहों की तुलना में, किसी सार्वजनिक वक्ता को बोलने से रोकने के लिए शोर मचाकर भाषण बाधित करने, लोगों को कार्यक्रम में जाने से रोकने और कुछ […]

अमेरिका। अमेरिका में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर नई बहस छिड़ गई है। एक हालिया राष्ट्रीय स्तर के अध्ययन में सामने आया है कि अमेरिकी GenZ, अन्य उम्र समूहों की तुलना में, किसी सार्वजनिक वक्ता को बोलने से रोकने के लिए शोर मचाकर भाषण बाधित करने, लोगों को कार्यक्रम में जाने से रोकने और कुछ मामलों में हिंसा का इस्तेमाल करने को ज्यादा स्वीकार्य मानती है।

अध्ययन में 4,188 लोगों के राष्ट्रीय प्रतिनिधि नमूने का विश्लेषण किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि यदि वक्ता के विचार लोगों को बेहद आपत्तिजनक लगते हैं, तो ऐसे भाषणों को रोकने के लिए कठोर तरीकों की स्वीकार्यता बढ़ जाती है। हालांकि, अधिकांश अमेरिकी अब भी वक्ताओं को रोकने के लिए हिंसा को अस्वीकार्य मानते हैं, लेकिन GenZ में इसकी स्वीकार्यता अन्य पीढ़ियों की तुलना में अधिक पाई गई।

शोध के अनुसार, विचारधारा के आधार पर भी राय बदलती है, लेकिन जब लोगों से उनके लिए व्यक्तिगत रूप से सबसे आपत्तिजनक विचारों के संदर्भ में सवाल पूछा गया तो वैचारिक अंतर काफी कम हो गया। यह निष्कर्ष अमेरिका में फ्री स्पीच, विरोध के अधिकार और सार्वजनिक बहस की सीमाओं पर नई चर्चा को जन्म दे रहा है।

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY