Bahraich News: उत्तर प्रदेश के बहराइच में शनिवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश ने मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी. बारिश के बाद मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी विभाग के परिसर में भारी जलभराव हो गया. हालात ऐसे रहे कि खून की जांच कराने पहुंचे मरीजों और तीमारदारों को पानी के बीच खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा. जलभराव का वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं.

बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह बहराइच में तेज बारिश हुई. कुछ ही देर की बारिश के बाद मेडिकल कॉलेज परिसर में कई स्थानों पर पानी भर गया. पैथोलॉजी विभाग के आसपास भी बारिश का पानी जमा हो गया. इसी दौरान खून की जांच कराने पहुंचे मरीजों की लाइन लग गई. मरीज और उनके परिजन पानी से होकर पैथोलॉजी विभाग तक पहुंचते दिखाई दिए.
पैथोलॉजी में घुटनों तक भरा पानी
सामने आए वीडियो में पैथोलॉजी विभाग के बाहर काफी मात्रा में पानी जमा नजर आ रहा है. इसी पानी के बीच मरीज और तीमारदार खड़े दिखाई दे रहे हैं. कई लोगों को जलभराव से होकर गुजरना पड़ा. अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह पानी जमा होने से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि बारिश के दौरान अस्पताल पहुंचना और जांच के लिए पैथोलॉजी विभाग तक जाना मुश्किल हो गया. सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, बीमार मरीजों और बच्चों के साथ आने वाले परिजनों को हुई. लोगों ने अस्पताल परिसर में जलनिकासी की बेहतर व्यवस्था किए जाने की मांग की है, ताकि बारिश के दौरान मरीजों को इस तरह की परेशानी न उठानी पड़े.
मरीजों को भी हुई परेशानी
मामले को लेकर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने इस संबंध में बातचीत करने से इनकार कर दिया. ऐसे में जलभराव को लेकर अस्पताल प्रशासन की ओर से तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आ सकी है. बारिश के बाद अस्पताल परिसर में जलभराव की यह तस्वीर स्वास्थ्य व्यवस्था और जलनिकासी की तैयारियों पर सवाल खड़े करती है. मेडिकल कॉलेज में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज और जांच के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में जरूरी है कि अस्पताल परिसर में बारिश के पानी की निकासी के लिए स्थायी और प्रभावी व्यवस्था हो.
अब देखना होगा कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है और मरीजों को बारिश के दौरान होने वाली इस परेशानी से कब तक राहत मिलती है. फिलहाल सामने आई तस्वीरें अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल जरूर खड़े कर रही हैं.
रिपोर्ट अनिल तिवारी