बुधवार, 19 अगस्त 2026 ब्रेकिंग
जैसे ही खाली किया, 2 घंटे बाद भरभराकर ढहा मकान, परिवार बोला- देवी मां के कहने पर निकले थे घर से बाहर​ | रेलवे का एक्शन… ट्रेनों से 8 हजार ऐसी पानी की बोतलें और आइसक्रीम जब्त, जिन्हें बेचने की नहीं थी इजाजत!​ | नोएडा से लखनऊ तक…,यूपी में घर खरीदना सबसे मुश्किल कहां पर है?​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Business

PPF या SIP: 15 साल तक हर महीने पैसे जमा करने पर कहां मिलेगा मोटा मुनाफा? देखें कैलकुलेशन​

PPF या SIP: हर साल अपनी मेहनत की कमाई से पैसे बचाना, एक आम इंसान के लिए अहम फैसला होता है. अगर आप भी सालाना 1.5 लाख रुपये निवेश करने का मन बना चुके हैं, तो सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि ये पैसा पीपीएफ में जमा किया जाए या फिर म्यूचुअल फंड की […]

PPF या SIP: हर साल अपनी मेहनत की कमाई से पैसे बचाना, एक आम इंसान के लिए अहम फैसला होता है. अगर आप भी सालाना 1.5 लाख रुपये निवेश करने का मन बना चुके हैं, तो सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि ये पैसा पीपीएफ में जमा किया जाए या फिर म्यूचुअल फंड की एसआईपी का रास्ता चुना जाए. दोनों ही विकल्प 15 साल की लंबी अवधि के लिए बेहतरीन माने जाते हैं. एक तरफ सरकार की मजबूत गारंटी है, तो दूसरी तरफ शेयर बाजार की तेज रफ्तार का फायदा. आइए इस निवेश के पूरे गणित को समझते हैं ताकि आप सही फैसला ले सकें.

सुरक्षा की गारंटी बनाम मोटा मुनाफा

पीपीएफ देश की सबसे पुरानी, सुरक्षित बचत योजनाओं में से एक है. इसमें निवेश पर ब्याज दर पहले से तय होती है, जो फिलहाल 7.1 फीसदी है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है. बाजार के उतारचढ़ाव का इस पर कोई असर नहीं होता. इसके विपरीत, एसआईपी के जरिए म्यूचुअल फंड में पैसा लगाया जाता है. इसका सीधा जुड़ाव शेयर बाजार से होता है. बाजार की चाल अच्छी रही, तो आपको उम्मीद से कहीं ज्यादा रिटर्न मिल सकता है. हालांकि, बाजार गिरने पर मुनाफे में कमी की आशंका भी हमेशा बनी रहती है.

15 साल के निवेश का पूरा गणित

इसे एक सीधे उदाहरण से समझते हैं. मान लीजिए, राहुल और अमित हर साल 1.5 लाख रुपये निवेश करने का फैसला करते हैं. राहुल अपना पैसा पीपीएफ में डालता है, जबकि अमित हर महीने 12,500 रुपये की एसआईपी शुरू करता है. 15 साल तक लगातार निवेश करने पर दोनों का कुल जमा 22.5 लाख रुपये होगा.

अब बात करते हैं 15 साल बाद मिलने वाली रकम की. पीपीएफ में 7.1 फीसदी ब्याज के हिसाब से राहुल को करीब 40.7 लाख रुपये मिलेंगे. वहीं, अगर अमित की एसआईपी पर औसतन 12 फीसदी का सालाना रिटर्न मिलता है, तो उसका फंड बढ़कर 63.1 लाख रुपये तक पहुंच सकता है. इस स्थिति में एसआईपी करने वाले व्यक्ति को पीपीएफ के मुकाबले लगभग 22 लाख रुपये ज्यादा मिलते हैं.

बाजार के रिटर्न का सीधा असर

एसआईपी में कोई फिक्स्ड गारंटी नहीं होती. असली तस्वीर बाजार के बर्ताव पर निर्भर करती है. अगर 15 साल में आपका औसत रिटर्न 8 फीसदी ही रहता है, तो कुल फंड करीब 43 लाख रुपये बनेगा. ऐसे में पीपीएफ के मुकाबले इसका फासला बहुत मामूली रह जाता है. लेकिन, अगर रिटर्न 10 फीसदी रहता है तो 52 लाख रुपये मिल सकते हैं. वहीं 15 फीसदी का रिटर्न मिलने पर 84 लाख रुपये तक का भारीभरकम फंड तैयार हो सकता है.

टैक्स छूट में कौन मारता है बाजी

कमाई के साथसाथ टैक्स को समझना भी बेहद जरूरी है. इस मामले में पीपीएफ का पलड़ा भारी है. इसमें जमा की जाने वाली रकम, हर साल मिलने वाला ब्याज तथा 15 साल बाद मिलने वाली पूरी मैच्योरिटी राशि, तीनों पर एक रुपये का टैक्स नहीं लगता. वहीं, म्यूचुअल फंड में निवेश पर आपको टैक्स चुकाना पड़ सकता है. यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि आपने किस तरह के फंड में पैसा लगाया है.

सही प्लान क्या होनी चाहिए

वित्तीय मामलों के जानकारों के मुताबिक, निवेश का फैसला आपकी अपनी क्षमता पर निर्भर करता है. अगर आप बिना किसी तनाव के तय रिटर्न चाहते हैं, तो पीपीएफ सुकून भरा विकल्प है. अगर आप भविष्य की महंगाई को मात देकर ज्यादा पूंजी बनाना चाहते हैं, तो एसआईपी शानदार टूल साबित हो सकता है.

सबसे बेहतर तरीका यह है कि आप अपना पूरा पैसा किसी एक जगह न लगाएं. आप सालाना 75,000 रुपये पीपीएफ में जमा कर सकते हैं, बाकी बचे 75,000 रुपये एसआईपी में लगा सकते हैं. इससे आपको एक तरफ सरकारी सुरक्षा का भरोसा मिलेगा, तो दूसरी तरफ बाजार की ग्रोथ भी आपके निवेश को तेजी से बढ़ाएगी.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY