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Kedareshwar Temple: जहां अर्जुन ने स्थापित किया था शिवलिंग! कहानी 10वीं सदी के केदारेश्वर धाम की, सावन में उमड़ता है आस्था का सैलाब​ | घर पर केले से तैयार करें हेल्दी और टेस्टी डेजर्ट, स्वाद होगा लाजवाब​ | Shubman Gill फिट, Yashasvi Jaiswal का जलवा, Sri Lanka के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया का दमदार प्रदर्शन​
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Kedareshwar Temple: जहां अर्जुन ने स्थापित किया था शिवलिंग! कहानी 10वीं सदी के केदारेश्वर धाम की, सावन में उमड़ता है आस्था का सैलाब​

Kedareshwar Temple Jhansi: बुंदेलखंड की धरती अपने भीतर इतिहास, आस्था और रहस्यों की अनगिनत कहानियां समेटे हुए है. इन्हीं में से एक है झांसी के मऊरानीपुर क्षेत्र में स्थित प्राचीन केदारेश्वर मंदिर, जहां सावन के महीने में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ता है. चंदेलकालीन स्थापत्य की गवाही देता यह मंदिर आज भी श्रद्धालुओं के लिए […]

Kedareshwar Temple Jhansi: बुंदेलखंड की धरती अपने भीतर इतिहास, आस्था और रहस्यों की अनगिनत कहानियां समेटे हुए है. इन्हीं में से एक है झांसी के मऊरानीपुर क्षेत्र में स्थित प्राचीन केदारेश्वर मंदिर, जहां सावन के महीने में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ता है. चंदेलकालीन स्थापत्य की गवाही देता यह मंदिर आज भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है.

मान्यता है कि दसवीं शताब्दी में चंदेल राजाओं ने इस प्राचीन मंदिर का निर्माण कराया था. मंदिर में मौजूद दुर्लभ चंदेलकालीन शिवलिंग इसकी ऐतिहासिक विरासत को और खास बना देता है. मंदिर की पत्थर की दीवारों और दरवाजों पर की गई बारीक नक्काशी आज भी प्राचीन स्थापत्य कला की कहानी सुनाती है. लेकिन इस मंदिर की सबसे रोचक कहानी इससे जुड़ी धार्मिक मान्यता है.

अर्जुन ने की थी शिवलिंग की स्थापना

ऐसा कहा जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण के आदेश पर महाभारत काल में अर्जुन ने यहां शिवलिंग की स्थापना की थी. यही वजह है कि केदारेश्वर मंदिर श्रद्धालुओं के बीच केवल एक प्राचीन मंदिर नहीं, बल्कि पौराणिक आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र भी माना जाता है. जनश्रुति के अनुसार, द्वापरयुग में भगवान श्री कृष्ण के आदेश पर पांडव पुत्र अर्जुन ने स्वयं इस पावन स्थल पर शिवलिंग की स्थापना की थी.

स्थानीय लोगों के बीच मंदिर को लेकर एक और रहस्यमयी मान्यता प्रचलित है. कहा जाता है कि सुबह जब मंदिर के कपाट खोले जाते हैं, तो ऐसा आभास होता है मानो किसी अदृश्य शक्ति ने उससे पहले ही भगवान शिव की पूजा कर दी हो. यही मान्यता मंदिर के प्रति श्रद्धालुओं की जिज्ञासा और आस्था को और गहरा करती है. सावन में यहां का नजारा देखते ही बनता है.

सावन उमड़ी है श्रद्धालुओं की भीड़

दूरदराज के इलाकों से श्रद्धालु और कांवड़ यात्री पहुंचते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक कर अपनी मनोकामनाएं मांगते हैं. मंदिर परिसर में पूरे सावन भक्तिमय माहौल बना रहता है. श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर की ऐतिहासिकता को देखते हुए योगी सरकार ने पर्यटन विभाग के माध्यम से यहां मूलभूत सुविधाओं का विकास कराया है. मंदिर तक संपर्क सड़क, बैठने की व्यवस्था, पेयजल और शेड जैसी सुविधाओं से श्रद्धालुओं को काफी सहूलियत मिली है.

क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी डी के शर्मा के मुताबिक, केदारेश्वर मंदिर के प्रति लोगों की गहरी श्रद्धा है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शनपूजन के लिए पहुंचते हैं. ऐतिहासिक विरासत और धार्मिक आस्था का यह संगम आज भी बुंदेलखंड की पहचान को समृद्ध कर रहा है.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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