आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन एआई से जुड़ी सेवाएं देने वाली दो भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई है. केल्टन टेक का शेयर अपने 52सप्ताह के उच्च स्तर से करीब 51% नीचे है, जबकि जेनसर टेक्नोलॉजीज करीब 42% टूट चुका है. खास बात यह है कि दोनों कंपनियां एआई प्लेटफॉर्म और एआई आधारित प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि यह गिरावट निवेश का मौका है या फिर वैल्यू ट्रैप.

केल्टन टेक: एआई कारोबार के बावजूद शेयर में बड़ी गिरावट
हैदराबाद स्थित केल्टन टेक डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन कंपनी है, जिसका करीब 81.5% राजस्व अमेरिका से आता है. जून 2026 तिमाही के अनुसार कंपनी के कारोबार में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की हिस्सेदारी 84% है. कंपनी ने माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन वेब सर्विसेज और एसएपी जैसी टेक कंपनियों के साथ साझेदारी की है. जून तिमाही में कंपनी ने फीनिक्स.एआई और स्ट्रक्टी.एआई जैसे प्लेटफॉर्म लॉन्च किए. इसके बावजूद शेयर करीब 51% नीचे है और 6 अगस्त 2026 को करीब 14.2 रुपये पर बंद हुआ. कंपनी का शेयर करीब 8 गुना पीई पर कारोबार कर रहा है, जबकि इंडस्ट्री का मध्य स्तर 26 गुना बताया गया है.
केल्टन टेक में ये जोखिम भी नजर आ रहे हैं
केल्टन टेक की बिक्री वित्त वर्ष 2021 के 776 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 1,217 करोड़ रुपये हुई, लेकिन एबिटा 108 करोड़ से बढ़कर 135 करोड़ रुपये ही रहा. कंपनी के प्रमोटर की हिस्सेदारी जून 2023 के 52.14% से घटकर मार्च 2026 में 37.67% रह गई. वित्त वर्ष 2026 में परिचालन से नकदी प्रवाह 10 करोड़ रुपये नकारात्मक रहा और फ्री कैश फ्लो भी 208 करोड़ रुपये नकारात्मक रहा. कंपनी के देनदार दिन भी वित्त वर्ष 2020 के 96 से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 118 हो गए. यानी मुनाफे के बावजूद नकदी में बदलने की क्षमता पर सवाल बना हुआ है.
जेनसर टेक्नोलॉजीज: एआई के साथ मजबूत बैलेंस शीट
पुणे मुख्यालय वाली जेनसर टेक्नोलॉजीज आरपीजी समूह की मिडकैप आईटी कंपनी है. कंपनी का मार्केट कैप करीब 11,389 करोड़ रुपये है और कर्ज लगभग न के बराबर है. जुलाई 2026 की जानकारी के अनुसार कंपनी के 85% कर्मचारियों को एआई का प्रमाणन मिल चुका है. कंपनी ने जेनसेएआई के तहत एआई एजेंट प्लेटफॉर्म और बीमा क्षेत्र के लिए एआई समाधान पेश किए हैं. जून 2026 तिमाही में कंपनी की बिक्री 1,508 करोड़ रुपये रही, जो सालाना आधार पर 8.9% अधिक है. वहीं शेयर 6 अगस्त को करीब 501 रुपये पर था और अपने उच्च स्तर 985 रुपये से 40% से ज्यादा नीचे है.
2,600 करोड़ से ज्यादा नकदी, फिर भी शेयर दबाव में
जेनसर टेक्नोलॉजीज की सबसे बड़ी मजबूती उसकी वित्तीय स्थिति बताई गई है. जून 2026 के अंत में कंपनी के पास नकदी और उसके बराबर संसाधन 317.5 मिलियन डॉलर यानी 2,600 करोड़ रुपये से ज्यादा थे. वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का फ्री कैश फ्लो 719 करोड़ रुपये रहा और उसने मुनाफे का 44% हिस्सा लाभांश के रूप में दिया. शेयर करीब 14 गुना पीई पर कारोबार कर रहा है, जबकि इंडस्ट्री का मध्य स्तर 23 गुना बताया गया है. हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी घटकर 10.7% रह गई है और जून तिमाही में नए ऑर्डर 149.2 मिलियन डॉलर रहे, जो कई तिमाहियों का निचला स्तर था.
AI का नाम काफी नहीं, असली नजर नकदी पर
दोनों कंपनियों की कहानी दिखाती है कि सिर्फ एआई से जुड़ा कारोबार होना शेयर में तेजी की गारंटी नहीं है. केल्टन टेक के पास एआई प्लेटफॉर्म और ग्राहक हैं, लेकिन कमजोर नकदी प्रवाह, प्रमोटर हिस्सेदारी में गिरावट और बढ़ते देनदार दिन जोखिम बढ़ाते हैं. दूसरी ओर जेनसर टेक्नोलॉजीज के पास मजबूत नकदी, लगभग कर्जमुक्त बैलेंस शीट, एआई प्रशिक्षित कर्मचारी और बड़ा सौदा है, लेकिन इसकी बिक्री वृद्धि और नए ऑर्डर पर नजर रखना जरूरी है. ऐसे में दोनों शेयरों में गिरावट को सिर्फ सस्ता भाव मानने के बजाय कंपनी की कमाई, नकदी और कारोबार की स्थिति के आधार पर देखना होगा.
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