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अश्लीलता और IT एक्ट के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई, पिछले 2 साल में 50 OTT प्लेटफॉर्म्स बैन​

आजकल लगभग हर किसी के हाथ में स्मार्टफोन है और खाली समय में मनोरंजन के लिए हम सभी डिजिटल मीडिया या किसी ओटीटी प्लेटफॉर्म का रुख करते हैं. लेकिन इंटरनेट की इस असीमित दुनिया में कई बार ऐसा कंटेंट भी परोसा जाने लगा है, जो समाज के मानकों के हिसाब से बिल्कुल सही नहीं है. […]

आजकल लगभग हर किसी के हाथ में स्मार्टफोन है और खाली समय में मनोरंजन के लिए हम सभी डिजिटल मीडिया या किसी ओटीटी प्लेटफॉर्म का रुख करते हैं. लेकिन इंटरनेट की इस असीमित दुनिया में कई बार ऐसा कंटेंट भी परोसा जाने लगा है, जो समाज के मानकों के हिसाब से बिल्कुल सही नहीं है. इसे लेकर अब सरकार ने अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट और सख्त कर दिया है.

हाल ही में लोकसभा में सरकार ने डिजिटल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को रेगुलेट करने के लिए उठाए गए कदमों की विस्तार से जानकारी दी है. सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने बताया कि डिजिटल स्पेस को सुरक्षित और साफसुथरा बनाने के लिए सरकार आईटी नियम, 2021 के तहत लगातार कड़े फैसले ले रही है.

50 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर कैसे गिरी गाज

पिछले दो सालों के भीतर सरकार ने डिजिटल सफाई अभियान के तहत 50 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को भारत में पब्लिक एक्सेस के लिए पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया है. इन प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने का आरोप था. सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सख्त कार्रवाई आईटी एक्ट, बीएनएस की धारा 294 और महिलाओं के अश्लील प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1986 के प्रावधानों के तहत की गई है. इस फैसले का सीधा संदेश है कि नियमों को ताक पर रखकर सिर्फ व्यूज बटोरने वाले प्लेटफॉर्म्स के लिए अब डिजिटल दुनिया में मनमानी करने की कोई गुंजाइश नहीं है.

आपकी शिकायत सुनने का थ्रीटियर सिस्टम

कई बार दर्शकों को डिजिटल न्यूज या वेब सीरीज में कुछ बेहद आपत्तिजनक लगता है, लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता कि इसकी शिकायत कहां दर्ज कराएं. इस समस्या को सुलझाने के लिए सरकार ने एक बेहद मजबूत तीनस्तरीय शिकायत निवारण तंत्र लागू किया है. इसके पहले स्तर पर आपकी शिकायत सीधे पब्लिशर के पास जाएगी. अगर वहां सुनवाई नहीं होती, तो दूसरे स्तर पर पब्लिशर्स की एक सेल्फरेगुलेटिंग बॉडी इस मामले को देखेगी. इसके बाद भी समाधान न होने पर तीसरे स्तर पर केंद्र सरकार का निगरानी तंत्र सीधे दखल देगा. इस व्यवस्था ने दर्शक को अपनी शिकायत दर्ज कराने का एक पारदर्शी अधिकार दिया है.

फेक न्यूज से बचाने के लिए बना खास सेल

सोशल मीडिया के दौर में गलत खबरें बहुत तेजी से फैलती हैं. खासकर केंद्र सरकार की योजनाओं या फैसलों के बारे में भ्रामक जानकारियां आम लोगों को गुमराह कर देती हैं. इसे जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने एक ‘फैक्ट चेक यूनिट’ का गठन किया है. यह यूनिट सरकारी विभागों और आधिकारिक स्रोतों से किसी भी खबर की सच्चाई का पता लगाती है. इसके बाद सही और प्रामाणिक जानकारी को विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जनता के लिए पोस्ट किया जाता है.

अभिव्यक्ति की आजादी के साथ जवाबदेही भी जरूरी

सरकार ने साफ किया है कि इन नए नियमों का मकसद किसी की आवाज दबाना नहीं, बल्कि एक तय जवाबदेही सुनिश्चित करना है. आईटी नियम 2021 के तहत डिजिटल न्यूज और ओटीटी पब्लिशर्स के लिए एक विशेष आचार संहिता बनाई गई है. इसका मुख्य उद्देश्य यही है कि डिजिटल स्पेस में लोग अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का पूरा इस्तेमाल करें, लेकिन इस आजादी के नाम पर किसी भी तरह से देश के कानून का उल्लंघन न हो.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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