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छोटी बचत, बड़ा फायदा! रोज ₹100 निवेश करके ऐसे बना सकते हैं 1 करोड़ का फंड!​

अगर आप रिटायरमेंट, बच्चों की पढ़ाई या भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो जरूरी नहीं कि हर महीने हजारों या लाखों रुपये ही निवेश किए जाएं. सही समय पर शुरुआत और लगातार निवेश की आदत आपको छोटी रकम से भी बड़ा फंड बनाने में मदद कर सकती है. मान लीजिए […]

अगर आप रिटायरमेंट, बच्चों की पढ़ाई या भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो जरूरी नहीं कि हर महीने हजारों या लाखों रुपये ही निवेश किए जाएं. सही समय पर शुरुआत और लगातार निवेश की आदत आपको छोटी रकम से भी बड़ा फंड बनाने में मदद कर सकती है.

मान लीजिए आप रोज सिर्फ 100 रुपये बचाते हैं. यह रकम लगभग एक कप कॉफी, चाय या छोटेमोटे नाश्ते के बराबर होती है. यही पैसा अगर हर महीने 3,000 रुपये की SIP के रूप में लगातार 25 साल तक निवेश किया जाए, तो कंपाउंडिंग की ताकत से यह रकम 1 करोड़ रुपये से ज्यादा भी हो सकती है. हालांकि, यह पूरी तरह निवेश पर मिलने वाले रिटर्न पर निर्भर करेगा और बाजार से जुड़े निवेश में रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती.

कैसे बन सकता है करोड़ों का फंड?

अगर कोई व्यक्ति हर महीने ₹3,000 यानी रोज ₹100 निवेश करता है, तो 25 साल में उसका कुल निवेश सिर्फ ₹9 लाख होगा. अब मान लीजिए कि इस निवेश पर अलगअलग औसत सालाना रिटर्न मिलता है, तो अंतिम फंड कुछ इस तरह बन सकता है. यानी अगर लंबे समय तक औसतन 15% सालाना रिटर्न मिलता है, तो केवल ₹9 लाख का निवेश बढ़कर करीब ₹1.14 करोड़ हो सकता है.

अनुमानित सालाना रिटर्न मासिक निवेश कुल निवेश अनुमानित फंड
10% ₹3,000 ₹9 लाख ₹39.8 लाख
12% ₹3,000 ₹9 लाख ₹56.9 लाख
15% ₹3,000 ₹9 लाख ₹1.14 करोड़

ध्यान दें: यह सिर्फ एक उदाहरण है. म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार या अन्य मार्केट आधारित निवेश में रिटर्न निश्चित नहीं होता. वास्तविक रिटर्न बाजार की स्थिति पर निर्भर करता है.

कंपाउंडिंग कैसे करती है कमाल?

इस पूरे निवेश का सबसे बड़ा राज कंपाउंडिंग है. कंपाउंडिंग का मतलब है कि आपको सिर्फ मूल निवेश पर ही नहीं, बल्कि उस पर मिले मुनाफे पर भी लगातार रिटर्न मिलता है. समय के साथ यही प्रक्रिया आपके पैसे को तेजी से बढ़ाती है. यही कारण है कि निवेश की दुनिया में कहा जाता है कि “जल्दी शुरुआत करना, ज्यादा पैसा लगाने से भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकता है.”

जल्दी निवेश शुरू करना क्यों जरूरी है?

अगर आप कम उम्र में निवेश शुरू करते हैं, तो आपके पैसे को बढ़ने के लिए ज्यादा समय मिलता है. यही समय कंपाउंडिंग का सबसे बड़ा साथी होता है. जितना लंबा निवेश का समय होगा, उतना ही बड़ा फंड बनने की संभावना बढ़ेगी. इसलिए अगर कोई व्यक्ति 2530 साल तक लगातार निवेश करता है, तो छोटीछोटी बचत भी भविष्य में बड़ी रकम में बदल सकती है.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.
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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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