Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिला कारागार से एक बंदी के फरार होने के मामले ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म के मामले में जेल में बंद आरोपी विपिन कुमार शुक्रवार सुबह जेल से फरार हो गया. घटना का पता चलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया. पुलिस, जेल प्रशासन, क्राइम ब्रांच, जीआरपी और आरपीएफ की टीमें उसकी तलाश में जुट गईं. मामले में लापरवाही सामने आने के बाद जेलर समेत पांच अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि जेल अधीक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजी गई है.

जानकारी के अनुसार, बांसगांव थाना क्षेत्र के सरसोपार निवासी विपिन कुमार को 18 जुलाई को अपहरण के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. बाद में पीड़िता के नाबालिग होने के कारण उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की धाराएं भी जोड़ दी गई थीं. शुक्रवार सुबह जेल परिसर में स्थित खेत में बंदियों से सब्जी और खेती का काम कराया जा रहा था. इसी दौरान विपिन भी अन्य बंदियों के साथ मौजूद था. काम खत्म होने के बाद जब बंदियों की गिनती की गई तो वह गायब मिला. शुरुआत में जेल प्रशासन को उसकी जानकारी नहीं मिल सकी, लेकिन दोपहर करीब 12 बजे गिनती के दौरान उसके फरार होने की पुष्टि हुई.
पूरे जिले में अलर्ट, कई टीमें तलाश में जुटीं
घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गई. सभी बैरकों की दोबारा गिनती कराई गई. जिले के सभी थाना क्षेत्रों को अलर्ट कर दिया गया. शाहपुर और बांसगांव थाना पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच की टीमें भी आरोपी की तलाश में जुट गईं. रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है. जीआरपी और आरपीएफ को भी सतर्क कर दिया गया है.
पेड़ के सहारे भागने की आशंका
घटना की सूचना मिलने के बाद जिलाधिकारी दीपक मीणा और SSP समेत अन्य अधिकारी जिला कारागार पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया. जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान जेल परिसर में ऐसे पेड़ और उनकी डालियां मिली हैं, जिनके सहारे बाहर निकलने की संभावना दिखाई देती है. आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि फरार बंदी की गतिविधियों का पता लगाया जा सके.
जेल प्रशासन पर बड़ी कार्रवाई
मामले की प्रारंभिक जांच में जेल कर्मचारियों की लापरवाही सामने आने के बाद डीजी जेल पीसी मीना के निर्देश पर सख्त कार्रवाई की गई. जेलर अरुण कुमार, हेड जेल वार्डर ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव और रामजीत सिंह व जेल वार्डर जितेंद्र कुमार गौतम और जितेंद्र कुमार दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. इसके अलावा जिला जेल के अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजी गई है. सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है.
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
जेल से एक गंभीर आपराधिक मामले में बंद आरोपी के फरार होने के बाद जिला कारागार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि आखिर सुरक्षा व्यवस्था में चूक कहां हुई और आरोपी किस रास्ते से जेल से बाहर निकला. पुलिस का कहना है कि फरार बंदी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है. वहीं जेल प्रशासन पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है.