सोमवार, 27 जुलाई 2026 ब्रेकिंग
ठाणे के उल्हासनगर में ऑनर किलिंग! दूसरी जाति के लड़के से प्यार करती थी बेटी, मां ने चुनरी से घोंट दिया गला​ | Parliament Monsoon Session NEET Paper Leak Bill: पेपर लीक से जुड़ा परीक्षा संशोधन बिल लोकसभा में पेश, विपक्ष का हंगामा, संसद की कार्यवाही 28 जुलाई तक के लिए स्थगित​ | जिम्बाब्वे में फ्लॉप Abhishek Sharma होंगे बाहर! Sanju Samson को T20I टीम में लाने की Srikkanth की मांग​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Viral

भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीतने पर मीराबाई चानू बोलीं- ‘ध्यान रिकॉर्ड पर नहीं, प्रदर्शन पर था’​

भारत की भारोत्तोलन क्वीन मीराबाई चानू ने ग्लासगो में आयोजित 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में देश के लिए पहला स्वर्ण पदक जीतने के बाद अपनी खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और जो कुछ भी कर सकती थी, वह सब किया। मुझे खुशी है कि मैंने इन खेलों में भारत […]

भारत की भारोत्तोलन क्वीन मीराबाई चानू ने ग्लासगो में आयोजित 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में देश के लिए पहला स्वर्ण पदक जीतने के बाद अपनी खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और जो कुछ भी कर सकती थी, वह सब किया। मुझे खुशी है कि मैंने इन खेलों में भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता है।

मीराबाई चानू ने ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में स्नैच में 85 किलोग्राम वजन उठाकर नया रिकॉर्ड बनाया। साथ ही, उन्होंने भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता।

मीराबाई चानू ने कहा, “हर खिलाड़ी का सपना कॉमनवेल्थ गेम्स में जाने का रहता है। ये गेम्स हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं, ताकि हम देश के लिए कुछ करके दिखाएं। हर प्रतियोगिता में दबाव होता है, लेकिन हमें उसे संभालना होता है। यह मेरे लिए खास तौर पर अहम था क्योंकि मैं वेटलिफ्टिंग में अच्छा प्रदर्शन करना चाहती थी और भारत के लिए मेडल जीतना चाहती थी। मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और जो कुछ भी कर सकती थी, वह सब किया। मुझे खुशी है कि मैंने इन खेलों में भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता है।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं असल में कोई रिकॉर्ड तोड़ने के बारे में नहीं सोच रही थी क्योंकि 48 किलोग्राम वर्ग अब कॉमनवेल्थ गेम्स का हिस्सा नहीं रहेगी। मेरा ध्यान अपने प्रदर्शन पर था और यह समझने पर कि एशियाई खेलों से पहले मुझे किन सुधारों की जरूरत है।”

मीराबाई चानू ने यह भी बताया कि उनके कोच ने बोला कि ये करना है, तो मैंने बोला कि ठीक है मैं कर लूंगी, लेकिन रिकॉर्ड के लिए मैंने इतना नहीं सोचा था। यह खुशी की बात है कि रिकॉर्ड बना और इस तरह रिकॉर्ड बनना खिलाड़ियों के लिए खुशी की बात होती है।

उन्होंने कहा, “मैं खुशी से भर गई थी। ट्रेनिंग के दौरान मुझे कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिनमें चोटें और कई मुश्किल दौर शामिल थे। पोडियम पर खड़े होकर मुझे वे सभी त्याग याद आ गए। जब ​​हमारी मेहनत रंग लाती है और राष्ट्रगान बजता है, तो स्वाभाविक रूप से आंखों में आंसू आ जाते हैं। आज जो आंसू मेरी आंखों से निकले, वे खुशी के आंसू थे।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्वर्ण पदक जीतने पर मीराबाई चानू को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि मीराबाई चानू ने एक बार फिर अपने शानदार प्रदर्शन से देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने लगातार दूसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का बेहतरीन प्रदर्शन किया है।

 

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY