सोमवार, 27 जुलाई 2026 ब्रेकिंग
Innova Hycross Facelift होगी पहले से ज्यादा स्टाइलिश, नया लुक और एडवांस फीचर्स बनाएंगे खास​ | iPhone छोड़ Android अपनाना हुआ अब और भी आसान, Google का Android 17 लाएगा नया Data Transfer फीचर​ | Anxiety Vs Stress: एंग्जायटी को समझ लेते हैं रोज का स्ट्रेस, जानें दोनों में क्या है फर्क​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Viral

ट्रिप से लौटकर कहीं अस्पताल न जाना पड़े! हेपेटाइटिस A और E से बचने के लिए गांठ बांध लें ये बातें​

हर साल 28 जुलाई को दुनियाभर में World Hepatitis Day मनाया जाता है। घूमनाफिरना किसे पसंद नहीं होता है। चाहे वो सुकून भरी छुट्टियां हों, ऑफिस का कोई जरूरी टूर हो या फिर कोई धार्मिक यात्रा। मगर सोचिए, अगर ट्रिप से लौटकर आप किसी बीमारी का शिकार हो जाएं, तो सफर की सारी अच्छी यादें […]

हर साल 28 जुलाई को दुनियाभर में World Hepatitis Day मनाया जाता है।

घूमनाफिरना किसे पसंद नहीं होता है। चाहे वो सुकून भरी छुट्टियां हों, ऑफिस का कोई जरूरी टूर हो या फिर कोई धार्मिक यात्रा। मगर सोचिए, अगर ट्रिप से लौटकर आप किसी बीमारी का शिकार हो जाएं, तो सफर की सारी अच्छी यादें फीकी पड़ जाती हैं।

मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, साकेत के विशेषज्ञ डॉ. पंकज सिंह के मुताबिक, ट्रैवल के दौरान लोग अक्सर हेपेटाइटिस A और हेपेटाइटिस E की चपेट में आ जाते हैं। आइए एक नजर डालते हैं कि सफर के दौरान ये बीमारियां कैसे हम तक पहुंचती हैं और इनसे बचने के स्मार्ट तरीके क्या हैं।

शरीर में कैसे घुसपैठ करते हैं ये वायरस?

शायद आप जानते हों कि हेपेटाइटिस B और C मुख्य रूप से संक्रमित खून या बॉडी फ्लूइड्स के जरिए फैलते हैं, लेकिन हेपेटाइटिस A और E का तरीका बिल्कुल अलग है। ये सीधे आपके खानपान से जुड़े हैं।

जब आप अनजाने में दूषित पानी पीते हैं, गंदे पानी से बनी बर्फ का इस्तेमाल करते हैं, खुले में बिकने वाला या गंदे हाथों से परोसा गया स्ट्रीट फूड खाते हैं, तो ये वायरस आपके शरीर में एंट्री कर लेते हैं। साफसफाई की कमी ही इन बीमारियों की सबसे बड़ी वजह है।

किन्हें रहता है सबसे ज्यादा खतरा?

वैसे तो गंदा खाना या पानी किसी को भी बीमार कर सकता है, लेकिन कुछ खास लोगों को एक्स्ट्रा अलर्ट रहने की जरूरत होती है:

  • लगातार सफर करने वाले: वे लोग जो बिजनेस ट्रिप या एडवेंचर के लिए अक्सर बाहर रहते हैं।
  • स्ट्रीट फूड के शौकीन: जो बिना हाइजीन देखे सड़क किनारे मिलने वाले खानेपीने की चीजों का सेवन करते हैं।
  • खराब साफसफाई वाले इलाकों में जाने वाले: जहां साफ पीने के पानी की कमी हो।
  • लिवर के मरीज: जिन्हें पहले से लिवर की कोई क्रोनिक बीमारी है, उनके लिए यह इन्फेक्शन जानलेवा हो सकता है।
  • गर्भवती महिलाओं के लिए खास सलाह: प्रेग्नेंसी के दौरान अगर हेपेटाइटिस E का इन्फेक्शन हो जाए, तो यह मां और गर्भ में पल रहे बच्चे, दोनों के लिए बेहद गंभीर जटिलताएं पैदा कर सकता है।

शरीर कैसे देता है खतरे का सिग्नल?

अगर कोई व्यक्ति इस वायरस के संपर्क में आता है, तो बीमारी के लक्षण तुरंत नहीं दिखते। इन्हें उभरने में 2 से 8 हफ्ते तक का समय लग सकता है।

  • शुरुआती संकेत: लगातार बुखार रहना, भयंकर थकान, उल्टी और जी मिचलाना, भूख गायब हो जाना और पेट में दर्द रहना।
  • गंभीर संकेत: जैसेजैसे बीमारी बढ़ती है, आंखों और त्वचा में पीलापन आ जाता है। इसके अलावा पेशाब का रंग गहरा होना, मल का रंग हल्का होना और शरीर में तेज खुजली जैसे लक्षण नजर आते हैं।

सही समय पर देखभाल मिलने से ज्यादातर मरीज पूरी तरह ठीक हो जाते हैं। हालांकि, लिवर के पुराने मरीजों और गर्भवती महिलाओं में यह ‘एक्यूट लिवर फेलियर’ का कारण बन सकता है, जिसमें तुरंत अस्पताल जाने की जरूरत पड़ती है।

ट्रिप पर कैसे रखें अपनी सेहत का ख्याल?

बीमारी का नाम सुनकर घबराने की जरूरत नहीं है। सफर के दौरान बस कुछ स्मार्ट आदतें अपनाकर आप खुद को पूरी तरह सुरक्षित रख सकते हैं:

  • पानी का चुनाव सोचसमझकर: सिर्फ उबला हुआ, फिल्टर या सीलबंद पानी ही पिएं।
  • बर्फ से तौबा: बाहर मिलने वाले जूस या कोल्ड ड्रिंक में बर्फ डलवाने से बचें, क्योंकि अक्सर यह गंदे पानी से बनी होती है।
  • गर्मागर्म खाना: हमेशा ऐसा खाना खाएं जो ताजा बना हो और परोसते समय पूरी तरह गर्म हो।
  • कच्ची चीजों से दूरी: बाहर का कटा हुआ फल, कच्चा सलाद और अधपका सीफूड खाने की गलती बिल्कुल न करें।
  • हाथों की स्वच्छता: कुछ भी खाने से पहले और वॉशरूम के इस्तेमाल के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं। सफर में एक अच्छा अल्कोहल
    बेस्ड सैनिटाइजर हमेशा अपनी जेब या बैग में रखें।
  • हाइजीनिक रेस्टोरेंट: खाने के लिए ऐसी जगहें चुनें जो अपनी साफसफाई के लिए जानी जाती हों।

वैक्सीनेशन को न भूलें

हेपेटाइटिस A से बचने के लिए बाजार में एक बेहद कारगर और सुरक्षित वैक्सीन मौजूद है। जो लोग अक्सर सफर करते हैं, हेल्थकेयर फील्ड में काम करते हैं या जिन्हें लिवर की बीमारी है, उनके लिए यह वैक्सीन एक रक्षा कवच की तरह काम करती है। हालांकि, हेपेटाइटिस E के लिए फिलहाल कोई आम वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। इसलिए, साफ खाने और पानी का ध्यान रखना ही इससे बचने का एकमात्र अचूक उपाय है।

घूमनाफिरना हमारी जिंदगी में नए रंग भरता है, लेकिन सेहत से समझौता करके सफर करना समझदारी नहीं है। ‘वर्ल्ड हेपेटाइटिस डे’ हमें यही याद दिलाता है कि इलाज करवाने से कहीं ज्यादा आसान बीमारी से बचना है। अगली बार जब आप अपना बैग पैक करें, तो इन छोटीछोटी बातों को अपनी चेकलिस्ट में जरूर शामिल करें, ताकि आपका सफर अस्पताल के बिस्तर पर नहीं, बल्कि खूबसूरत यादों के साथ खत्म हो।

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY