गुरुवार, 23 जुलाई 2026 ब्रेकिंग
UP: पत्नी के लिए खरीदी थी साड़ी, उसी से लगा लिया फंदा… ऐसा क्या हुआ कि युवक ने दे दी जान?​ | नीट पेपर लीक केस में केंद्र सरकार का एक्शन: उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी को हटाया, नरेश पाल गंगवार बने नए सेक्रेटरी​ | ICC Rankings: हार के बावजूद भारतीय दिग्गजों का जलवा, Shubman Gill नंबर 2 पर, Joe Root की टॉप 10 में वापसी​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Viral

DNA रिपोर्ट ने खोला राज, सगा भाई ही निकला बच्चे का पिता… कोर्ट ने बेगुनाह युवक पर दर्ज केस किया रद्द​

Shimla News: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एक बेहद संवेदनशील और पेचीदा कानूनी मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. अदालत ने दुष्कर्म और POCSO एक्ट के झूठे आरोपों में फंसे एक बेगुनाह युवक के खिलाफ दर्ज एफआईआर को पूरी तरह निरस्त कर दिया है. जस्टिस राकेश कैंथला की एकल पीठ ने स्पष्ट किया कि जब वैज्ञानिक […]

Shimla News: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एक बेहद संवेदनशील और पेचीदा कानूनी मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. अदालत ने दुष्कर्म और POCSO एक्ट के झूठे आरोपों में फंसे एक बेगुनाह युवक के खिलाफ दर्ज एफआईआर को पूरी तरह निरस्त कर दिया है. जस्टिस राकेश कैंथला की एकल पीठ ने स्पष्ट किया कि जब वैज्ञानिक साक्ष्यों ने आरोपी को पूरी तरह बेगुनाह साबित कर दिया है, तो उसे आपराधिक मुकदमे की मानसिक और कानूनी प्रताड़ना झेलने के लिए विवश नहीं किया जा सकता.

मामले की शुरुआत बिलासपुर जिले से हुई थी. साल 2023 में बिलासपुर जिले के महिला पुलिस स्टेशन में नाबालिग पीड़िता के बयानों के आधार पर आयुष नाम के युवक पर केस दर्ज किया गया था. आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 , 506 और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत मामला दर्ज हुआ था. पीड़िता ने शिकायत में आरोप लगाया था कि 9 मार्च 2023 को आयुष ने उसके घर में घुसकर दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी, जिसके बाद वह गर्भवती हो गई और उसने एक बच्चे को जन्म दिया.

फॉरेंसिक लैब की डीएनए जांच में झूठा निकला आरोप

अदालत में मामले का रुख तब बदला जब वैज्ञानिक साक्ष्य सामने आए. पुलिस जांच के दौरान जब पीड़िता, नवजात शिशु और आरोपी आयुष के सैंपल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजे गए, तो आयुष का DNA बच्चे से मैच नहीं हुआ. इसके बाद जब अन्य संदिग्धों के DNA सैंपल की जांच की गई, तो रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ. पीड़िता का सगा भाई ही उस नवजात शिशु का जैविक पिता निकला.

डीएनए रिपोर्ट के बाद पीड़िता ने दर्ज कराया पूरक बयान

एफएसएल रिपोर्ट सामने आने के बाद पीड़िता ने पुलिस के समक्ष अपना पूरक बयान दर्ज कराया. पीड़िता ने अपने नए बयान में स्वीकार किया कि उसके सगे भाई ने ही उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए थे. वैज्ञानिक प्रमाणों और पीड़िता के बदले बयानों के आधार पर हाईकोर्ट ने माना कि आरोपी आयुष पर लगाए गए सभी आरोप निराधार थे, जिसके बाद अदालत ने उसके खिलाफ दर्ज FIR को निरस्त कर दिया.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY