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लखनऊ: साइंटिस्ट राहुल सिंह मौत मामले में नया मोड़, नोएडा के उद्योगपति और उनके 3 बच्चों पर लगे गंभीर आरोप​

Lucknow Crime News: गोरखपुर स्थित मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के युवा वैज्ञानिक एवं ड्रोन डिजाइन इनोवेटर राहुल सिंह की संदिग्ध मौत का मामला अब गंभीर कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है. राहुल के भाई रोहित सिंह की तहरीर पर लखनऊ के विभूतिखंड थाने में नोएडा के उद्योगपति चंद्रभूषण मिश्रा और उनके दो बेटों व […]

Lucknow Crime News: गोरखपुर स्थित मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के युवा वैज्ञानिक एवं ड्रोन डिजाइन इनोवेटर राहुल सिंह की संदिग्ध मौत का मामला अब गंभीर कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है. राहुल के भाई रोहित सिंह की तहरीर पर लखनऊ के विभूतिखंड थाने में नोएडा के उद्योगपति चंद्रभूषण मिश्रा और उनके दो बेटों व एक बेटी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया गया है. परिजनों का आरोप है कि उद्योगपति और उनके बच्चों द्वारा लगातार मानसिक प्रताड़ना, धमकियां और आर्थिक दबाव बनाए जाने से परेशान होकर राहुल ने आत्मघाती कदम उठाया.

महाराजगंज जिले के सिसवा बाजार क्षेत्र के छपरा गांव निवासी राहुल सिंह गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में रिसर्च कर रहे थे और ड्रोन तकनीक पर काम कर रहे थे. उनका शव मंगलवार को लखनऊ के गोमतीनगर स्थित एक होटल के कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था.

FIR के अनुसार, राहुल की मुलाकात वर्ष 2025 में दिल्ली में आयोजित एक प्रदर्शनी के दौरान नोएडा निवासी उद्योगपति चंद्रभूषण मिश्रा से हुई थी. इसके बाद उद्योगपति उन्हें अपने घर ले गए और कथित तौर पर अपने तीन बच्चों को ड्रोन प्रोजेक्ट से जोड़ने का प्रस्ताव दिया. परिजनों का आरोप है कि उद्योगपति चाहते थे कि राहुल अत्याधुनिक ड्रोन तैयार करें, लेकिन उसका पेटेंट उनके बच्चों के नाम से कराया जाए. इसके लिए करीब 85 लाख रुपये का सौदा तय हुआ. राहुल के खाते में लगभग 62 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए, जबकि शेष 23 लाख रुपये बाद में देने की बात कही गई.

प्रोजेक्ट और तकनीक हड़पने का आरोप

रोहित सिंह का आरोप है कि राहुल अपनी तकनीकी जानकारी केवल पेन ड्राइव के माध्यम से दिखाना चाहते थे, लेकिन उद्योगपति पक्ष ने कथित तौर पर प्रोजेक्ट की प्रस्तुति और अन्य सामग्री WhatsApp के जरिए हासिल कर ली. विरोध करने पर राहुल को धमकियां दी गईं और बाद में उन्हीं पर रुपये लौटाने का दबाव बनाया जाने लगा. FIR में यह भी आरोप लगाया गया है कि उद्योगपति ने पहले दिए गए मोबाइल फोन की कीमत वापस मांगी और फरवरी 2026 में कुछ लोगों के साथ राहुल के घर पहुंचकर अभद्रता की. व्हाट्सएप कॉल के जरिए अपहरण और गोली मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है.

पहले भी दर्ज कराया था मुकदमा

परिजनों के मुताबिक, उद्योगपति ने जनवरी 2026 में बस्ती नगर थाने में राहुल के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का मुकदमा भी दर्ज कराया था. इसके बाद से राहुल लगातार मानसिक तनाव में थे. राहुल का पोस्टमार्टम डॉक्टरों और फोरेंसिक विशेषज्ञों के पैनल की निगरानी में वीडियोग्राफी के साथ कराया गया. पोस्टमार्टम में मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आने पर हार्ट और विसरा सुरक्षित रख लिया गया है. अब पुलिस को फोरेंसिक और विसरा रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद मौत के कारण पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.

पुलिस क्या बोली?

हजरतगंज की एसीपी सौम्या पांडेय ने बताया कि राहुल सिंह के भाई की तहरीर पर उद्योगपति चंद्रभूषण मिश्रा, उनके दो बेटों और एक बेटी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया गया है. मामले की जांच की जा रही है. उपलब्ध साक्ष्यों और विवेचना के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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