रविवार, 12 जुलाई 2026 ब्रेकिंग
UP PCS Transfer: योगी सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 182 PCS अफसरों का ट्रांसफर, कई जिलों के SDM बदले​ | प्यार में बंदिशें बर्दाश्त नहीं… मुरादाबाद में नदी में कूदे कपल, एक शव बरामद​ | UP PCS Transfer: यूपी में बड़ा फेरबदल, 18 PCS अफसरों का ट्रांसफर, कई जिलों के SDM बदले, 7 महिला अधिकारियों को भी मिली नई पोस्टिंग​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Viral

राम मंदिर ट्रस्ट के कितने अधिकार और शक्तियां? आवेदन कर सुप्रीम कोर्ट से मांगी जानकारी​

श्रीराम जन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट के 9 नवंबर 2019 के फैसले को लेकर एक स्पष्टीकरण आवेदन दाखिल किया गया है. ⁠आवेदन एडवोकेट प्रकाश अवस्थी की ओर से दाखिल की गई है, जिसमें 2019 के फैसले के पैरा 804 और 805 की व्याख्या और स्पष्टीकरण मांगा गया है. खुद को राम भक्त बताते हुए एडवोकेट […]

श्रीराम जन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट के 9 नवंबर 2019 के फैसले को लेकर एक स्पष्टीकरण आवेदन दाखिल किया गया है. ⁠आवेदन एडवोकेट प्रकाश अवस्थी की ओर से दाखिल की गई है, जिसमें 2019 के फैसले के पैरा 804 और 805 की व्याख्या और स्पष्टीकरण मांगा गया है.

खुद को राम भक्त बताते हुए एडवोकेट ने अपने आवेदन में के गठन, अधिकार, प्रबंधन, मंदिर संपत्तियों के स्वामित्व और ट्रस्टियों की शक्तियों को स्पष्ट करने की मांग की गई है.

आवेदन में कहा गया है कि ट्रस्ट का संचालन पारदर्शिता, जवाबदेही और पेशेवर प्रशासन के सिद्धांतों के अनुरूप होना चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट से मांगा स्पष्टीकरण

⁠आवेदनकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से यह स्पष्ट करने का अनुरोध किया है कि क्या ट्रस्ट को सार्वजनिक धर्मार्थ के रूप में कार्य करना चाहिए या वह एक निजी स्वायत्त ट्रस्ट है? आवेदन में निर्मोही अखाड़ा की ट्रस्ट के प्रबंधन में भूमिका को लेकर भी स्पष्ट निर्देश देने की मांग की गई है.

आवेदन में मंदिर की भूमि और अन्य संपत्तियों के स्वामित्व पर भी सुप्रीम कोर्ट से स्पष्टीकरण मांगा गया है. आवेदन में ट्रस्ट और मंदिर प्रशासन के लिए स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति गठित करने का अनुरोध किया गया है, जो पेशेवर और धार्मिक परंपराओं के अनुरूप प्रशासनिक ढांचा सुझाए.

आवेदन में यह भी मांग की गई है कि ट्रस्ट पर लोक जवाबदेही के मानक लागू किए जाएं तथा सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 2 की प्रयोज्यता पर भी सुप्रीम कोर्ट स्पष्ट करे.

आवेदनकर्ता ने खुद को श्रद्धालु बताया

आवेदनकर्ता ने स्वयं को सुप्रीम कोर्ट का AdvocateonRecord और भगवान श्रीराम का श्रद्धालु बताया है तथा कहा है कि उन्होंने मंदिर में दर्शन और दान भी किया है. आवेदन में यह भी उल्लेख है कि याचिकाकर्ता मूल अयोध्या विवाद के पक्षकार नहीं थे, इसलिए वर्तमान आवेदन दाखिल करने की अनुमति भी मांगी गई है. इस आवेदन के साथ 9 नवंबर 2019 के सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले की प्रति भी संलग्न की गई है.

बता दें कि राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी की घटना सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने एसआईटी गठन का आदेश दिया है. मामले में आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है. और एसआईटी जांच जारी है. इस बीच आरोपों के बीच महामंत्री चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है. वहीं विपक्षी पार्टियों ने ट्र्स्ट की भूमिका पर सवाल उठाया है. कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में पूरे मामले की जांच की मांग की है.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY