ई दिल्ली: रम, ब्रांडी, जिन, व्हिस्की, वाइन और बीयर खरीदते समय बोतल पर लिखे फ्लेवर और शराब की उम्र से जुड़े दावों पर भरोसा करने वाले उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने कुछ शराब निर्माता कंपनियों को नियमों के उल्लंघन के आरोप में नोटिस जारी किया है.

मामला शराब में अतिरिक्त फ्लेवर मिलाने और बोतलों पर शराब की उम्र यानी ‘Age Claim’ से जुड़े कथित भ्रामक दावे करने से जुड़ा है. FSSAI ने संबंधित कंपनियों से जवाब मांगा है कि उनके खिलाफ Food Safety and Standards Act 2006 के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए.
शराब में फ्लेवर मिलाने पर क्यों उठे सवाल?
एफएसएसएआई के मुताबिक, कुछ कंपनियों पर रम, ब्रांडी, जिन, व्हिस्की, वाइन और बीयर जैसे अल्कोहलिक बेवरेज में नियमों के खिलाफ अतिरिक्त फ्लेवर मिलाने का आरोप है. नियामक संस्था का कहना है कि ऐसे फ्लेवर मिलाने से संबंधित शराब का प्राकृतिक स्वाद और खुशबू बदल सकती है. अगर किसी श्रेणी के लिए निर्धारित मानकों में इस तरह के फ्लेवर मिलाने की अनुमति नहीं है, तो ऐसा करना खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है. यानी कंपनियां किसी भी शराब में अपनी मर्जी से अतिरिक्त फ्लेवर मिलाकर उसे उसी श्रेणी के उत्पाद के तौर पर बाजार में नहीं बेच सकतीं. उन्हें FSSAI द्वारा निर्धारित मानकों और लेबलिंग नियमों का पालन करना जरूरी है.
बोतल पर लिखी शराब की उम्र को लेकर भी सवाल
FSSAI की कार्रवाई का दूसरा महत्वपूर्ण मुद्दा शराब की बोतलों पर किए जाने वाले ‘Age Claim’ से जुड़ा है. कई कंपनियां अपने उत्पादों की बोतलों पर ‘Aged’, ’12 Years Old’, ’18 Years Old’ या उम्र से जुड़े दूसरे शब्दों का इस्तेमाल करती हैं. शराब की उम्र को उसकी गुणवत्ता और कीमत से जोड़कर देखा जाता है. यही वजह है कि उपभोक्ता ऐसे दावों के आधार पर महंगी शराब खरीदने का फैसला कर सकते हैं. लेकिन अगर बोतल पर किया गया दावा नियमों के मुताबिक नहीं है, तो इससे ग्राहक गुमराह हो सकते हैं.
ब्लेंडेड शराब में कैसे तय होगी उम्र?
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल ब्लेंडेड स्पिरिट की उम्र को लेकर है. FSSAI के मुताबिक, जिन उत्पादों में अलगअलग उम्र की स्पिरिट को मिलाकर ब्लेंड तैयार किया गया है उनमें उम्र का दावा करते समय ब्लेंड में मौजूद सबसे कम उम्र वाली स्पिरिट को आधार बनाया जाना चाहिए. उदाहरण के तौर पर अगर किसी ब्लेंड में 18 साल, 12 साल और 8 साल पुरानी स्पिरिट मिलाई गई है, तो उस उत्पाद को 18 या 12 साल पुराना बताना उपभोक्ता को गुमराह कर सकता है. उम्र का दावा नियमों के मुताबिक सबसे कम उम्र वाली स्पिरिट के आधार पर किया जाना चाहिए. FSSAI ने पाया है कि कुछ मामलों में इस नियम के मुताबिक सही जानकारी नहीं दिए जाने की आशंका है.
‘Aged’ लिखकर ग्राहकों को किया जा रहा गुमराह?
FSSAI ने शराब की बोतलों पर ‘Aged’ और उम्र से जुड़े अन्य दावों के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए हैं. अगर कोई कंपनी यह दावा करती है कि उसका उत्पाद एक निश्चित अवधि तक परिपक्व किया गया है, तो उस दावे के समर्थन में निर्धारित नियमों के मुताबिक जानकारी और रिकॉर्ड होना जरूरी है. गलत या अस्पष्ट ‘Age Claim’ से उपभोक्ता यह समझ सकता है कि वह ज्यादा पुरानी और बेहतर गुणवत्ता वाली शराब खरीद रहा है, जबकि वास्तविक उत्पाद की स्थिति अलग हो सकती है.
कंपनियों को जारी हुआ कारण बताओ नोटिस
नियमों के कथित उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए FSSAI ने संबंधित शराब निर्माता कंपनियों को नोटिस जारी किया है. कंपनियों को नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही उनसे यह बताने को कहा गया है कि कथित उल्लंघनों के लिए उनके खिलाफ Food Safety and Standards Act, 2006 के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए. कंपनियों की ओर से दिए जाने वाले जवाब की जांच के बाद आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जा सकता है.
क्या बाजार से वापस मंगाई जाएगी शराब?
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि सभी संबंधित उत्पादों को बाजार से वापस मंगाने का आदेश दिया गया है या उनकी बिक्री पर रोक लगा दी गई है. अभी मामला नोटिस और कंपनियों से जवाब मांगे जाने के चरण में है. कंपनियों के जवाब, जांच और नियमों के कथित उल्लंघन की गंभीरता के आधार पर FSSAI आगे का फैसला कर सकता है.
शराब पीने वालों के लिए क्या है जरूरी बात?
इस कार्रवाई का सीधा मतलब यह नहीं है कि बाजार में उपलब्ध रम, ब्रांडी, जिन, व्हिस्की, वाइन और बीयर के सभी ब्रांड नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं. उपभोक्ताओं को शराब खरीदते समय बोतल पर दी गई जानकारी, उत्पाद की श्रेणी, फ्लेवर से जुड़ी जानकारी, Age Claim और अन्य लेबलिंग विवरण को ध्यान से देखना चाहिए. अगर किसी उत्पाद पर उसकी उम्र, गुणवत्ता या सामग्री को लेकर भ्रामक जानकारी दी जाती है तो यह उपभोक्ताओं के हितों को प्रभावित कर सकता है.