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8वें वेतन आयोग में बदल सकते हैं पेंशन के नियम, 100% तक पेंशन देने पर विचार

8वें वेतन आयोग में बदल सकते हैं पेंशन के नियम, 100% तक पेंशन देने पर विचार

फिटमेंट फैक्टर और DA में बढ़ोतरी के अलावा, इस बार 8वें वेतन आयोग को लेकर चल रही चर्चाओं में रिटायर हो चुके केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एक नई पेंशन व्यवस्था शुरू करने की संभावना पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है. जिसमें रिटायरमेंट के बाद की सेफ्टी एक अहम चर्चा का विषय बन गई है. NC-JCM ने 8वें CPC को दिए अपने ज्ञापन में कहा कि रिटायरमेंट के बाद एक अच्छी और सम्मानजनक जिंदगी जीने के लिए, जिससे कम से कम दो सदस्यों वाले परिवार का गुजारा हो सके, पूरी पेंशन को मौजूदा 50 फीसदी के बजाय ‘आखिरी वेतन का 67 फीसदी’ (LPD) या ‘पिछले 10 महीनों के वेतन का औसत’ (जो भी ज़्यादा फ़ायदेमंद हो) तय किया जाना चाहिए. इसमें एक संसदीय स्थायी समिति की सिफारिश का भी ज़िक्र किया गया है, जिसमें रिटायरमेंट के बाद हर पांच साल में 5 फीसदी अतिरिक्त पेंशन देने का प्रस्ताव रखा गया था. इसके अनुसार, यह व्यवस्था कुछ इस तरह होनी चाहिए:

8वें वेतन आयोग में बदल सकते हैं पेंशन के नियम, 100% तक पेंशन देने पर विचार
8वें वेतन आयोग में बदल सकते हैं पेंशन के नियम, 100% तक पेंशन देने पर विचार

65 साल: आखिरी वेतन का 70 फीसदी (LPD)
70 साल: LPD का 75 फीसदी
75 साल: LPD का 80 फीसदी
80 साल: LPD का 85 फीसदी
85 साल: LPD का 90 फीसदी
90 साल: LPD का 100 फीसदी

OPS, NPS या UPS में से किसी एक को चुनना

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कर्मचारियों के प्रतिनिधियों का कहना है कि हाल के हफ्तों में पेंशन में ज्यादा लचीलेपन को लेकर चल रही चर्चाओं ने भी जोर पकड़ा है. इस प्रस्ताव के तहत, कर्मचारियों को अपनी ज़रूरतों के हिसाब से सबसे सही पेंशन व्यवस्था चुनने की आजादी दी जा सकती है—चाहे वह OPS हो, NPS हो या फिर UPS. पुरानी पेंशन योजना (OPS) भारत में सरकारी कर्मचारियों के लिए एक ‘निश्चित-लाभ’ वाली रिटायरमेंट योजना है. यह एक तय पेंशन की गारंटी देती है, जो कर्मचारी के आखिरी वेतन और महंगाई भत्ते (DA) से जुड़ी होती है. इस पेंशन का पूरा खर्च सरकार उठाती है; जिसका मतलब है कि कर्मचारियों को अपनी नौकरी के दौरान इस फंड में कोई योगदान नहीं देना पड़ता.

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क्या है एनपीएस

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) ‘कंट्रीब्यूशन बेस्ड’ मॉडल पर काम करती है. इसमें कर्मचारी अपनी नौकरी के दौरान अपने वेतन का एक हिस्सा इस फंड में जमा करते हैं, और सरकार भी अपनी तरफ से उतना ही योगदान देती है. पेंशन की अंतिम रकम, जमा हुई कुल राशि (corpus) और बाजार से मिलने वाले रिटर्न पर निर्भर करती है. आलोचकों का कहना है कि रिटायरमेंट के फायदे बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर नहीं होने चाहिए. यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) NPS-शैली के योगदानों को सुनिश्चित पेंशन फ़ायदों के साथ मिलाकर इस खाई को पाटने की कोशिश करती है.

क्यों जरूरी है 8वां वेतन आयोग?

8वां वेतन आयोग इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे 1.1 करोड़ से ज्यादा लाभार्थियों पर असर पड़ने की उम्मीद है, जिनमें केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनभोगी, साथ ही उनके परिवार भी शामिल हैं. अब तक, भारत में सात वेतन आयोग बन चुके हैं. पहला वेतन आयोग जनवरी 1946 में बनाया गया था, और तब से, आम तौर पर हर 10 साल में एक नया वेतन आयोग बनाया जाता रहा है. 8वां वेतन आयोग 3 नवंबर 2025 को बनाया गया था.

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