Viral

तीसरे विश्वयुद्ध’ का काउंटडाउन शुरू? अमेरिका ने ईरान के रडार और ड्रोन ठिकानों को बमों से उड़ाया, दहल उठा कुवैत, आसमान से बरसीं मिसाइलें!

तीसरे विश्वयुद्ध’ का काउंटडाउन शुरू? अमेरिका ने ईरान के रडार और ड्रोन ठिकानों को बमों से उड़ाया, दहल उठा कुवैत, आसमान से बरसीं मिसाइलें!

मध्य पूर्व (Middle East) में कई हफ़्तों से लागू नाजुक युद्धविराम के बीच एक बार फिर बारूद की गूंज सुनाई दी है। अमेरिकी सेना ने सोमवार को जानकारी दी कि सप्ताहांत में ईरान द्वारा एक अमेरिकी ‘एमक्यू-1 प्रीडेटर’ (MQ-1 Predator) ड्रोन को मार गिराए जाने के जवाब में अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के रडार और ड्रोन नियंत्रण केंद्रों पर भारी बमबारी की है। इस हमले के बाद ईरान ने भी जवाबी सैन्य कार्रवाई की बात स्वीकार की है। वहीं, पड़ोसी देश कुवैत ने भी सोमवार तड़के खुद पर ड्रोन और मिसाइल हमले होने का दावा किया है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। इस बीच कुवैत ने कहा कि उस पर ड्रोन एवं मिसाइल हमले किए गए जिन्हें उनके लक्ष्य तक पहुंचने से रोकने के लिए उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने कार्रवाई शुरू कर दी।
ये हमले ईरान युद्ध में कई सप्ताह से लागू युद्धविराम की नाजुक स्थिति को दर्शाते हैं।

तीसरे विश्वयुद्ध' का काउंटडाउन शुरू? अमेरिका ने ईरान के रडार और ड्रोन ठिकानों को बमों से उड़ाया, दहल उठा कुवैत, आसमान से बरसीं मिसाइलें!
तीसरे विश्वयुद्ध' का काउंटडाउन शुरू? अमेरिका ने ईरान के रडार और ड्रोन ठिकानों को बमों से उड़ाया, दहल उठा कुवैत, आसमान से बरसीं मिसाइलें!

इसे भी पढ़ें:

 

अमेरिकी और ईरानी अधिकारी इस युद्धविराम की अवधि को बढ़ाने के लिए समझौते पर बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद हमले लगातार जारी हैं।
ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ बनाए हुए है जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित हुई है। कभी फारस की खाड़ी के इस संकरे मुहाने से तेल और प्राकृतिक गैस के वैश्विक कारोबार का पांचवां हिस्सा गुजरता था।
इस बीच, स्थिति लगातार और चिंताजनक हो रही है।

इसे भी पढ़ें:

इजराइल ने लेबनान में लितानी नदी से आगे भी कब्जा कर लिया है, जबकि उग्रवादी समूह हिजबुल्ला इजराइल में ड्रोन हमले जारी रखे हुए है।
अमेरिकी सेना की ‘सेंट्रल कमांड’ ने कहा कि उसने शनिवार और रविवार को ईरान में गेरुक शहर और केशम द्वीप के आसपास हमले किए।
‘सेंट्रल कमांड’ ने कहा, ‘‘सीमित और सोच-समझकर किए गए ये हमले ईरान की आक्रामक कार्रवाइयों के जवाब में किए गए जिनमें अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र के ऊपर उड़ान भर रहे ‘अमेरिकी एमक्यू-1’ ड्रोन को मार गिराना शामिल है।’

Khabar Monkey

उसने कहा, ‘‘अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ईरानी वायु रक्षा प्रणालियों, एक जमीनी नियंत्रण केंद्र और दो ऐसे ड्रोन को नष्ट कर दिया जो क्षेत्रीय जलक्षेत्र से गुजर रहे पोतों के लिए स्पष्ट खतरा पैदा कर रहे थे।’’
प्रीडेटर ड्रोन को अमेरिकी वायुसेना सेवा से हटा चुकी है और अब वह ‘एमक्यू-9 रीपर’ ड्रोन का इस्तेमाल करती है लेकिन अमेरिकी थल सेना अब भी प्रीडेटर ड्रोन का उपयोग करती है।

अमेरिकी सेना ने कहा कि इन हमलों में कोई अमेरिकी सैनिक हताहत नहीं हुआ।
इस बीच कुवैत ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने ड्रोन और मिसाइल हमलों को रोकने के लिए सोमवार तड़के कार्रवाई शुरू कर दी।
ईरान के सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए की खबर के अनुसार, ईरानी अर्द्धसैन्य बल ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ ने एक बयान में बताया कि अमेरिकी बलों ने एक द्वीप पर दूरसंचार टावर को निशाना बनाया।
‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ ने कहा कि उसने जवाबी हमला किया लेकिन यह नहीं बताया कि हमला कहां किया गया।

इससे पहले, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सलाहकारों से शुक्रवार को मुलाकात की थी लेकिन उन्होंने अभी यह तय नहीं किया है कि युद्धविराम की अवधि बढ़ाने और जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के समझौते पर आगे बढ़ना है या नहीं। ईरान ने कहा है कि समझौते को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है।
ट्रंप ने सोमवार तड़के अपने ‘ट्रुथ सोशल’ मंच पर एक पोस्ट में लिखा, ‘‘ईरान सचमुच समझौता करना चाहता है और यह अमेरिका एवं हमारे साथ खड़े देशों के लिए अच्छा समझौता होगा।

 Stay updated with on Prabhasakshi

khabarmonkey@gmail.com

Leave a Reply