विमानन कंपनी स्पाइसजेट (SpiceJet) एक बार फिर गहरे वित्तीय संकट में घिरती नजर आ रही है. कंपनी पर GST रिटर्न दाखिल न करने के चलते 124 करोड़ रुपये से ज्यादा की टैक्स देनदारी का पहाड़ टूट पड़ा है. हालात इतने गंभीर हैं कि विभाग ने कंपनी का GST रजिस्ट्रेशन रद्द करने तक की चेतावनी दे दी है. इस झटके का सीधा असर सोमवार को शेयर बाजार खुलने पर स्पाइसजेट के निवेशकों पर दिख सकता है, जहां इसके शेयरों में भारी गिरावट की आशंका जताई जा रही है.
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लापरवाही पड़ी भारी, 124 करोड़ का टैक्स नोटिस
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, जीएसटी विभाग ने कंपनी से 124.65 करोड़ रुपये का टैक्स मांगा है. दरअसल, एयरलाइन ने पिछले कई महीनों से अपना जीएसटी रिटर्न ही दाखिल नहीं किया है. इस बड़ी लापरवाही को देखते हुए विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है. समय पर रिटर्न न भरने के कारण कंपनी को एक कारण बताओ नोटिस थमा दिया गया है. 25 मई 2026 को जारी इस नोटिस में स्पष्ट पूछा गया है कि क्यों न स्पाइसजेट का जीएसटी रजिस्ट्रेशन ही रद्द कर दिया जाए.
हर महीने बढ़ता गया बकाया
जीएसटी अधिकारियों के मुताबिक, स्पाइसजेट लंबे समय से रिटर्न जमा करने में अनियमितता बरत रही है. इसी के चलते सीजीएसटी (CGST) और एसजीएसटी (SGST) अधिनियम, 2017 की धारा 62 के तहत एक प्रोविजनल असेसमेंट किया गया. टैक्स डिमांड के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि यह बोझ लगातार बढ़ता गया. अकेले नवंबर 2025 में कंपनी पर 44.44 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया था. इसके बाद दिसंबर 2025 में यह आंकड़ा 43.79 करोड़ रुपये रहा. जनवरी 2026 में 12.19 करोड़, फरवरी में 12.10 करोड़ और मार्च 2026 के लिए 12.12 करोड़ रुपये की टैक्स डिमांड तय की गई है. नोटिस मिलने के बाद भी एयरलाइन ने पेंडिंग रिटर्न फाइल नहीं किए हैं.
सोमवार को क्रैश हो सकता है शेयर
इस पूरी खींचतान का सबसे बड़ा नुकसान कंपनी के आम निवेशकों को उठाना पड़ सकता है. जानकारों का मानना है कि सोमवार, 1 जून को जब बाजार खुलेगा, तो इस खबर के दबाव में स्पाइसजेट के शेयरों में बड़ी गिरावट आ सकती है. शुक्रवार, 29 मई को बीएसई (BSE) पर कंपनी का शेयर महज 12.75 रुपये पर बंद हुआ था. निवेशकों के लिए यह साल एक बुरे सपने जैसा रहा है. साल 2026 की शुरुआत से अब तक शेयर करीब 60 प्रतिशत टूट चुका है, जबकि पिछले एक साल में इसमें 70 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है. बीते 3 महीनों में ही शेयर 20 प्रतिशत कमजोर हुआ है. अपने 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर से यह शेयर लगभग 73 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा है. फिलहाल कंपनी का मार्केट कैप 1900 करोड़ रुपये के पार है.
लगातार घाटे से टूट रही कंपनी की कमर
वित्तीय मोर्चे पर भी एयरलाइन भारी दबाव में है. मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास कंपनी की 24.19 प्रतिशत हिस्सेदारी थी. कंपनी ने अभी तक जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के नतीजे घोषित नहीं किए हैं. इससे पिछली तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2025) की बात करें, तो स्पाइसजेट को 261.38 करोड़ रुपये का भारी-भरकम कंसोलिडेटेड शुद्ध घाटा झेलना पड़ा था. हैरानी की बात यह है कि ठीक एक साल पहले इसी अवधि में कंपनी 20.43 करोड़ रुपये के मुनाफे में थी. हालांकि, ऑपरेशंस से कंपनी के रेवेन्यू में सालाना आधार पर 14 प्रतिशत का उछाल जरूर आया था, जो 1,237 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,408 करोड़ रुपये हो गया था.
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